चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग

SHARE:

Elections and politics are two very favorite Indian psyche and society are concentrated . इन तीनो विषयों का समायोजन कर उसे एक दस्तावेज का रूप देना एक बहुत परिपक्व लेखक एवं पत्रकार ही कर सकता है। और यह काम ब्रजेशजी ने बखूबी किया है।

चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग -पुस्तक समीक्षा 

चुनाव और राजनीति भारतीय मानस के दो बहुत पसंदीदा एवं समाज केंद्रित किन्तु दुरूह विषय हैं ,रिपोर्टिंग का विषय भारतीय नागरिक के लिए अभी भी अबूझ एवं समझ से थोड़ा अलग विषय माना जाता है। इन तीनो विषयों का समायोजन कर उसे एक दस्तावेज का रूप देना एक बहुत परिपक्व लेखक एवं  पत्रकार ही कर सकता है। और यह काम ब्रजेशजी ने बखूबी किया है। 
पुस्तक का नाम-चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग
लेखक -ब्रजेश राजपूत (ABP NEWS)
मूल्य -१९५/
प्रकाशक -शिवना प्रकाशन सीहोर
ब्रजेश राजपूत भारतीय मिडिया का एक ऐसा चेहरा है जो सूचनाओं को संवेदनशीलता एवं सच्चाई प्रदान करता है। ब्रजेश राजपूत ने सागर विश्व विदयालय से पत्रकारिता की उपाधि प्राप्त करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में ख्यातिनाम उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। ब्रजेशजी का सबसे बड़ा गुण उनका अपनी जड़ों से प्यार करना  है। सफलता व्यक्ति को जड़ों से काट कर आसमान में लटका देती है। जो जड़ छोड़ देते हैं वो ताड़ बन जाते हैं लेकिन जो जड़ नहीं छोड़ता वही वटवृक्ष बनता है। यही कारण  है कि वह आज पत्रकारिता के क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख चेहरा हैं। 
 ब्रजेश जी की पुस्तक "चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग"उस समय आई जब मध्यप्रदेश में 2013 के विधानसभा चुनाव अपने  शबाब पर थे। इन तीनो गूढ़ विषयों को समग्र रूप से विश्लेषित करने के लिए लेखक को विशद अध्ययनशील,जमीनी अनुभव के साथ साथ सामाजिक सरोकारों से परिचित होना एवं अपने भावों को सरल ,सुगम किन्तु साहित्यिक भाषा में प्रवाहित करना अत्यन्त आवष्यक होता है  ब्रजेशजी ने अपनी पुस्तक में इन तीनो गूढ़ विषयों को एकीकृत करके मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव  का जो विश्लेषण किया है वह अकल्पनीय है। 
      चुनाव का विषय सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है ,बल्कि इसके साथ उस क्षेत्र एवं मतदाताओं की सांस्कृतिक ,सामाजिक ,व्यहारिक एवं भौगोलिक अस्मिताएं शामिल होती हैं। इन सभी घटकों का सामूहिक विश्लेषण कर सटीक परिणाम की ओर इंगित करना इतना आसान  नहीं होता। इस पुस्तक में ब्रजेश जी ने अपनी सम्पूर्ण क्षमताओं से इस दुरूह विषय का जो विश्लेषण प्रस्तुत किया है वो बेहद सटीक एवं वास्तविकता के करीब है। 
  चुनाव को लेकर तीन अवधारणाएं काम करती हैं। दलों की अवधारणा ,जनमानस की अवधारणा एवं मीडिया की अवधारणा। इन तीनो अवधारणाओं के अपने अपने पैमानें होते हैं। इन पैमानों को समझना एवं उस आधार पर चुनाव का विश्लेषण कर वास्तविक परिणामों से साम्यता स्थापित करना बहुत ही अनुभव जन्य कार्य है। ब्रजेश जी ने जिस तरह से पूरी स्थितियों का क्रम बद्ध विश्लेषण किया लगता है जैसे चुनाव पूरी तरह क्रिकेट का मैच है और हम ब्रजेश जी से कमेंट्री सुन रहे हैं। 

