पहलवान की ढोलक Pahalwan ki Dholak

SHARE:

pahalwan ki dholak kahani pahalwan ki dholak summary pahalwan ki dholak ncert solutions cbse class 12 hindi chapters summary पहलवान की ढोलक कहानी पहलवान की ढोलक सारांश फणीश्वर नाथ रेणु Phanishwar Nath 'Renu' पहलवान की ढोलक सारांश pahalwan ki dholak questions summary of pahalwan ki dholak in hindi pahalwan ki dholak summary pahalwan ki dholak ncert solutions pahalwan ki dholak question answer cbse class 12 hindi chapters summary pahalwan ki dholak questions cbse class 12 hindi chapters summary pahalwan ki dholak ncert solutions pahalwan ki dholak solutions pahalwan ki dholak question answer pahalwan ki dholak kahani पहलवान की ढोलक कहानी पहलवान की ढोलक सारांश फणीश्वर नाथ रेणु Phanishwar Nath 'Renu'

पहलवान की ढोलक फणीश्वर नाथ रेणु
Pahalwan ki Dholak  Phanishwar Nath 'Renu'



pahalwan ki dholak kahani pahalwan ki dholak summary pahalwan ki dholak ncert solutions cbse class 12 hindi chapters summary Class XII NCERT Hindi Text Book पहलवान की ढोलक कहानी पहलवान की ढोलक सारांश फणीश्वर नाथ रेणु Phanishwar Nath 'Renu' - पहलवान की ढोलक, कहानी फणीश्वर नाथ रेणु  जी द्वारा लिखी गयी प्रसिद्ध कहानी है .इस कहानी में लेखक ने अपने गाँव अंचल एवं संस्कृति को सजीव कर दिया है .ऐसा लगता है कि मानों हरेक पात्र वास्तविक जीवन जी रहा है . कहानी के प्रारंभ पहलवान की ढोलक के बजने से होती है .गाँव में महामारी फैली हुई है .रात में वातावरण में शान्ति है .कभी - कभी झोपड़ी से कराहने व के करने कि आवाज तथा कभी कभी बच्चों के रोने की आवाज आती थी .ऐसे समय पहलवान की ढोलक संध्या से प्रातःकाल तक एक ही गति से बजती रहती थी .यही आवाज मृत गाँव में संजीवनी शक्ति रहती थी . 
पहलवान के जीवन के बारे में फणीश्वर नाथ रेणु जी  ने बताया है कि नौ बर्ष कि आयु में ही पहलवान  के माता - पिता की मृत्यु हो गयी और उसका पालन पोषण उसकी विधवा सास द्वारा किया गया .सास पर हुए अत्याचारों को देखकर लुट्टन को बदला लेने के लिए अपने शरीर को मज़बूत बनाना शुरू कर दिया .वह गाँव में पहलवानी करने लगा .एक वह श्यामनगर के दंगल में दंगल देखने गया था .वह उसने ढोलक की आवाज को अपना गुरु मानकर शेर के बच्चे चाँद सिंह नाम के पहलवान को हराया .उसके बाद राजा ने उसे राज - पहलवान घोषित कर दिया .अब उसका पालन - पोषण राजदरबार से होने लगा .फिर उसने काले खां जैसे प्रसिद्ध पहलवान को हरा कर अपने को अजेय पहलवान घोषित कर दिया .इस प्रकार पंद्रह वर्ष बीत गए .लुट्टन अजेय बना रहा .अपने बेटों को पहलवानी की शिक्षा देने लगा .वह अपने बेटों को ढोलक के प्रताप से अजेय बनने की शिक्षा देता रहा .लेकिन राजा की मृत्यु के बाद राजकुमार विलायत से आने के बाद पहलवान के खर्चों को देखकर उसे दरबार से हटा दिया गया .विवश होकर वह अपने गाँव लौट गया .गाँव आकर वह और उसे बेटे ग्रामीण बच्चों को कुश्ती सिखाने लगा ,लेकिन ग्रामीणों में अरुचि के कारण ,पहलवान के बेटे मजदूरी करने लगे .लेकिन अकस्मात् सूखा और महामारी के कारण एक एक करके लोग मरने लगे .इस प्रकार उनके दोनों बेटे महामारी के चपेट में आ गए .वह उन्हें उठाकर नदी में बहा आया .पुत्रों  के मृत्यु  के बाद भी वह ढोलक बजाता रहा .तो लोगों के हिम्मत बढ़ी .चार पाँच दिन बाद ढोलक बजनी बंद हो गयी .सुबह लोगों ने देखा कि पहलवान की लाश चित्त पड़ी है .एक शिष्य ने कहा कि गुरु ने कहा था उसकी मौत के बाद उसके शरीर को चिता पर पेट के बल लिटाया जाए क्योंकि वह कभी चित्त नहीं हुआ और चिता सुलगाने के समय ढोल बजाते रहना .इस प्रकार पहलवान  के अंत के साथ कहानी का अंत हो जाता है .

