नई दिल्ली में 22वां इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल विश्वभर की कठपुतली कला का अद्भुत संग
नई दिल्ली में 22वां इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवलविश्वभर की कठपुतली कला का अद्भुत संग
● इटली, कोरिया, भूटान, तुर्की, अल्बानिया और भारत सहित छह देशों के अग्रणी कठपुतली कलाकारों को एक मंच पर आकर वैश्विक कठपुतली परंपराओं की विविधता का प्रदर्शन करेंगे।
● भारत के सबसे लंबे समय से चल रहे अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल के 22वें संस्करण का उत्सव, जिसकी स्थापना प्रख्यात कठपुतली कलाकार दादी डी. पुदुमजी ने की थी।
● इटली की उल्लेखनीय भागीदारी, जो वर्षों से फेस्टिवल को मिलते आ रहे इटालियन कल्चरल सेंटर के निरंतर समर्थन को दर्शाती है।
● कल्चर आर्ट बेकरी एफएफवांग (कोरिया) फेस्टिवल की शुरुआत ‘डूंग डूंग अलर्ट’ से करेगा, जिसमें पारंपरिक कोरियाई कहानी कहने की शैली को बाल मनोविज्ञान और इंटरएक्टिव कठपुतली कला के साथ जोड़ा गया है (उम्र 6 वर्ष से ऊपर)।
● ऐतिहासिक तिराना पपेट थिएटर (अल्बानिया) प्रस्तुत करेगा ‘अल्बानियन वेडिंग’, जो सदियों पुरानी बाल्कन लोककथाओं पर आधारित है (सभी आयु वर्ग)।
● स्नो लेपर्ड थिएटर (भूटान) दर्शकों को ‘संगय सिद्धार्थ’ से परिचित कराएगा, जिसमें जातक कथाओं को समकालीन कहानी कहने की तकनीकों के साथ सहज रूप से बुना गया है ।
● भारत की समकालीन कठपुतली कला की सबसे सम्मानित आवाज़ों में से एक अनुरूपा रॉय, ‘ड्रीमलूम’ का निर्देशन करती हैं, जो परित्यक्त सामग्रियों को सशक्त राजनीतिक और सामाजिक बिंबों में रूपांतरित करता है (सभी आयु वर्ग)।
● डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स, 13 फरवरी 2026 को ‘पपेट्स ऑफ इंडिया’ विषय पर स्मारक डाक टिकट जारी करेगा, जो इशारा फेस्टिवल और पूरे भारत के कठपुतली कलाकारों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
नई दिल्ली, भारत | 30 जनवरी 2026: इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल का 22वां संस्करण 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दुनिया भर से आई असाधारण कठपुतली प्रस्तुतियों का मंचन होगा। यह फेस्टिवल विभिन्न देशों के कलाकारों को एक साथ लाता है, जिससे बहुसांस्कृतिक संवाद और आदान-प्रदान के साथ-साथ विश्वस्तरीय मनोरंजन का अनुभव मिलता है। टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित और इशारा पपेट थिएटर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित यह फेस्टिवल इंडिया हैबिटेट सेंटर में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो कठपुतलियों की इस भव्य प्रस्तुति और रंगारंग आयोजन के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है।
इस फेस्टिवल मुख्यता कठपुतली के माध्यम से कहानी कहने का उत्सव है। प्रत्येक प्रस्तुति एक नई दुनिया का द्वार खोलती है, जहां दूर-दराज़ के कोनों से आई कठपुतलियां मंच पर जीवंत होती हैं। प्राचीन परंपराओं में रची-बसी और समकालीन रचनात्मकता से आकार लेती यह श्रृंखला, इस वर्ष इटली, कोरिया, भूटान, तुर्की और अल्बानिया के साथ-साथ भारत के अपने प्रतिष्ठित कठपुतली उस्तादों की प्रस्तुतियाँ पेश कर रही है, जिन्हें विभिन्न आयु वर्गों को ध्यान में रखकर सावधानीपूर्वक क्यूरेट किया गया है।
इशारा पपेट थिएटर ट्रस्ट के फेस्टिवल डायरेक्टर और संस्थापक दादी डी. पुदुमजी ने कहा “एक ही मंच पर 22 वर्षों से कठपुतलियों, संगीत और जुनून का यह उत्सव है। एक बार फिर मंच सज चुका है संस्कृतियों के बीच एक जादुई यात्रा के लिए, जहां डोरियां, हाथ, परछाइयां और कल्पनाएं मिलकर अविस्मरणीय स्मृतियां रचती हैं, और डाक विभाग भारत की कठपुतलियों पर विशेष स्मारक डाक टिकटों की एक श्रृंखला का अनावरण करेगा,”
टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और फेस्टिवल के प्रोड्यूसर संजॉय के. रॉय ने कहा “22 वर्ष केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि इशारा की दीर्घकालिक दृष्टि का प्रमाण हैं। जो पहल कठपुतली कला के उत्सव के रूप में शुरू हुई थी, वह आज एक सशक्त अंतर्राष्ट्रीय मंच बन चुकी है, जो अपनी परंपराओं में जड़ें जमाए रखते हुए इस कला रूप को निरंतर नए सिरे से गढ़ती है। वर्षों से इशारा ने कलाकारों की कई पीढ़ियों को समर्थन और प्रेरणा दी है, साथ ही संवाद, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है। फेस्टिवल की यह यात्रा कठपुतली को जीवित, प्रासंगिक और आज तथा आने वाले समय के दर्शकों के लिए अर्थपूर्ण बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
देखने योग्य प्रमुख प्रस्तुतियाँ
डूंग डूंग अलर्ट (कोरिया | 13 फरवरी | उम्र 6 वर्ष से ऊपर)
पारंपरिक कोरियाई लोककथाओं, वस्तुओं और छाया कठपुतली के माध्यम से बाल्यावस्था की चिंता जैसे विषयों को संबोधित करने वाली एक इंटरएक्टिव प्रस्तुति।
प्रस्तुति: कल्चर आर्ट बेकरी एफएफवांग
निर्देशन: ह्वांग सियोकयोंग
वैरिएशंस (इटली | 14 फरवरी | सभी आयु वर्ग)
मंच पर जन्मी डोरी कठपुतली ‘प्रोटो’, जिज्ञासा और आनंद के साथ दुनिया को खोजती है। सजीव संगीत और गतिशीलता से भरपूर यह प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
प्रस्तुति: दी फिलिपो मेरियोनेट
निर्देशन: रेमो दी फिलिपो और रोडा लोपेज़
अल्बानियन वेडिंग
रेड राइडिंग हूड मीट्स प्रिंसेस डोनिका (अल्बानिया | 15 फरवरी | सभी आयु वर्ग)
एक जीवंत संगीतमय प्रस्तुति, जिसमें रेड राइडिंग हूड की कथा को प्रिंसेस डोनिका की ऐतिहासिक शाही शादी की कहानी के साथ पिरोया गया है।
प्रस्तुति: तिराना पपेट थिएटर
निर्देशन: पाओलो कोमेंताले
एम आई लॉस्ट? (दिल्ली, भारत | 16 फरवरी | उम्र 10 वर्ष से ऊपर)
एक सच्ची घटना से प्रेरित यह संवेदनशील प्रस्तुति ‘सफर’ नामक एक बालक की यात्रा को दर्शाती है, जो शहर में संघर्ष और आशा के बीच अपना रास्ता तलाशता है।
प्रस्तुति: पपेटशाला परफॉर्मिंग आर्ट्स
निर्देशन: मोहम्मद शमीम और वी. आरती
द रेनबो फिश (चंडीगढ़, भारत | 17 फरवरी | सभी आयु वर्ग)
दोस्ती, उदारता और करुणा का उत्सव मनाती एक जादुई जल-जगत की कहानी, जिसे आकर्षक कठपुतली और संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया है।
प्रस्तुति: पपेट थिएटर चंडीगढ़ (पीएनए)
निर्देशन: सुभासिस नियोगी
संगय सिद्धार्थ (भूटान | 18 फरवरी | सभी आयु वर्ग
जातक कथाओं का काव्यात्मक पुनर्कथन, जिसमें परंपरा, तकनीक और संवेदनशील कहानी कहने की शैली का सुंदर संगम है।
प्रस्तुति: स्नो लेपर्ड थिएटर
निर्देशन: चार्मी छेड़ा
ड्रीमलूम (केरल, भारत | 19 फरवरी | उम्र 7 वर्ष से ऊपर)
एक सशक्त मटीरियल-थिएटर प्रस्तुति, जिसमें फेंकी गई वस्तुओं को प्रतिरोध और आशा के प्रभावशाली बिंबों में बदला गया है।
प्रस्तुति: एमटीए द्वितीय वर्ष, स्कूल ऑफ ड्रामा एंड फाइन आर्ट, त्रिशूर
निर्देशन: अनुरूपा रॉय
जैक एंड द बीनस्टॉक (दिल्ली, भारत | 20 फरवरी | सभी आयु वर्ग)
क्लासिक परीकथा का एक संगीतमय भारतीय रूपांतरण, जो पीढ़ियों के बीच कल्पना और कहानी कहने की परंपरा का उत्सव मनाता है।
प्रस्तुति: पपेट स्टूडियो
निर्देशन: मनीष राम सचदेवा
द रॉक (तुर्की | 21 फरवरी | सभी आयु वर्ग)
दृश्यात्मक रूप से चंचल, संवाद-रहित प्रस्तुति, जो हास्य और कल्पनाशीलता के माध्यम से जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।
प्रस्तुति: उचानेलर कुकलाएवी (फ्लाइंग हैंड्स पपेट थिएटर)
निर्देशन: थियोडोरा पोपोवा लाज़ोरोवा
अमृता शेर-गिल: अ लाइफ लिव्ड (दिल्ली, भारत | 22 फरवरी | उम्र 15 वर्ष से ऊपर)
भारत की सबसे दूरदर्शी कलाकारों में से एक को समर्पित एक मार्मिक श्रद्धांजलि, जिसे कठपुतली, संगीत और कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
प्रस्तुति: इशारा पपेट थिएटर
डिज़ाइन और निर्देशन: दादी डी. पुदुमजी
अपनी तारीखें नोट करें और कठपुतली की दुनिया की इस अविस्मरणीय यात्रा का हिस्सा बनें।
टिकट बुकमायशो पर उपलब्ध हैं:
अधिक जानकारी, कार्यक्रम और विवरण के लिए इशारा पपेट की आधिकारिक वेबसाइट देखें:
About Ishara
Get ready to laugh, clap & cheer! Welcome to the 22nd edition of the Ishara International Puppet Theatre Festival. The stage is set once again for a magical journey across cultures - where strings, hands, shadows & imagination unite to create unforgettable memories. Whether you’re a lifelong fan of puppetry or discovering it for the first time - Ishara invites you to experience a unique celebration of talent, storytelling & tradition.Each show is your window into another world, with our puppets flying in from every corner of the globe!
Blending centuries-old traditions with modern innovation, audiences will be treated to breath-taking performances from Korea, Bhutan, Italy, Brazil, Turkey, Albania, alongside India’s own master puppeteers. So save the dates on your calendar right now! One of the most anticipated festivals in the country, from the 13th to the 22nd February 2026 – the festival will be held in Delhi & Chandigarh.The Ishara International Puppet Theatre Festival was founded in 2001 by award winning puppeteer Dadi D. Pudumjee. Since then it has matured into a living museum of storytelling! To date over 100+ puppeteers, artists &performers from India & across the globe have used the festival as a stage to perform, preserving heritage for future generations. Produced by Teamwork Arts, thousands of visitors support & visit the festival each year. The Ishara International Puppet Theatre
Festival is largely supported by the Ishara Puppet Theatre Trust. Corporate houses, organisations, media entities & individual donors are welcome to partner & help promote
this festival & art form. Donations made to the Ishara Puppet Theatre Trust qualify for exemption under Section 80G of the Income Tax Act.
About Teamwork Arts
Teamwork Arts, India’s pioneering arts company, crafting cultural experiences for over 30 years, has taken India to the world and brought the world to India, presenting and nurturing the finest of Indian performers, writers, change makers and visual artists to the forefront. Every year, we produce over 33 festivals in 45 cities and 19 countries in the fields of performing & visual arts, knowledge and literature. We produce the world’s largest literary gathering: the annual Jaipur Literature Festival; JLF international now travels to the US, UK,and Europe. Through its digital avatar, the Jaipur Literature Festival reached over 35 million viewers in January 2024. Some key offerings among our digital and hybrid endeavours are -Art Matters, that empowers artists across India to collaborate by commissioning them to create new works, and Be Inspired: Fast tracking the future, that changes the narrative of scientific possibility to innovation. Two new milestones were added to our festival repertoire in 2024 - the Jaigarh Heritage Festival in Jaipur, celebrating India’s regal past and rich legacy of art, culture and architecture, and Voices of Faith in London, exploring the philosophies of faith to find a way towards collective empathy and understanding, and in 2026, Avakai: Amaravati Festival of Cinema, Culture and Literature was inaugurated in Vijayawada, Andhra Pradesh.
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