चुनावी रिपोर्टिंग की अपनी चुनौतियां होती हैं। ब्रजेशजी ने रिपोर्टिंग को नए आयाम दिए हैं। जिस तरह से सरल ,सकारात्मक एवं बेबाक तरीके से चुनाव की कवरेज की वह उनके रिपोर्टिंग में चार चाँद लगाती है। उन्होंने सफल चुनावी रिपोर्टिंग के कुछ पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए रिपोर्टिंग के कुछ तरीके बताएं हैं । एक जगह उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा है "इसलिए सवाल सीधे नहीं घुमा कर पूछने की अदा रिपोर्टर को आनी चाहिए वर्ना कई दफा मतदाता ऐसा बेरुखा जबाब देता है की रिपोर्टर खिसिया के रह जाता है। "
  उन्होंने अपनी पुस्तक में मतदाता की चालाकी का उदहारण श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास राग दरवारी उपन्यास से दिया है "वोट की भिक्षा बड़े बड़े नेताओं को विनम्र बना देती है ...... जब आप वोट की भीख मांग रहे हो तो आप ही ले जाओ वोट.........  ।" उन्होंने इस उदहारण से स्पष्ट किया है कि आज के मतदाता के मन को टटोलना बहुत मुस्किल है। 
पुस्तक  का प्रथम अध्याय "चुनाव पर किताब क्यों "ही इस पुस्तक की महत्ता का बखान करता है। आज़ादी से लेकर आजतक भारतीय जन मानस ने चुनाव देखे हैं उनमें हिस्सा भी लिया है किन्तु चुनाव की केमिस्ट्री से
सुशील कुमार शर्मा
अधिकांशतः अनभिज्ञ हैं। चुनाव की यह रहस्य मय विधा राजनीतिक दलों एवं मीडिया हाउस के गुप्त तहखानों में बंद रहती है। ब्रजेश राजपूत की इस पुस्तक ने बड़े सहज एवं सरल ढंग से उस विधा से आम नागरिक को परिचित कराने का प्रयास किया है।
मध्यप्रदेश में 2013 के विधानसभा चुनाव कई मामलों में अहम था। जहाँ एक ओर कांग्रेस अपने क्षत्रपों के अहंकारों के नीचे दबी कराह रही थी वहीं शिवराज अपनी लोकप्रियता के चरम पर थे।कांग्रेस के पास एक मात्र तिनके का सहारा था शिवराज का मोदी विरोधी केम्प का होना। कांग्रेस सोच रही थी कि बीजेपी को बीजेपी ही निपटाएगी और वह सत्ता पर काबिज हो जाएगी। कांग्रेस को और से शिवराज के विरुद्ध युवा ज्योतिरादित्य सिंधिया को उतारा गया और परिणाम सबके सामने है। इन सभी घटनाओं एवं चुनावी रणनीतियों एवं मतदाता की मानसिकता का रोचक विश्लेषण लेखक  ने बखूबी किया है। 
ब्रजेश राजपूत की यह पुस्तक मध्यप्रदेश की राजनीति एवं पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है ,जिसमें पहले चुनाव की रिपोर्टिंग से लेकर 2013 तक के चुनाव के राजनैतिक ,सांस्कृतिक ,सामाजिक परिदृश्यों का परिकथा के सामान चित्रण किया गया है। इस पुस्तक में मिडिया की शुरुआती इतिहास सेलेकर वर्तमान स्थिति का विभिन्न सन्दर्भों में विश्लेषण प्रसंशनीय ही नहीं बल्कि अकल्पनीय है।
 वर्तमान में पत्रकारिता इसलिए चुनौती है क्योंकि राजनैतिक सत्ता खुद को एवं चुनावी जीत को संविधान से ऊपर मानने लगी है। सूचनाओं की तीव्रतम व्याख्याऐं होने लगी हैं। न्यूज़ चैनल अख़बार और अख़बार ने चैनल बन चुके हैं। सोशल मिडिया से लोग दूसरों के इतने नजदीक हो गए कि अपनों स दूर होने लगे हैं। ऐसी स्थिति में पत्रकारिता का निर्भीक ,निष्पक्ष एवं सम्मोहक होना नितांत आवश्यक बन गया है। 
ब्रजेशजी की यह पुस्तक दर्शाती है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं का सम्प्रेषण नहीं है बल्कि संवेदनशील ,मुखर जन हितेषी आवाज़ है जो समाज को आंदोलित करती है। पत्रकारिता सवाल एवं जन सरोकारों के मुद्दे उठाती है और इन सवालों से लोकतंत्र उन्नत होता है। पत्रकार किसी विशेष दल या व्यक्ति के लिए कलम उठाता है तो पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर लिखता है लेकिन जब वह जनसरोकार को अपनी लेखनी में उतारता है तो दिलों को छू लेता है ब्रजेशजी लोगों के दिलों में बसते है दलों में नहीं। 
राजनीतिक रिपोर्टिं पत्रकारिता के प्राण हैं। लेकिन अब चुनाव के इतर यह विधा करीब करीब हाशिये पर चली गई है। सेंटर फॉर मिडिया स्टडीज़ के एक सर्वेक्षण के आधार पर हिंदी एवं अंग्रेजी  के 8 प्रमुख चैनलों पर प्राइम टाइम पर राजनैतिक कवरेज में 50 % तक की गिरावट आई है। इसके मायने हैं कि राजनीतिक एवं पत्रकारिता की गठजोड़ जनता को पसंद नहीं है। ब्रजेश राजपूत की इस पुस्तक ने राजनीतिक रिपोर्टिंग का स्तर ऊँचा उठाया है एवं यह आम आदमी के विश्वास को  जीतने में कामयाब रही है। इस पुस्तक में प्रेस या मिडिया की आज़ादी का मतलब किसी मिडिया हाउस ,मिडिया पर्सन या कम्पनी की आज़ादी नहीं वरन जन सरोकारों के मुद्दे उठाने की आज़ादी बताई गई है।
यह पुस्तक राजनीति के विद्यार्थियों के लिए एक शोधग्रंथ के समान है। यह पुस्तक तीन खण्डों में विभाजित है प्रथम भाग में ब्रजेशजी ने चुनाव एवं रिपोर्टिंग की बारीकियों का विश्लेषण किया है। द्वितीय भाग में मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव से सम्बंधित 13 लेख जो चुनावी परिदृश्य को परिभाषित कर रहें हैं का अनूठा संकलन हैं। यह लेख ब्रजेशजी की प्रवाहमयी एवं धारदार असरदार लेखनी की गहराई को प्रदर्शित के हैं। इस पुस्तक का तीसरा भाग चुनावी आंकड़ों एवं चुनाव से सम्बंधित तस्वीरों से अलंकृत है जो मध्यप्रदेश के विधानसभा के चुनावों की सतरंगी तस्वीर पेश करती है। 
"चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग "इस पुस्तक को पढ़ते हुए आपको लगेगा की आप कोई फिल्म देख रहे हैं और एक के बाद एक दृश्य आपकी आँखोंके सामने से गुजर रहें हैं और आप मंत्र मुग्ध होकर उन्हें देख रहे हैं व सुन रहे हैं। अमूमन चुनावी चकल्लस का विश्लेषण इतना सजीव  नहीं होता जिंतना ब्रजेशजी ने अपनी लेखनी से उसे जीवंत कर दिया है। इस पुस्तक में लेखक ने पत्रकारिता को एक नई रूपक शैली एवं विशिष्टता प्रदान की है। पुस्तक की भाषा सरल प्रवाहमयी एवं साहित्यिक है। भाषा ने घटनाओं को संवेदनाओं में पिरोया है। 
 यह उच्च कोटि की जीवंत पुस्तक भारतीय राजनीति ,चुनाव एवं पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके लिए ब्रजेशजी बधाई के पात्र हैं। 

पुस्तक का नाम-चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग
लेखक -ब्रजेश राजपूत (ABP NEWS)
मूल्य -१९५/
प्रकाशक -शिवना प्रकाशन सीहोर




यह लेख सुशील कुमार शर्मा जी द्वारा लिखी गयी है . आप व्यवहारिक भूगर्भ शास्त्र और अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक हैं। इसके साथ ही आपने बी.एड. की उपाध‍ि भी प्राप्त की है। आप वर्तमान में शासकीय आदर्श उच्च माध्य विद्यालय, गाडरवारा, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत हैं। आप एक उत्कृष्ट शिक्षा शास्त्री के आलावा सामाजिक एवं वैज्ञानिक मुद्दों पर चिंतन करने वाले लेखक के रूप में जाने जाते हैं| अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में शिक्षा से सम्बंधित आलेख प्रकाशित होते रहे हैं | अापकी रचनाएं समय-समय पर देशबंधु पत्र ,साईंटिफिक वर्ल्ड ,हिंदी वर्ल्ड, साहित्य शिल्पी ,रचना कार ,काव्यसागर, स्वर्गविभा एवं अन्य  वेबसाइटो पर एवं विभ‍िन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाश‍ित हो चुकी हैं।
आपको विभिन्न सम्मानों से पुरुष्कृत किया जा चुका है जिनमे प्रमुख हैं :-
 1.विपिन जोशी रास्ट्रीय शिक्षक सम्मान "द्रोणाचार्य "सम्मान  2012
 2.उर्स कमेटी गाडरवारा द्वारा सद्भावना सम्मान 2007
 3.कुष्ट रोग उन्मूलन के लिए नरसिंहपुर जिला द्वारा सम्मान 2002
 4.नशामुक्ति अभियान के लिए सम्मानित 2009
इसके आलावा आप पर्यावरण ,विज्ञान, शिक्षा एवं समाज  के सरोकारों पर नियमित लेखन कर रहे हैं |

COMMENTS

BLOGGER

Advertisement

इन्हें भी पढ़ें -

नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,58,अज्ञेय,27,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,6,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",4,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,2,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,9,आर्थिक लेख,5,आषाढ़ का एक दिन,9,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,176,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,1,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,31,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,10,कमलेश्वर,4,कविता,610,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,1,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,1,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,1,केदारनाथ अग्रवाल,1,केशवदास,1,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,32,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,80,गजानन माधव "मुक्तिबोध",10,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,8,गोरा,2,घनानंद,1,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,8,जयशंकर प्रसाद,18,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,10,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,1,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,5,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,1,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,2,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,15,नाटक,1,निराला,27,निर्मल वर्मा,1,निर्मला,26,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,122,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',3,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,58,प्रेमचंद,22,प्रेमचंद की कहानियाँ,89,प्रेरक कहानी,15,फणीश्वर नाथ रेणु,1,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,68,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,1,बैताल पचीसी,2,भक्ति साहित्य,94,भगवतीचरण वर्मा,5,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,59,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,6,भीष्म साहनी,5,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,3,मलिक मुहम्मद जायसी,1,महादेवी वर्मा,12,महावीरप्रसाद द्विवेदी,1,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,8,मोहन राकेश,9,यशपाल,9,रंगराज अयंगर,40,रघुवीर सहाय,5,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,21,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,10,राजभाषा हिंदी,46,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,1,रामधारी सिंह दिनकर,17,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,1,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,62,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,16,विद्यापति,4,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,3,शमशेर बहादुर सिंह,5,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिवमंगल सिंह सुमन,5,शुभकामना,1,शैक्षणिक लेख,9,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संस्मरण,9,सआदत हसन मंटो,9,सतरंगी बातें,32,सन्देश,11,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,16,सारा आकाश,12,साहित्य सागर,21,साहित्यिक लेख,15,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,1,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",6,सुभद्राकुमारी चौहान,6,सुमित्रानंदन पन्त,16,सूरदास,4,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,9,हजारी प्रसाद द्विवेदी,1,हरिवंशराय बच्चन,26,हरिशंकर परसाई,21,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,138,हिंदी लेख,274,हिंदी समाचार,61,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,5,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,31,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,38,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,42,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,8,हिन्दी साहित्य का इतिहास,22,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,13,astrology,1,Attaullah Khan,1,baccho ke liye hindi kavita,54,Beauty Tips Hindi,3,English Grammar in Hindi,3,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,5,hindi essay,130,hindi grammar,49,Hindi Sahitya Ka Itihas,37,hindi stories,435,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,Kshitij Bhag 2,10,mb,72,motivational books,7,naya raasta icse,8,Notifications,5,question paper,8,quizzes,8,Shayari In Hindi,11,sponsored news,2,Syllabus,7,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,15,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग
चुनाव ,राजनीति और रिपोर्टिंग
Elections and politics are two very favorite Indian psyche and society are concentrated . इन तीनो विषयों का समायोजन कर उसे एक दस्तावेज का रूप देना एक बहुत परिपक्व लेखक एवं पत्रकार ही कर सकता है। और यह काम ब्रजेशजी ने बखूबी किया है।
https://1.bp.blogspot.com/-pv5lp31yHAk/V2Z05KGBfqI/AAAAAAAABzs/ZWSv6PbX4vk9dv_FutvUDtfVLaAcEpfIwCLcB/s1600/chunav%2Brajniti.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-pv5lp31yHAk/V2Z05KGBfqI/AAAAAAAABzs/ZWSv6PbX4vk9dv_FutvUDtfVLaAcEpfIwCLcB/s72-c/chunav%2Brajniti.jpg
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2016/06/elections-politics-and-reporting.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2016/06/elections-politics-and-reporting.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy