गणतंत्र दिवस पर भाषण 26 January Bhashan 2026 Speech On Republic Day भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस जैसे
गणतंत्र दिवस पर भाषण | 26 January Bhashan 2026 | Speech On Republic Day
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, प्रिय शिक्षकगण, और मेरे प्यारे साथियों, साथ ही गणतंत्र दिवस 2026 के इस पावन अवसर पर, देशवासियों को मेरा हार्दिक अभिनंदन। यह वह दिवस है जब हमारा संविधान लागू हुआ था और हमने स्वयं को पूर्ण रूप से एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया था। आज का दिन हमारे राष्ट्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है, जो हमें हर वर्ष अपने मूलभूत कर्तव्यों और अधिकारों का स्मरण कराता है।
सन १९५० का वह ऐतिहासिक क्षण केवल एक कानूनी दस्तावेज़ को लागू करने का दिन नहीं था, बल्कि यह एक नए युग का सूत्रपात था। यह उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों और बलिदानों का मूर्त रूप था, जिन्होंने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित हो। हमारा संविधान, जिसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की अगुआई में विविधतापूर्ण संविधान सभा ने तैयार किया, केवल कानूनों का संग्रह नहीं है। यह एक जीवंत दस्तावेज़ है, एक ऐसा सामाजिक अनुबंध है जो हमारी विविधता में एकता को बांधे रखता है और हमारी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की रक्षा करता है।
आज जब हम वर्ष २०२६ में सांस ले रहे हैं, तो यह दिन हमारे लिए गौरवमयी इतिहास के साथ-साथ वर्तमान और भविष्य पर विचार करने का भी अवसर है। हमारे गणतंत्र की यात्रा अद्भुत रही है। हमने विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपनी पहचान को मजबूत किया है, आर्थिक विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं, और वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाया है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में हमारी प्रगति सराहनीय रही है।
लेकिन गणतंत्र दिवस का महत्व केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाना भर नहीं है। यह आत्मनिरीक्षण और आत्ममंथन का दिन भी है। हमें यह प्रश्न स्वयं से करना चाहिए कि क्या हम उन आदर्शों के प्रति सच्चे हैं, जो हमारे संविधान ने हमारे सामने रखे हैं। क्या हमारे समाज में सभी नागरिकों को समान अवसर और गरिमा प्राप्त है? क्या हम एक सहिष्णु, समावेशी और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर पा रहे हैं? हमारा गणतंत्र तभी सार्थक होगा जब कोई भी नागरिक पीछे न छूटे, जब प्रत्येक व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार विकास के अवसर मिलें और राष्ट्र की प्रगति का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
युवा पीढ़ी हमारे गणतंत्र का भविष्य है। उनके कंधों पर ही इस लोकतंत्र को और अधिक परिपक्व, मजबूत और जीवंत बनाने की जिम्मेदारी है। उन्हें संविधान में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए, ज्ञान, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ देश के विकास में योगदान देना होगा। शिक्षा और संस्कार ही वह माध्यम हैं जो उन्हें जिम्मेदार नागरिक बना सकते हैं।हमारे पूर्वजों ने – भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस जैसे वीरों ने – अपनी जान देकर हमें आजादी दिलाई। अब हमारी बारी है कि हम पढ़ाई अच्छे से करें, नियमों का पालन करें, अपने दोस्तों के साथ अच्छा व्यवहार करें, पर्यावरण की रक्षा करें और झूठ, बेईमानी से दूर रहें। अगर हम सब छोटे-छोटे अच्छे काम करेंगे, तो हमारा देश और भी मजबूत और सुंदर बनेगा।आज के दिन हम उन सभी शहीदों, निर्माताओं और राष्ट्रसेवकों को भी सादर नमन करते हैं, जिनके अथक प्रयासों से यह गणतंत्र मजबूत हुआ है। हमारी सशस्त्र सेनाएं, पुलिस बल और अनेक अनाम हीरो, जो देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए दिन-रात तैनात हैं, उनका आभार और सम्मान व्यक्त करना हमारा कर्तव्य है।
आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम सब संकल्प लें कि हम अपने अधिकारों का प्रयोग जिम्मेदारी से करेंगे और अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से। हम अपने विविध धर्म, भाषा और संस्कृतियों का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता को और मजबूत बनाएंगे। हम भ्रष्टाचार, असमानता और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ने का साहस जुटाएंगे। हम एक ऐसे भारत के निर्माण में सहयोग देंगे, जो आर्थिक रूप से संपन्न, सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण, बौद्धिक रूप से उन्नत और नैतिक रूप से मजबूत हो।
हमारा गणतंत्र हम सबका साझा घर है। आइए, इसे स्वच्छ, सुंदर और मजबूत बनाने का प्रयास करें। एक बार फिर सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय हिंद, जय भारत।


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