pahalwan ki dholak ncert solutions pahalwan ki dholak solutions pahalwan ki dholak question answer पहलवान की ढोलक पाठ के साथ  - 



प्र.१. कुश्ती के समय ढोल की आवाज और लुट्टन के दाँव पेंच में क्या तालमेल था ?पाठ में आये ध्व्यान्यात्मक शब्द और ढोल की आवाज आपके मन में कैसी ध्वनि पैदा करते हैं ,उन्हें शब्द दीजिये .

उ.१. कुश्ती के समय ढोल और लुट्टन के दाँव पेंच में बहुत अच्छा तालमेल था .वह ढोल को ही गुरु मानता था .पहली बार जब वह दंगल देखने श्यामनगर मेला गया .वह ढोल की आवाज सुनकर ही शेर के बच्चे चाँद सिंह से लड़ गया और चाँद सिंह को हरा दिया .ढोल की आवाज और लुट्टन के दाँव पेंच में तालमेल था ,जो कि निम्न प्रकार है - 
  • चटाक चट धा - उठा पटक दे .
  • ढाक दिवा - वाह पट्ठे 
  • चट गिड धा - मत डरना 
  • धाक धिन तिरकिट तिन - दाँव काटो ,बाहर हो जाओ . 
  • धिना धिना धिक् धिन - चित्त करो चित्त करो . 
तो इस प्रकार ढोलक की आवाज पहलवान को उत्साह प्रदान करते हैं . 

प्र.२. कहानी के किस - किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या क्या - परिवर्तन आये ?

उ.२. लेखक फणीश्वर नाथ रेणु जी ने पहलवान की ढोलक में पहलवान लुट्टन सिंह की जीवनगाथा लिखी है .उसका सारा जीवन अभावों और कष्टों में बीता .लेकिन वह अपने पुरुषार्थ हर समस्या को चुनौती देता रहा .बचपन में ही नौ बर्ष की आयु में ही माँ - बाप विधवा सास ने उसका पालन पोषण किया .सास पर गाँव वालों के अत्याचारों से दुखी होकर बदला लेने के लिए वह पहलवानी का शौक पाल लिया .एक बार दंगल देखने श्यामनगर मेला देखने गया .वहां पर चाँद सिंह  जैसे पहलवान को हराया .और इस प्रकार राजा साहब ने राज पहलवान बना दिया .उसके बाद उसने काले खान जैसे प्रसिद्ध पहलवान को भी हराया .समय से साथ उसने अपने बेटों को भी पहलवानी के गुण सिखाये लेकिन सब दिन न होत समान .राजा साहब की मौत के बाद नए राजकुमार ने उन्हें राजदरबार से हटा दिया .विवश होकर लुट्टन गाँव लौट आया .गाँव में मजदूरी करके लुट्टन किसी प्रकार अपना पेट पालने लगा .लेकिन सूखे और महामारी के कारण उसके दोनों बेटे मर गया और कुछ दिन पहलवान भी चल बसा . 

प्र.३.लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरा कोई गुरु कोई पहलवान नहीं ,यही ढोल हैं ?

