किन्नर समुदाय की पहचान, संघर्ष और संवेदनाओं को समर्पित होगी ‘एक शाम किन्नरों के नाम’

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देश में पहली बार ‘एक शाम किन्नरों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन 12 नवम्बर को मंडी हाउस स्थित श्री राम सेंटर सभागार में होगा।

किन्नर समुदाय की पहचान, संघर्ष और संवेदनाओं को समर्पित होगी ‘एक शाम किन्नरों के नाम’


देश में पहली बार ‘एक शाम किन्नरों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन  12 नवम्बर को मंडी हाउस स्थित श्री राम सेंटर सभागार में होगा। साहित्यिक के नजर में किन्नर चर्चा, कला प्रदर्शनी और नाटक ‘लल्लन मिस’ के माध्यम से किन्नर समुदाय के जीवन, संघर्षों, अनुभवों और संवेदनाओं को अभिव्यक्ति का मंच मिलेगा।

नई दिल्ली: समाज के विविध रंगों, अनुभवों और संवेदनाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से रमा थिएटर नाट्य विद्या संस्था (रतनाव) द्वारा 12 नवम्बर को मंडी हाउस स्थित श्री राम सेंटर सभागार में ‘एक शाम किन्नरों के नाम’ शीर्षक से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन किन्नर समुदाय के जीवन, संघर्ष, पहचान, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों को साहित्य, कला और रंगमंच के माध्यम से सामने लाने की एक सार्थक पहल है।कार्यक्रम की शुरुआत किन्नर समुदाय से जुड़े विभिन्न सामाजिक एवं साहित्यिक पहलुओं पर केंद्रित साहित्यिक चर्चा और कला प्रदर्शनी से होगी। इसके पश्चात रमा पांडेय द्वारा लिखित, निर्मित एवं निर्देशित नाटक ‘लल्लन मिस’ का मंचन किया जाएगा। 

किन्नर समुदाय की पहचान, संघर्ष और संवेदनाओं को समर्पित होगी ‘एक शाम किन्नरों के नाम’
साहित्यिक चर्चा में डॉ. लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, श्री कांता राव, डॉ. ओम निश्चल, श्री प्रेम जनमेजय एवं डॉ. ममता किरण अपने विचार साझा करेंगे। इस आयोजन के माध्यम से दर्शकों को किन्नर समुदाय के जीवन, उनके अनुभवों और संघर्षों को करीब से समझने के साथ-साथ समाज में उनकी भूमिका, पहचान, समानता और सम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर विचार करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को किन्नर समुदाय के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना, उनके प्रति प्रचलित धारणाओं और पूर्वाग्रहों को बदलना तथा समाज में समावेशिता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है।इस वर्ष साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल तथा संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पंडित साजन मिश्रा को रतनाव लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

‘एक शाम किन्नरों के नाम’ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उन आवाजों को सुनने और समझने का प्रयास है, जिन्हें अक्सर समाज के मुख्य विमर्श में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। साहित्यिक चर्चा और कला प्रदर्शनी के जरिए किन्नर समुदाय की रचनात्मक अभिव्यक्ति, उनकी संवेदनाओं और जीवन के विविध पक्षों को सामने लाया जाएगा। वहीं, नाटक ‘लल्लन मिस’ रंगमंच के माध्यम से इस समुदाय से जुड़े मानवीय पहलुओं को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।

रमा पांडेय ने कहा, “किन्नर समुदाय हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा है। उनकी अपनी कहानियां, संवेदनाएं, संघर्ष और जीवन के अनुभव हैं, जिन्हें समझना और उन्हें सम्मान के साथ अभिव्यक्ति का अवसर देना बेहद जरूरी है। ‘एक शाम किन्नरों के नाम’ के जरिए हम साहित्य, कला और रंगमंच को एक ऐसा साझा मंच बनाना चाहते हैं, जहां इस समुदाय की आवाज, उनकी रचनात्मकता और उनकी मानवीय संवेदनाओं को सुना और महसूस किया जा सके। हमारा मानना है कि कला का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि समाज को सोचने, सवाल करने और संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करना भी है।”

नाटक ‘लल्लन मिस’ के बारे में उन्होंने कहा,  लल्लन मिस एक हिजड़े  की वास्तविक जीवन की कहानी है, जिसने  सामाजिक पूर्वधारण की दीवारों को तोड़कर झुग्गी  बस्तियों के बच्चों के लिए एक स्कूल का निर्माण किया, ताकि  उनका एक बेहतर 'भविष्य' बन सके. 44 वर्षीय राजकुमारी जिसे लल्लन हिजड़ा के नाम से भी जाना जाता है ने पटना में इस स्कूल का निर्माण किया। भू-माफिया की धमकी के बावजूद उसे अभी भी स्कूल चलाने की इच्छा थी। स्कूल चलाने के 15 साल बाद, लल्लन को भू-माफिया से स्कूल खाली करवाने के लिए धमकियाँ मिलनी शुरू हुई और बाद में भू-माफिया द्वारा  स्कूल को जला दिया गया। इतना होने बावजूद लल्लन क्षेत्र के अन्य सक्रिय भागीदारों  के साथ मिलकर स्कूल का पुनः निर्माण कराने की कोशिश करती  है।

रमा थिएटर नाट्य विद्या संस्था (रतनाव) भारत की पारंपरिक वाचिक कला और मौखिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित संस्था है। संस्था का उद्देश्य केवल इन कलाओं को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े कलाकारों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना और उनकी कला को रंगमंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाना भी है। रतनाव पारंपरिक कलाकारों और उनकी कला को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

मीडिया जगत की जानी-मानी हस्ती और रतनाव की संस्थापक रमा पांडेय इस पहल की परिकल्पना से जुड़ी हैं। वह नाटक ‘लल्लन मिस’ की कथाकार, लेखिका, निर्माता एवं निर्देशक भी हैं।

कार्यक्रम का विवरण
कार्यक्रम: एक शाम किन्नरों के नाम
तिथि: 12 नवम्बर 2026
स्थान: श्री राम सेंटर सभागार, मंडी हाउस, नई दिल्ली
शाम 4:30 बजे: साहित्यिक चर्चा एवं कला प्रदर्शनी
शाम 6:15 बजे: नाटक ‘लल्लन मिस’ का मंचन
लेखन, निर्माण एवं निर्देशन: रमा पांडेय
एंट्री – फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व

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