हिंदी की शब्द संपदा समृद्ध है पर लेख | हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत

SHARE:

हिंदी की शब्द संपदा समृद्ध है पर लेख हिंदी की शब्द संपदा शब्द भंडार और शब्द निर्माण हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत hindi ki shabd sampada शब्दावली

हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत


हिंदी की शब्द संपदा समृद्ध है पर लेख हिंदी की शब्द संपदा शब्द भंडार और शब्द निर्माण हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत अन्य समस्त भाषाओं के समान हिन्दी - भाषा के शब्द-समूह में भी अनेक देशी, विदेशी, जीवित और मृत भाषाओं के शब्दों का समाहार पाया जाता है। हिन्दी एक संरचनात्मक भाषा है। इसमें संस्कृत, विभिन्न देशी भाषाओं एवं बोलियों तथा विदेशी भाषाओं के शब्द पर्याप्त मात्रा में समाहित हैं। संक्षेप में हिन्दी-शब्दों के प्रेरणा या मूल स्रोत इस प्रकार हैं - 

संस्कृत भाषा के शब्द

हिन्दी वस्तुतः संस्कृत की बेटी है। इसमें संस्कृत के शब्द सदा से अधिक हैं। अब तो नवीन आवश्यकताओं के कारण उनकी संख्या में नित्य निरन्तर वृद्धि होती जा रही है। ये शब्द प्रायः तीन रूपों में पाये जाते हैं- तत्सम, अर्द्ध तत्सम तथा तद्भव । 
  • तत्सम शब्द-तत्सम शब्द दो शब्दों के योग से बना है-तत् + सम । 'तत्' का अर्थ है- उसके और 'सम' का अर्थ होता है 'समान'। उसके 'समान' अर्थात् संस्कृत में प्रयुक्त रूप हिन्दी में प्रयुक्त होता है, तब वह 'तत्सम' कहा जाता है। हिन्दी-भाषा ऐसे शब्दों से भरी पड़ी है; जैसे- परिवेश, परिप्रेक्ष्य, विदित, कृष्ण, यात्रा इत्यादि ।
  •  अर्द्ध तत्सम- जो संस्कृत शब्द विकृत रूप में प्रयुक्त होने लगे हैं, उन्हें 'अर्द्ध तत्सम' शब्द कहते हैं। जैसे- 'कृष्ण' का 'किशन' अर्द्ध तत्सम है। 'कोइल', 'कोकिल' का अर्द्ध तत्सम रूप है। 
  • तद्भव - 'तद्भव' शब्द दो शब्दों के योग से बना है- तत्+भव। 'तत्' का अर्थ है उससे और 'भव' का अर्थ है 'उत्पन्न', अर्थात् वे शब्द जो संस्कृत शब्दों से उत्पन्न हुए हैं। इस प्रकार संस्कृत भाषा प्रसूत शब्द को 'तद्भव' कह सकते हैं। ये शब्द प्राकृत से होकर हिन्दी में आये हैं। काम और सुहाग क्रमशः कार्य और सौभाग्य के अर्द्ध तत्सम रूप हैं। 'कृष्ण' का तद्भव रूप है- 'कन्हैया' और 'कान्हा'। 

अन्य भारतीय भाषाओं के शब्द

भारतवर्ष एक विशाल देश है। इस देश में अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं। इन विभिन्न भाषाओं के प्रयोक्ता एक-दूसरे से सम्पर्क में आते रहते हैं। यद्यपि अन्य भाषा-भाषी हिन्दी का प्रयोग नहीं करते हैं; तथापि हिन्दी भाषा-भाषी अन्य भाषाओं के प्रचलित एवं सुग्राह्य शब्दों को ग्रहण कर लेते हैं। यथा- 

गुजराती- हड़ताल, गरवा । 
मराठी- चालू, बाजू । 
बंगाली - उन्यास, गल्प, रसगुल्ला । 
पंजाबी- सिक्ख, सरदार, तन्दूर । 