उ.३. लुट्टन ने अपनी पहलवानी का लोहा मनवाया .पहले दंगल से लेकर जीवन के अंतिम समय तक ढोलक को ही अपना साथ बनाए रखा .उसने अपने बेटों को पहलवानी की शिक्षा देनी शुरू की .दोनों ही लड़के राजदरबार से भावी पहलवान घोषित हो चुके थे .प्रतिदिन प्रातःकाल पहलवान स्वयं ढोलक बजा बजाकर दोनों से कसरत करवाता .उसने बेटों को बताया कि ढोलक की आवाज पर पूरा ध्यान देना .मेरा कोई गुरु नहीं है .ढोल की आवाज के प्रताप से ही पहलवान हुआ .अतः सबसे पहले दंगल में उतरकर उन्हें ही प्रणाम करना . 

प्र.४. गाँव में महामारी फैलने और अपने बेटों के देहांत के बावजूद लुट्टन पहलवान ढोल क्यों बजाता रहा ?

उ.४. गाँव में महामारी फैलने और अपने बेटों के देहांत में बावजूद लुट्टन ढोल बजाता रहा .सारे गाँव में निराशा फ़ैल चुकी है .रात्री की विभीषिका  को सिर्फ पहलवान की ढोलक ही चुनौती देती .पहलवान संध्या से सुबह तक ,चाहे जिस ख्याल से ढोलक बजाता हो ,किन्तु गाँव में अर्धमृत औषधि - उपचार विहीन प्राणियो में वह संजीवनी शक्ति ही भरती थी .बूढ़े - बच्चे जवानों की शक्ति हीन आँखों के आगे दंगल का दृश्य नाचने लगता था .स्पंदक शक्ति शून्य स्नायुओं में भी बिजली दौड़ जाती थी .ढोलक की आवाज सुनकर मरते हुए प्राणी भी ,मृत्यु से नहीं डरते थे . 

प्र.५. ढोलक की आवाज का पूरे गाँव पर क्या असर होता था ?

प्र.५. ढोलक की आवाज का पूरे गाँव पर बहुत अच्छा असर होता था .रात्री की विभीषिका  को सिर्फ पहलवान की ढोलक ही चुनौती देती .पहलवान संध्या से सुबह तक ,चाहे जिस ख्याल से ढोलक बजाता हो ,किन्तु गाँव में अर्धमृत औषधि - उपचार विहीन प्राणियो में वह संजीवनी शक्ति ही भरती थी .बूढ़े - बच्चे जवानों की शक्ति हीन आँखों के आगे दंगल का दृश्य नाचने लगता था .स्पंदक शक्ति शून्य स्नायुओं में भी बिजली दौड़ जाती थी .ढोलक की आवाज सुनकर मरते हुए प्राणी भी ,मृत्यु से नहीं डरते थे . 

प्र.६. महामारी फैलने के बाद गाँव में सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य में क्या अंतर होता था ?

उ.६. महामारी के समय गाँव प्राय : सूना हो चला था .घर के घर खाली पड़ गए थे .रोज़ दो - तीन लाशें उठने लगी .लोगों में खलीबली मची हुई थी .दिन के समय हाहाकार और ह्रदय विदारक रुदन के बावजूद भी लोगों के चेहरे पर कुछ रौनक बची हुई थी .सूर्योदय के समय लोग कांखते - कोंखते ,कराहते अपने घरों से निकलकर अपने पड़ोसियों व आत्मीयता को धाडस देते थे . 
सूर्यास्त होते ही जब लोग अपनी अपनी झोपड़ियों में घुस जाते ,तो चूं भी नहीं करते .उनकी बोलने की शक्ति भी जाती रही . पास में दम तोड़ते हुए पुत्र को अंतिम बार बेटा कहने की भी हिम्मत माताओं में नहीं थी .लेकिन ऐसे समय में पहलवान की ढोलक ही बीमारी को चुनौती देती थी . 



Keywords - 
पहलवान की ढोलक सारांश pahalwan ki dholak questions summary of pahalwan ki dholak in hindi pahalwan ki dholak summary pahalwan ki dholak ncert solutions pahalwan ki dholak question answer cbse class 12 hindi chapters summary pahalwan ki dholak questions cbse class 12 hindi chapters summary pahalwan ki dholak ncert solutions pahalwan ki dholak solutions pahalwan ki dholak question answer pahalwan ki dholak kahani पहलवान की ढोलक कहानी पहलवान की ढोलक सारांश फणीश्वर नाथ रेणु Phanishwar Nath 'Renu'

COMMENTS

BLOGGER: 2
आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

Advertisement

इन्हें भी पढ़ें -

नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,58,अज्ञेय,27,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,6,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",4,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,2,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,9,आर्थिक लेख,5,आषाढ़ का एक दिन,10,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,176,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,1,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,31,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,10,कमलेश्वर,4,कविता,622,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,1,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,1,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,1,केदारनाथ अग्रवाल,1,केशवदास,1,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,32,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,80,गजानन माधव "मुक्तिबोध",10,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,8,गोरा,2,घनानंद,1,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,8,जयशंकर प्रसाद,18,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,11,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,1,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,5,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,1,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,2,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,15,नाटक,1,निराला,27,निर्मल वर्मा,1,निर्मला,26,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,124,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',3,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,60,प्रेमचंद,22,प्रेमचंद की कहानियाँ,89,प्रेरक कहानी,15,फणीश्वर नाथ रेणु,1,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,68,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,1,बैताल पचीसी,2,भक्ति साहित्य,96,भगवतीचरण वर्मा,5,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,59,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,6,भीष्म साहनी,5,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,3,मलिक मुहम्मद जायसी,1,महादेवी वर्मा,12,महावीरप्रसाद द्विवेदी,1,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,8,मोहन राकेश,9,यशपाल,9,रंगराज अयंगर,40,रघुवीर सहाय,5,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,21,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,11,राजभाषा हिंदी,46,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,1,रामधारी सिंह दिनकर,17,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,1,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,64,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,16,विद्यापति,4,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,3,शमशेर बहादुर सिंह,5,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिवमंगल सिंह सुमन,5,शुभकामना,1,शैक्षणिक लेख,9,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संस्मरण,9,सआदत हसन मंटो,9,सतरंगी बातें,33,सन्देश,11,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,16,सारा आकाश,12,साहित्य सागर,21,साहित्यिक लेख,17,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,1,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",6,सुभद्राकुमारी चौहान,6,सुमित्रानंदन पन्त,16,सूरदास,4,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,9,हजारी प्रसाद द्विवेदी,1,हरिवंशराय बच्चन,26,हरिशंकर परसाई,21,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,138,हिंदी लेख,277,हिंदी समाचार,62,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,5,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,31,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,38,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,42,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,8,हिन्दी साहित्य का इतिहास,22,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,13,astrology,1,Attaullah Khan,1,baccho ke liye hindi kavita,55,Beauty Tips Hindi,3,English Grammar in Hindi,3,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,6,hindi essay,130,hindi grammar,49,Hindi Sahitya Ka Itihas,37,hindi stories,436,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,Kshitij Bhag 2,10,mb,72,motivational books,7,naya raasta icse,8,Notifications,5,question paper,8,quizzes,8,Shayari In Hindi,11,sponsored news,2,Syllabus,7,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,15,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: पहलवान की ढोलक Pahalwan ki Dholak
पहलवान की ढोलक Pahalwan ki Dholak
pahalwan ki dholak kahani pahalwan ki dholak summary pahalwan ki dholak ncert solutions cbse class 12 hindi chapters summary पहलवान की ढोलक कहानी पहलवान की ढोलक सारांश फणीश्वर नाथ रेणु Phanishwar Nath 'Renu' पहलवान की ढोलक सारांश pahalwan ki dholak questions summary of pahalwan ki dholak in hindi pahalwan ki dholak summary pahalwan ki dholak ncert solutions pahalwan ki dholak question answer cbse class 12 hindi chapters summary pahalwan ki dholak questions cbse class 12 hindi chapters summary pahalwan ki dholak ncert solutions pahalwan ki dholak solutions pahalwan ki dholak question answer pahalwan ki dholak kahani पहलवान की ढोलक कहानी पहलवान की ढोलक सारांश फणीश्वर नाथ रेणु Phanishwar Nath 'Renu'
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2018/05/pahalwan-ki-dholak.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2018/05/pahalwan-ki-dholak.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy