प्रेमचंद के फटे जूते हरिशंकर परसाई

SHARE:

प्रेमचंद के फटे जूते हरिशंकर परसाई प्रेमचंद के फटे जूते के प्रश्न उत्तर प्रेमचंद के फटे जूते का सारांश प्रेमचंद के फटे जूते कहानी प्रेमचंद के फटे जूते प्रेमचंद के फटे जूते प्रेमचंद के फटे जूते extra questions प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 premchand ke phate jute chapter premchand ke phate joote wikipedia premchand ke phate joote extra question answer premchand ke phate joote class 9 hindi chapter 6 summary mere bachpan ke din question answer juta hamesha topi se kimti raha hai किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए प्रेमचंद के फटे जूते Premchand ke fate Jutey क्षितिज Class 9 Premchand Ke Fate Joote प्रेमचन्द के फटे जूते Class 9th Hindi Premchand ke phate joote प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 Premchand ke phate joote Premchand Ke Phate Joote प्रेमचंद के फटे जूते Hindi Course A Class 9 Premchand Ke Phate Jute प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 Hindi Kshitij Chapter 6 SUMMARY

प्रेमचंद के फटे जूते हरिशंकर परसाई 


प्रेमचंद के फटे जूते के प्रश्न उत्तर प्रेमचंद के फटे जूते का सारांश प्रेमचंद के फटे जूते कहानी प्रेमचंद के फटे जूते प्रेमचंद के फटे जूते प्रेमचंद के फटे जूते extra questions प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 premchand ke phate jute chapter premchand ke phate joote wikipedia premchand ke phate joote extra question answer premchand ke phate joote class 9 hindi chapter 6 summary mere bachpan ke din question answer juta hamesha topi se kimti raha hai किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए प्रेमचंद के फटे जूते Premchand ke fate Jutey क्षितिज Class 9 Premchand Ke Fate Joote प्रेमचन्द के फटे जूते Class 9th Hindi Premchand ke phate joote प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 Premchand ke phate joote Premchand Ke Phate Joote प्रेमचंद के फटे जूते Hindi Course A Class 9 Premchand Ke Phate Jute प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 Hindi Kshitij Chapter 6 SUMMARY
        

प्रेमचंद के फटे जूते का सारांश  

प्रेमचंद के फटे जूते पाठ या निबंध लेखक 'हरिशंकर परसाई' जी के द्वारा लिखा गया है | इस निबंध में हरिशंकर परसाई जी के द्वारा प्रेमचंद के व्यक्तित्व का सादापन और एक रचनाकार की अंतर्भेदी सामाजिक दृष्टि का विवेचन करते हुए आज की आडम्बरयुक्त प्रवृत्ति एवं अवसरवादिता पर व्यंग्य किया गया है | प्रेमचंद की एक तस्वीर देखकर, इस निबंध के माध्यम से लेखक कह रहे हैं कि प्रेमचंद का एक छायाचित्र मेरे पास है, जिसमें वो अपनी पत्नी के साथ दिखाई दे रहे हैं | सिर पर टोपी है, तन पर कुर्ता और धोती है | कनपटी चिपकी हुई दिखाई दे रही है, गाल धंस गए हैं और हड्डियाँ उभर आई हैं, पर घनी मूँछ के कारण चेहरा भरा-भरा दिखाई दे रहा है | 

आगे लेखक आश्चर्य से कहते हैं कि फोटो खिंचाने की यदि यह पहनावा है, तो न जाने पहनने की कैसी होगी ? तत्पश्चात्, लेखक अनुमानतः कहते हैं कि इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी, इसमें तो अलग-अलग कपड़े बदलने का कोई गुण ही नहीं है | यह जैसा है, वैसा ही फोटो में भी आ जाता है | 

प्रेमचंद की फोटो की ओर देखते हुए जब लेखक की दृष्टि उनके चेहरे पर पड़ी तो वे कहते हैं कि तुम्हारा जूता
प्रेमचंद के फटे जूते
प्रेमचंद के फटे जूते 
फट गया है और अँगुलियाँ बाहर की ओर स्पष्ट दिख रही हैं | क्या तुम्हें थोड़ा भी इसका एहसास नहीं ? क्या तुम्हें जरा भी संकोच नहीं ? क्या तुम इतना भी नहीं समझते कि धोती को थोड़ा नीचे खींच लेने से अँगुली को ढका जा सकता है |किन्तु, फिर भी तुम्हारा चेहरा विश्वास से भरा है | आगे लेखक कहते हैं कि लगता है फोटोग्राफर ने जब 'रेडी प्लीज़' कहा होगा, तब तुमने परम्परा के अनुसार मुस्कुराने की कोशिश की होगी | दर्द के गहरे कुएँ के तल में पड़ी मुस्कान को धीरे-धीरे खींचकर ऊपर निकाल रहे होगे, तभी बीच में ही फोटोग्राफर ने तुम्हारा फोटो खींचकर 'थैंक्यू' कह दिया होगा | पर सच कहूँ, तो यह मुस्कान नहीं, इसमें उपहास है, व्यंग्य है !

तत्पश्चात्, प्रेमचंद के फोटो को संबोधित करते हुए लेखक कहते हैं कि शायद तुम्हें फोटो का महत्व ही नहीं पता | यदि पता होता, तो किसी से फोटो खिंचाने के लिए जूते उधार माँग लेते | लोग तो फोटो खिंचाने के लिए बीवी तक उधार माँग लेते हैं और तुम जूते भी नहीं माँग सके | तुम तो महान कथाकार, उपन्यास सम्राट, युग-प्रवर्तक और न जाने क्या-क्या कहलाते थे, लेकिन फोटो में भी तुम्हारा जूता फटा हुआ दिखाई दे रहा है | 

तत्पश्चात्, लेखक स्वयं के बारे में भी बात करने लगते हैं कि मेरा जूता भी बहुत अच्छा नहीं है, बस ऊपर से अच्छा दिखता है | यों तो अँगुली बाहर नहीं निकलती, पर अँगूठे के नीचे तला फट सा गया है | मेरा अँगूठा कभी ज़मीन से घिसकर लहुलूहान भी हो जाता है | मेरा पूरा पंजा छिल जाएगा, पर अंगुली बाहर नहीं दिखेगी | लेखक आगे भावात्मक रूप में कहते हैं कि सच तो यह है कि तुम्हारी अँगुली दिखती जरूर है, पर पाँव सुरक्षित है | मेरी अँगुली ढकी है, पर पंजा नीचे घिस रहा है | तुम पर्दे का महत्व ही नहीं जानते और हम हैं कि पर्दे पर कुर्बान हुए जा रहे हैं | आगे लेखक कहते हैं कि क्या तुम बहुत चक्कर काटते रहे ? इसलिए तुम्हारा जूता फट गया | क्या तुम बनिए के तगादे से बचने के प्रयास में मीलों चक्कर लगाकर घर लौटते रहे ? तत्पश्चात्, लेखक एक दृष्टांत प्रस्तुत करते हुए कहते हैं कि कुंभनदास का जूता भी फतेहपुर सीकरी आने-जाने में घिस गया था | उसे बहुत अफ़सोस हुआ, तो उसने कहा --- " आवत जात पन्हैया घिस गई, बिसर गयो हरि नाम...|" 

प्रेमचंद को संबोधित करते हुए लेखक कहते हैं कि लगता है तुम किसी सख्त चीज को ठोकर मारते रहे हो | तुम उसे बचाकर, उसके बगल से निकलने का प्रयास भी तो कर सकते थे | सभी नदियाँ पहाड़ों को नहीं काटती, कोई रास्ता बदल लेती हैं या घूमकर निकल जाती हैं | मैं अच्छे से समझता हूँ तुम्हारा ये व्यंग्य मुस्कान | तुम हम पर हँस रहे हो कि हम अँगुली छिपाकर और तलवा घिसाकर चल रहे हैं | मानो निश्चित ही तुम ऐसा कहकर हमें चिढ़ा रहे हो कि हमने तो ठोकर मार-मारकर जूता फाड़ लिया, अँगुली भले ही बाहर निकल आई, पर पाँव सुरक्षित है | लेकिन तुम अँगुली को ढाँकने के चक्कर में अपने तलुवे का नुकसान कर रहे हो, उसे लहुलूहान कर रहे हो | तुम चलोगे कैसे ? मैं अच्छे से समझता हूँ तुम्हारा ये व्यंग्य मुस्कान...|| 


प्रेमचंद के फटे जूते प्रश्न उत्तर 

प्रश्न-1 हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्दचित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं ?

उत्तर- हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्द चित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है, उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की निम्नलिखित विशेषताएँ उभरकर आती हैं --- 

• प्रेमचंद हर विपरीत परिस्थितियों का दृढ़तापूर्वक  सामना करते थे | 
• प्रेमचंद को आडम्बरयुक्त जीवन जीना पसंद नहीं  था | 
• प्रेमचंद का व्यक्तित्व सादगीयुक्त था | 
• प्रेमचंद महान कथाकार, उपन्यास सम्राट, युग - प्रवर्तक आदि उपनामों से जाने-पहचाने जाते थे | 

प्रश्न-2 पाठ में 'टीले' शब्द का प्रयोग किन संदर्भो को इंगित करने के लिए किया गया होगा ?

उत्तर- प्रस्तुत पाठ में 'टीले' शब्द से तात्पर्य रास्ते में उत्पन्न हुए रुकावट से है | अर्थात् टीला रूपी रुकावट की तुलना समाज में व्याप्त बुराईयों से की गई है, जो मानव विकास में बाधाएँ उत्पन्न करता रहता है | 

प्रश्न-3 आपकी दृष्टि में वेश-भूषा के प्रति लोगों की सोच में आज क्या परिवर्तन आया है ?

उत्तर - वर्तमान में लोग आडम्बरयुक्त जीवन का हिस्सा बन गए हैं | आज सम्मान व प्रतिष्ठा उन्हीं के पास है, जो कीमती वेश-भूषा से सुसज्जित हैं | यहाँ तक की उन्हें ही चरित्रवान समझा जाता है | जबकि साधारण लोग भले ही उच्च विचार के मालिक हों, उनका चरित्र अच्छा हो, पर उन्हें ओछी नजरों से देखा जाता है | 

प्रश्न-4 पाठ में एक जगह लेखक सोचता है कि 'फोटो खिंचाने कि अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी ?' लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि 'नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी |' आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं ?

उत्तर- ये मानव प्रवृत्ति है कि आम दिनों में साधारण कपड़ों का उपयोग किया जाता है, जबकि किसी खास मौके पर अच्छे कपड़ों का इस्तेमाल किया जाता है | 

आरम्भ में लेखक ने सोचा कि जब फोटो खिंचाने जैसे विशेष अवसर पर प्रेमचंद साधारण कपड़े पहने हुए हैं, तो आम दिनों में इससे भी साधारण रहते होंगे | फिर अचानक लेखक अपने विचार में बदलाव करते हैं | वे कहते हैं कि प्रेमचंद का व्यक्तित्व दिखावे की दुनिया से एकदम परे है | उनके लिए साधारण और विशेष अवसर का कोई महत्व नहीं | वे जैसे बाहर से दिखते हैं, बिल्कुल वैसे ही अंदर से भी हैं | इसलिए लेखक अपने बदले हुए विचार में कहते हैं कि --- 'नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी |' 


प्र.५. नीचे दी गई प्रश्नों या पंक्तियों में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -

क. जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है | अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं | पंक्तियों में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए .

उत्तर- प्रस्तुत व्यंग्य में जूते की तुलना समृद्धता या सम्पन्नता से की गई है, जबकि टोपी की तुलना मान-सम्मान या प्रतिष्ठा से की गई है | अर्थात् मान-सम्मान या प्रतिष्ठा का महत्व हमेशा दौलत से कम ही रहा है | सम्पन्न लोगों की पूछ-परख ज्यादा होती रही है | अत: वर्तमान समाज की सोच या झुकाव पैसे की तरफ है |

ख.  तुम परदे का महत्व नहीं जानते, हम पर्दे पर कुर्बान हो रहे हैं | 

उत्तर- प्रस्तुत व्यंग्य में परदे की तुलना सम्मान व इज्ज़त से की गई है | कुछ लोगों को इज्ज़त बहुत प्यारी होती है, जो अपना सर्वस्व गंवा कर भी उसे पाने की चेष्टा करते हैं | जबकि समाज में कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो सम्मान व इज्ज़त को अनदेखा करके किसी भी हद तक जाने की चेष्टा करते रहते हैं | 

ग. जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो ?

उत्तर- प्रस्तुत व्यंग्य के अनुसार, पाँव की अँगुली की अपेक्षा हाथ की अँगुली ज्यादा बेहतर व महत्वपूर्ण है | अर्थात् प्रेमचंद जिसे घृणित समझते थे, उसकी ओर पाँव की अँगुली से इशारा करते थे तथा वे जिनको सम्मानित दृष्टि से देखते थे, उन्हें हाथ की अँगुली से इशारा करते थे | 


प्रश्न-६ पाठ में आए मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए | 

उत्तर-  मुहावरों का प्रयोग निम्नलिखित है - 

• अँगुली का इशारा - (कुछ बताना या इंगित करना) तुम अपने अँगुली के इशारे से बताओ की राधा कहाँ छिपी है ? 

• व्यंग्य-मुस्कान - (उपहास करना) तुम्हारी ये व्यंग्य मुस्कान का मतलब यहाँ सभी समझते हैं | 

• बाजू से निकलना - (चुनौतियों से मुँह चुराकर भाग जाना) उसके भय से कबतक यूँ बाजू से निकलते रहोगे ? 

• रास्ते पर खड़ा होना - (बाधा या रुकावट उत्पन्न करना) वह मेरे रास्ते पर आकर खड़ा हो गया, वरना मैं चोर को पकड़ लेता | 


प्रेमचंद के फटे जूते पाठ का शब्दार्थ 


• पोशाक -           परिधान, पहनने का कपड़ा 
• लहुलूहान -        खून से लथपथ 
• उपहास -          खिल्ली उड़ाना, मजाक करना 
• क्लेश -             दुख, पीड़ा, संताप 
• तगादा -            तकाज़ा
• पन्हैया -            देशी जूतियाँ
• बिसरना -          भूल जाना
• इशारा -            संकेत करना 
• आग्रह -            निवेदन या विनती करना 
• नेम -                नियम 
• बंद -                फीता 
• बेतरतीब -          अव्यवस्थित 
• बरकाकर -         बचाकर 
• विचित्र -            अजीब 
• न्योछावर -         समर्पित करना, कुर्बान करना | 


COMMENTS

LEAVE A REPLY

Advertisements

आपको ये भी रोचक लगेगा $hide=404

नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,62,अज्ञेय,27,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,6,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",4,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,3,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,11,आर्थिक लेख,6,आषाढ़ का एक दिन,12,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,177,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,1,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,31,कक्षा 10 हिन्दी स्पर्श भाग 2,16,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,10,कमलेश्वर,5,कविता,914,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,4,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,1,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,2,केदारनाथ अग्रवाल,1,केशवदास,1,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,36,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,90,गजानन माधव "मुक्तिबोध",10,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,8,गोरख पाण्डेय,3,गोरा,2,घनानंद,1,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चाणक्य नीति,5,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,9,जयशंकर प्रसाद,22,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,26,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,2,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,5,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,1,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,2,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,16,नाटक,1,निराला,27,निर्मल वर्मा,1,निर्मला,26,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,147,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',3,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,77,प्रेमचंद,23,प्रेमचंद की कहानियाँ,89,प्रेरक कहानी,15,फणीश्वर नाथ रेणु,1,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,84,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,1,बैताल पचीसी,2,भक्ति साहित्य,123,भगवतीचरण वर्मा,5,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,60,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतीय शिक्षा का इतिहास,3,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,7,भीष्म साहनी,5,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,3,मलिक मुहम्मद जायसी,2,महादेवी वर्मा,12,महावीरप्रसाद द्विवेदी,1,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,8,मैला आँचल,3,मोहन राकेश,9,यशपाल,9,रंगराज अयंगर,42,रघुवीर सहाय,5,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,21,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,14,राजभाषा हिंदी,49,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,1,रामधारी सिंह दिनकर,18,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,1,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,84,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,24,विद्यापति,4,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,5,शमशेर बहादुर सिंह,5,शमोएल अहमद,3,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिवमंगल सिंह सुमन,5,शुभकामना,1,शेख चिल्ली की कहानी,1,शैक्षणिक लेख,21,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संयुक्त राष्ट्र संघ,1,संस्मरण,10,सआदत हसन मंटो,9,सतरंगी बातें,33,सन्देश,24,समसामयिक हिंदी लेख,13,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,16,सारा आकाश,13,साहित्य सागर,21,साहित्यिक लेख,18,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,1,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",6,सुभद्राकुमारी चौहान,6,सुमित्रानंदन पन्त,17,सूरदास,5,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,10,हजारी प्रसाद द्विवेदी,1,हरिवंशराय बच्चन,26,हरिशंकर परसाई,21,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,188,हिंदी लेख,417,हिंदी समाचार,92,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,7,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,32,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,57,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,43,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,9,हिन्दी साहित्य का इतिहास,22,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,13,astrology,1,Attaullah Khan,1,baccho ke liye hindi kavita,61,Beauty Tips Hindi,3,Class 10 Hindi Kritika कृतिका Bhag 2,5,Class 9 Hindi Kshitij क्षितिज भाग 1,17,English Grammar in Hindi,3,Godan by Premchand,6,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,9,hindi essay,180,hindi grammar,50,Hindi Sahitya Ka Itihas,61,hindi stories,513,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,Kshitij Bhag 2,10,mb,72,motivational books,10,naya raasta icse,8,NCERT Class 10 Hindi Sanchayan संचयन Bhag 2,3,NCERT Class 11 Hindi Aroh आरोह भाग-1,20,ncert class 6 hindi vasant bhag 1,14,NCERT Class 9 Hindi Kritika कृतिका Bhag 1,5,NCERT Hindi Rimjhim Class 2,13,NCERT Rimjhim Class 4,14,ncert rimjhim class 5,19,NCERT Solutions for Class 11 Hindi Vitan वितान भाग 1,3,NCERT Vasant Bhag 3 For Class 8,12,Notifications,5,question paper,10,quizzes,8,Rimjhim Class 3,14,Shayari In Hindi,13,sponsored news,2,Syllabus,7,UP Board Class 10 Hindi,3,Vasant Bhag - 2 Textbook In Hindi For Class - 7,11,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,19,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: प्रेमचंद के फटे जूते हरिशंकर परसाई
प्रेमचंद के फटे जूते हरिशंकर परसाई
प्रेमचंद के फटे जूते हरिशंकर परसाई प्रेमचंद के फटे जूते के प्रश्न उत्तर प्रेमचंद के फटे जूते का सारांश प्रेमचंद के फटे जूते कहानी प्रेमचंद के फटे जूते प्रेमचंद के फटे जूते प्रेमचंद के फटे जूते extra questions प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 premchand ke phate jute chapter premchand ke phate joote wikipedia premchand ke phate joote extra question answer premchand ke phate joote class 9 hindi chapter 6 summary mere bachpan ke din question answer juta hamesha topi se kimti raha hai किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए प्रेमचंद के फटे जूते Premchand ke fate Jutey क्षितिज Class 9 Premchand Ke Fate Joote प्रेमचन्द के फटे जूते Class 9th Hindi Premchand ke phate joote प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 Premchand ke phate joote Premchand Ke Phate Joote प्रेमचंद के फटे जूते Hindi Course A Class 9 Premchand Ke Phate Jute प्रेमचंद के फटे जूते Class 9 Hindi Kshitij Chapter 6 SUMMARY
https://1.bp.blogspot.com/-3qsDhBnQEPc/XyF3JghnMkI/AAAAAAAAN5Q/pvCzDpu191kqVolBKlv19JaGGGVNgeT-wCNcBGAsYHQ/s320/%25E0%25A4%25AA%25E0%25A5%258D%25E0%25A4%25B0%25E0%25A5%2587%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259A%25E0%25A4%2582%25E0%25A4%25A6%2B%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%2587%2B%25E0%25A4%25AB%25E0%25A4%259F%25E0%25A5%2587%2B%25E0%25A4%259C%25E0%25A5%2582%25E0%25A4%25A4%25E0%25A5%2587%2B%25E0%25A4%25B9%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25BF%25E0%25A4%25B6%25E0%25A4%2582%25E0%25A4%2595%25E0%25A4%25B0%2B%25E0%25A4%25AA%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25B8%25E0%25A4%25BE%25E0%25A4%2588.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-3qsDhBnQEPc/XyF3JghnMkI/AAAAAAAAN5Q/pvCzDpu191kqVolBKlv19JaGGGVNgeT-wCNcBGAsYHQ/s72-c/%25E0%25A4%25AA%25E0%25A5%258D%25E0%25A4%25B0%25E0%25A5%2587%25E0%25A4%25AE%25E0%25A4%259A%25E0%25A4%2582%25E0%25A4%25A6%2B%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%2587%2B%25E0%25A4%25AB%25E0%25A4%259F%25E0%25A5%2587%2B%25E0%25A4%259C%25E0%25A5%2582%25E0%25A4%25A4%25E0%25A5%2587%2B%25E0%25A4%25B9%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25BF%25E0%25A4%25B6%25E0%25A4%2582%25E0%25A4%2595%25E0%25A4%25B0%2B%25E0%25A4%25AA%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25B8%25E0%25A4%25BE%25E0%25A4%2588.jpg
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2020/07/premchand-ke-phate-jute.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2020/07/premchand-ke-phate-jute.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All आपको ये भी रोचक लगेगा Categories ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy विषय-तालिका