भारतीय अनार्य भाषाओं के शब्द

समय के प्रवाह के साथ हिन्दी में अनार्य भाषाओं के अनेक शब्द प्रयुक्त होने लगे हैं। हिन्दी में बहुत से ऐसे शब्द प्रयुक्त होते हैं, जो प्राचीन काल में अनार्य भाषाओं से तत्कालीन आर्य भाषाओं में ले लिये गये थे। ये शब्द वस्तुतः आर्य भाषाओं के तद्भव शब्दों के ही समान हैं। अनार्य भाषाओं से अवगत शब्दों के उदाहरण इस प्रकार हैं-

तमिल भाषा के शब्द- वीर, अमावसी, उपवास । 
तेलगू भाषा के शब्द- आली, आलि । 
मलयालम भाषा के शब्द - भंगी, साधु, चिलर आदि । 

इस सन्दर्भ में एक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि द्रविड़ भाषाओं में (अनार्य भाषाओं से आये हुए शब्दों का प्रयोग हिन्दी में प्राय: अच्छे अर्थ में नहीं होता है। उदाहरण के लिए-'पिल्लै' का अर्थ 'पुत्र' होता है। यहाँ 'पिल्लै' हिन्दी में 'पिल्ला' होकर 'कुत्ते के बच्चे के अर्थ में प्रयुक्त होता है। मूर्द्धन्य वर्णों से युक्त वस्तुत: द्राविड; भाषाओं की हिन्दी को देन है। या तो वे शब्द सीधे द्रविड़ (अनार्य) भाषाओं से आये हैं अथवा उनके ऊपर द्राविड़ भाषाओं का गहरा प्रभाव है। 'हिन्दी' भाषा को कोल भाषाओं ने भी थोड़ा बहुत प्रभावित किया है। हिन्दी में बीस की संख्या का बाचक शब्द 'कौड़ी' सम्भवतः मुण्डा भाषा से आया है। 

हिन्दी प्रदेश की बोलियाँ अथवा उप-भाषाओं के शब्द

हिन्दी में हिन्दी प्रदेश में बोली जाने वाली बोलियों एवं उपभाषाओं के अनेक शब्द आ गये हैं, जो हिन्दी के साथ एक दम घुलमिल कर एकाकार हो गये हैं। इन शब्दों का आगमन पारम्परिक व्यक्तिगत सम्पर्क से भी हुआ है तथा आंचलिक साहित्य के द्वारा भी हुआ है। इसमें ब्रजभाषा, अवधी, बुन्देलखण्डी, भोजपुरी, मैथिली तथा मगही के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। 

विदेशी भाषाओं के शब्द

हिंदी की शब्द संपदा समृद्ध है पर लेख | हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत
हिन्दी भाषा-भाषी लोग सैकड़ों वर्षों से विदेशियों के सम्पर्क में रहते आये हैं। उनके साथ सम्पर्क, विचार-विनिमय आदि के फलस्वरूप यह स्वाभाविक ही रहा कि उनकी भाषाओं के शब्द ग्रहण किये जाते, हुआ भी यही। मुसलमानों और अंग्रेजों ने तो यहाँ अनेक वर्षों तक शासन भी किया।अतएव शासन सम्बन्धी अनेक शब्द उनकी भाषाओं द्वारा ग्रहण किये गये। 

डॉ. भोलानाथ तिवारी ने हिन्दी में प्रयुक्त होने वाले विदेशी शब्दों के सोलह उपवर्ग बनाये हैं। परन्तु यह समझ लेना चाहिये कि सर्वाधिक शब्द इन चार भाषाओं के लिए गये हैं-अरबी, फारसी, तुर्की और अँगरेज़ी। हिन्दी शब्द समूह पर पडने वाले विदेशी प्रभाव को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है- 1. मुसलमानी प्रभाव तथा 2. यूरोपीय प्रभाव । 

यह द्रष्टव्य है मुसलमान और यूरोपियन दोनों ही यहाँ शासक के रूप में रहे। अतः इनके प्रभाव के फलस्वरूप प्राय: एक ही वर्ग का शब्द-समूह हिन्दी में आया है। यह शब्द-समूह दो श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है- 

  • विदेशी संस्थाओं (कचहरी, फौज, धर्म आदि) से सम्बन्ध रखने वाले शब्द। 
  • विदेशियों के साथ आने वाली विभिन्न वस्तुओं (नये पहनावे, वस्त्र, भोजन) के नाम

