भारतीय खाद्य निगम के डिविजनल ऑफिस अलीगढ़ में एआई टूल्स और राजभाषा प्रयोग विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता डिविजनल मै
एआई टूल्स और राजभाषा प्रयोग विषय पर विचार गोष्ठी
अलीगढ़ 18 मार्च 2026 भारतीय खाद्य निगम के डिविजनल ऑफिस अलीगढ़ में एआई टूल्स और राजभाषा प्रयोग विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता डिविजनल मैनेजर श्री रोशन लाल तामसोय ने की । इस विषय पर मुख्य वक्ता कर्मचारी राज्य बीमा निगम मुख्यालय नई दिल्ली के पूर्व संयुक्त निदेशक श्री क्षेत्रपाल शर्मा ने ए आई (कृत्रिम बुद्धि)के विभिन्न टूल्स पर सभी उपस्थितों को समझाया।
उन्होंने कहा कि एक समय होता है, जब क्रांति होती है जो बदलाव लाती है उससे समाज व परिवैश में उथल पुथल होती है।। जब भाप का इंजन बना था तब आपको याद होगा, तांगे वालों की भाषा भी आपको याद हो सकती है ,जो की चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी उसने कहा था मैं अंकित है।
हिंदी फिल्मों के मामले में समझें तो आजादी के आसपास एक फिल्म हिंदी फिल्म नया दौर आई थी जिसमें दिलीप कुमार तांगे वाले के बीच और मोटर गाड़ी वाले के बीच तकरार हुई थी। आगे शोले पिक्चर में तांगे वाली बसंती भी आपने देखी होगी। और बैलगाड़ी का प्रयोग हिंदी फिल्म नदिया के पार में आपको याद होगा। परंतु आज मानव रहित ड्रोन नई-नई मशीन ए आई टूल के आधार पर विकसित की जा चुकी है रोबोट वह काम कर रहे हैं जो काम में मैनपावर को रिप्लेस करने के लिए किसी समय कंप्यूटर ने किया था। टकराव मोटर गाड़ियों के आने से इसलिए हुआ कि अर्जन क्षमता पर असर पड़ सकता था।
आज एआई के विभिन्न टूल ह्यूमन ब्रेन को रिप्लेस करने की सोच रहेहैं। ठीक ठीक अभी मूल्यांकन कर पाना संभव नहीं , कैसे मानव जाति को कितना नुकसान अथवा कितना फायदा हो सकता है लेकिन सब कुछ इसके विवेकपूर्ण प्रयोग पर निर्भर करेगा। एंथ्रोपिक जो गूगल से भी श्रेष्ठ है ने अपने ए आई टूल्स बनाए हैं इनमें कुछ फ्री वर्जन है अथवा कुछ चैट जीपीटी, परप्लेक्सिटी ,को पायलट , इमेज और सेंसर आदि के कई टूल्स अभी उपलब्ध है। शिक्षा और चिकित्सा जगत में इनकी विशेष उपयोगिता है जो कठिन काम को भी आसानी से आपके सामने करके दे देते हैं। ध्यान रखने लायक बात यह है कि यह सब और भाषा के संबंध में इनका मटेरियल विभिन्न भारतीय भाषाओं में अलग-अलग मात्रा अथवा अलग-अलग क्वालिटी का हो सकता है, प्रोग्रामर डेवलपर कु भाषा पर ,या उसके संबंध में जितनी जिसको जानकारी होगी और इंजन जहां से भी थ्रेड ले सकता है , उतनी ही अधिक जानकारी उस भाषा में आपको अथवा ज्यादा मिल सकती है ।
ध्रुव राठी के ए आई फिएस्टा पर भी चर्चा की । इसमें जरूर के अनुसार आप अपनी पसंद का वर्जन का चयन कर सकते हैं साथ ही कुछ नए Genspark, Gamma और क्रोनिकल एच क्यू, अनुप्रयोग , व wispr Flow पर भी बात की । दीप सीक र डीप फेक के अंतर को भी बताया राजयोग बुटीकस और द्रोण का है मानव श्रम की सीमित आवश्यकता प्रतीत होने लग गई है और आज उद्योगपतियों से लेकर जनसाधारण तक इन ए तो लॉन्ग पर निर्भर होते जा रहे हैं। फिर भी सावधानी से इनका प्रयोग इसलिए करना होगा कि सर्वोच्च न्यायालय ने माननीय मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस नाग रतन जी की पीठ ने फरवरी 2026 में आगाह किया , कि वकील ऐसे जजमेंट ऐसे आवेदन पत्र दे रहे हैं जिनमें हवाले गलत हैं ऊपर तो ठीक लगता है , लेकिन उनका कंटेंट दोषपूर्ण है । इसलिए वे सभी मामले रजिस्ट्री में दाखिल करने से पहले ,बाकायदा बारीकी से एडिटिंग करके और देखभाल करके ही प्लेन्ट और काउंटर -प्लेंट प्रस्तुत किए जाएं।
डिविजनल मैनेजर रोशन लाल तामसोय ने घर पर दफ्तरों में भाषा संबंधी इन ए तो लोन के सावधानीपूर्वक बोल दिया जोर देकर कहा कि हमें दिन प्रतिदिन कामकाज हिंदी भाषा में बढ़ाना चाहिए। साथ ही उन्होंने श्री शर्मा का धन्यवाद व्यक्त किया कि एक नये विषय पर अच्छी जानकारी उपलब्ध कराई।इस विचार गोष्ठी का आयोजन राजभाषा प्रभारी चंद्रकांत उपाध्याय ने किया।


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