अरबी फारसी, तुर्की आदि भाषाओं के शब्द

ईसवी सन् 1000 तक पंजाब में मुसलमानों का प्रभुत्व स्थापित हो गया था। उस समय तक फारसी बोलने वाले तुर्कों ने पंजाब पर कब्जा कर लिया था। इसके प्रभाव के फलस्वरूप अनेक विदेशी शब्द हिन्दी में प्रवेश पा गये थे। 1200 ई. के बाद तो लगभग 600 वर्षों तक हिन्दी भाषा-भाषी प्रदेश पर तुर्की, अफगानों और मुगलों का शासन रहा। इनकी भाषाओं के शब्दों ने भारतीय भाषा के शब्दों को खूब प्रभावित किया। इनकी भाषाओं के सैकड़ों विदेशी शब्दों ने गाँव की बोलियों तक को प्रभावित किया है। आदि काल में तो 'पृथ्वीराज रासो 'तक में फारसी के शब्द पाये जाते हैं। मध्यकाल में सूर, तुलसी, केशव, बिहारी आदि कवियों की शुद्ध साहित्यिक हिन्दी में भी इन विदेशी शब्दों के फुटकर प्रयोग पाये जाते हैं। 

इन मुसलमानी शब्दों में सर्वाधिक शब्द फारसी के हैं, क्योंकि मुसलमानी शासन में सदैव ही फारसी को दरबारी एवं साहित्यिक भाषा के रूप में अपनाया गया। तुर्की, अरबी आदि अन्य मुसलमानी भाषाओं के शब्द भी प्राय: फारसी के ही माध्यम से हिन्दी में आये हैं। 

कागज, जरूरत, जिन्दगी आदि फारसी के अनेक शब्द हिन्दी में पूरी तरह से घुल-मिल गये हैं। इसी प्रकार तुर्की-अरबी के भी अनेक शब्द हिन्दी में ऐसे मिल गये हैं, मानों वे तद्भव शब्द ही हों, जैसे- आका, कैंची, काबू, कली, डलिया, चाकू आदि तुर्की के शब्द हैं। अमीर, महल, हलुवा, हलवाई आदि अरबी के शब्द हैं, जिन्हें हिन्दी भाषा-भाषी खुलकर प्रयोग करते हैं। कुछ शब्द पश्तो के भी प्रयुक्त होते हैं, जैसे-पठान, रोहिला (रोह=पहाड़) इत्यादि।
 

यूरोपीय भाषाओं के शब्द

यूरोप के निवासी लगभग सन् 1500 ई. से भारत में आने जाने लगे थे। चूँकि ये लोग समुद्री मार्ग से आये थे, अतएव ये लोग आरम्भ में समुद्र तटवर्ती प्रदेशों में ही बसे और प्रदेश से दूर ही रहे। यही कारण है कि हिन्दी के मध्यकालीन साहित्य में अँगरेजी के शब्दों का प्रभाव मिलता है। 

हिन्दी शब्द-समूह में अँगरेज़ी शब्द-समूह बहुत ही गहरे बैठ गये हैं-यहाँ तक कि हमारे अशिक्षित ग्रामवासी भी अँगरेजी के अनेक शब्दों का प्रयोग करते हैं-यद्यपि इनमें अनेक शब्द के रूप काफी विकृत हो जाते हैं। अंजन (ऐंजिन), सिंगल (सिगनल), अफसर (ऑफीसर), टिकट (टिकिट), अर्दली (आर्डरली), इस्प्रेस (एक्सप्रेस), ठेठर (थियेटर) आदि शब्दों का प्रयोग घर-घर में पाया जाता है। हाँ एक बात अवश्य है कि अँगरेजी के अनेक शब्द ऐसे हैं जिन्हें केवल शहर निवासी अँगरेजी के पढ़े-लिखे व्यक्ति ही प्रयोग करते हैं। इसके द्वारा प्रयुक्त अँगरेजी शब्द प्रायः तत्सम या अर्द्धतत्सम रूप में ही प्रयुक्त होते हैं; यथा-डाक्टर, स्टेशन, थर्ड डिवीजन, सिनेमा, नर्स, टेलीफोन, मिक्चर आदि । 

अँगरेजी के अतिरिक्त अन्य कई यूरोपीय भाषाओं के शब्दों का भी निःसंकोच प्रयोग पाया जाता है। यथा- पुर्तगाली भाषा के शब्द-अनन्नास, अलमारी, आलपीन, अचार, कमीज, कमरा, पीपा, लबादा, सन्तरा इत्यादि । फ्रांसीसी (फ्रेंच) भाषा के शब्द-अंग्रेज, कूपन, कास इत्यादि । डच भाषा के शब्द-तुरुप, (ताश के खेल में प्रयुक्त शब्द), बम (गाड़ी का) । स्पेनी शब्द- सिगरेट, सिगार, कार्क, अलपका इत्यादि । 

दो भाषाओं के योग से बने हुए शब्द

हिन्दी शब्दावली में कुछ ऐसे शब्द प्रयुक्त हो रहे हैं, जो भिन्न भाषाओं से मिलकर बने हैं। इन्हें हम संयुक्त शब्द भी कह सकते हैं। इनमें कई प्रकार के शब्द हैं- दो देशी भाषाओं से बने हुए शब्द तथा एक देशी एवं विदेशी भाषा से बने हुए शब्द, यथा- डाकखाना (डाक हिन्दी, खाना फारसी) । राजमहल (राज संस्कृत्, महल अरबी) । शेयर बाजार (शेयर अँगरेजी, बाजार फारसी) । रेल मन्त्री (रेल अँगरेजी, मन्त्री संस्कृत) । अर्जी नवीस (अर्जी अरबी, नबीस फारसी। 

COMMENTS

Leave a Reply
नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,62,अज्ञेय,35,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,7,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",6,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,3,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,11,आर्थिक लेख,7,आषाढ़ का एक दिन,17,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,179,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,2,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,32,कक्षा 10 हिन्दी स्पर्श भाग 2,17,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,15,कमलेश्वर,6,कविता,1420,कहानी लेखन हिंदी,15,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,4,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,2,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,2,केदारनाथ अग्रवाल,3,केशवदास,4,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,52,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,138,गजानन माधव "मुक्तिबोध",14,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,10,गोरख पाण्डेय,3,गोरा,2,घनानंद,2,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चमरासुर उपन्यास,7,चाणक्य नीति,5,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,17,जयशंकर प्रसाद,30,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,73,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,5,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,25,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,3,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,6,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,23,नाटक,1,निराला,35,निर्मल वर्मा,2,निर्मला,42,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,187,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',4,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,133,प्रयोजनमूलक हिंदी,24,प्रेमचंद,40,प्रेमचंद की कहानियाँ,91,प्रेरक कहानी,16,फणीश्वर नाथ रेणु,4,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,86,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,5,बैताल पचीसी,2,बोधिसत्व,7,भक्ति साहित्य,138,भगवतीचरण वर्मा,7,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,61,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतीय शिक्षा का इतिहास,3,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,10,भाषा विज्ञान,13,भीष्म साहनी,7,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,5,मलिक मुहम्मद जायसी,4,महादेवी वर्मा,20,महावीरप्रसाद द्विवेदी,2,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,12,मैला आँचल,4,मोहन राकेश,12,यशपाल,14,रंगराज अयंगर,43,रघुवीर सहाय,6,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,22,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,20,राजभाषा हिंदी,66,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,2,रामधारी सिंह दिनकर,25,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,2,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,119,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,33,विद्यापति,6,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,7,शमशेर बहादुर सिंह,5,शमोएल अहमद,5,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिक्षाशास्त्र,6,शिवमंगल सिंह सुमन,6,शुभकामना,1,शेख चिल्ली की कहानी,1,शैक्षणिक लेख,53,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संयुक्त राष्ट्र संघ,1,संस्मरण,28,सआदत हसन मंटो,10,सतरंगी बातें,33,सन्देश,39,समसामयिक हिंदी लेख,231,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,19,सारा आकाश,18,साहित्य सागर,22,साहित्यिक लेख,72,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,3,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",9,सुभद्राकुमारी चौहान,7,सुमित्रानंदन पन्त,21,सूरदास,15,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,10,हजारी प्रसाद द्विवेदी,3,हरिवंशराय बच्चन,28,हरिशंकर परसाई,24,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,374,हिंदी लेख,511,हिंदी व्यंग्य लेख,5,हिंदी समाचार,165,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,7,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,32,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,87,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,45,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,9,हिन्दी साहित्य का इतिहास,21,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,14,astrology,1,Attaullah Khan,2,baccho ke liye hindi kavita,70,Beauty Tips Hindi,3,bhasha-vigyan,1,Class 10 Hindi Kritika कृतिका Bhag 2,5,Class 11 Hindi Antral NCERT Solution,3,Class 9 Hindi Kshitij क्षितिज भाग 1,17,Class 9 Hindi Sparsh,15,English Grammar in Hindi,3,formal-letter-in-hindi-format,143,Godan by Premchand,6,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,19,hindi essay,366,hindi grammar,52,Hindi Sahitya Ka Itihas,103,hindi stories,659,hindi-gadya-sahitya,8,hindi-kavita-ki-vyakhya,18,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,icse-bhasha-sanchay-8-solutions,18,informal-letter-in-hindi-format,59,jyotish-astrology,16,kavyagat-visheshta,22,Kshitij Bhag 2,10,lok-sabha-in-hindi,18,love-letter-hindi,3,mb,72,motivational books,10,naya raasta icse,9,NCERT Class 10 Hindi Sanchayan संचयन Bhag 2,3,NCERT Class 11 Hindi Aroh आरोह भाग-1,20,ncert class 6 hindi vasant bhag 1,14,NCERT Class 9 Hindi Kritika कृतिका Bhag 1,5,NCERT Hindi Rimjhim Class 2,13,NCERT Rimjhim Class 4,14,ncert rimjhim class 5,19,NCERT Solutions Class 7 Hindi Durva,12,NCERT Solutions Class 8 Hindi Durva,17,NCERT Solutions for Class 11 Hindi Vitan वितान भाग 1,3,NCERT Solutions for class 12 Humanities Hindi Antral Bhag 2,4,NCERT Solutions Hindi Class 11 Antra Bhag 1,19,NCERT Vasant Bhag 3 For Class 8,12,NCERT/CBSE Class 9 Hindi book Sanchayan,6,Nootan Gunjan Hindi Pathmala Class 8,18,Notifications,5,nutan-gunjan-hindi-pathmala-6-solutions,17,nutan-gunjan-hindi-pathmala-7-solutions,18,political-science-notes-hindi,1,question paper,19,quizzes,8,Rimjhim Class 3,14,samvad-lekhan-in-hindi,3,Sankshipt Budhcharit,5,Shayari In Hindi,16,sponsored news,10,Syllabus,7,top-classic-hindi-stories,42,UP Board Class 10 Hindi,4,Vasant Bhag - 2 Textbook In Hindi For Class - 7,11,vitaan-hindi-pathmala-8-solutions,16,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,19,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: हिंदी की शब्द संपदा समृद्ध है पर लेख | हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत
हिंदी की शब्द संपदा समृद्ध है पर लेख | हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत
हिंदी की शब्द संपदा समृद्ध है पर लेख हिंदी की शब्द संपदा शब्द भंडार और शब्द निर्माण हिन्दी शब्द समूह और उसके मूल स्रोत hindi ki shabd sampada शब्दावली
https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj6GBjoVf1ok3kYC8wNxDvb-6jS9CYI4t2bgnefHv3C7GLTHeAUBEYKVCLkFRLAnsIXkfRicZtnwAvkINPNkGoK_4tVIrqJj67BKLTfQGQygn9MaIuXKNZBYGnLQrf_bBvGmPIGmJ8YTP19VjLMb_C556sI7wmS7irR9FWA1EsvLCvrzI4CrBlKbgJF-5An/w320-h218/hindi-ki-shabd-sampada-ka-parichay.jpg
https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj6GBjoVf1ok3kYC8wNxDvb-6jS9CYI4t2bgnefHv3C7GLTHeAUBEYKVCLkFRLAnsIXkfRicZtnwAvkINPNkGoK_4tVIrqJj67BKLTfQGQygn9MaIuXKNZBYGnLQrf_bBvGmPIGmJ8YTP19VjLMb_C556sI7wmS7irR9FWA1EsvLCvrzI4CrBlKbgJF-5An/s72-w320-c-h218/hindi-ki-shabd-sampada-ka-parichay.jpg
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2023/06/hindi-ki-shabd-sampada-ka-parichay.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2023/06/hindi-ki-shabd-sampada-ka-parichay.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy बिषय - तालिका