शानदार वक्ताओं की सूची के साथ सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 के आकर्षक कार्यक्रम की घोषणा
शानदार वक्ताओं की सूची के साथ सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 के आकर्षक कार्यक्रम की घोषणा
दिल्ली, अप्रैल 2 ,2026: पूर्वी हिमालय में संस्कृति, रचनात्मकता और संवाद का उत्सव मनाने के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 (SALF 2026) ने अपने दूसरे संस्करण के समृद्ध कार्यक्रम की घोषणा की है। यह फ़ेस्टिवल माननीय मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) की पहल है, जिसे शिक्षा विभाग, सिक्किम सरकार के स्टूडेंट्स वेलफ़ेयर बोर्ड द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है और जिसका निर्माण प्रतिष्ठित जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के आयोजक टीमवर्क आर्ट्स कर रहे हैं। इस वर्ष का फ़ेस्टिवल भारत और दुनिया भर के प्रमुख लेखकों, विचारकों और कलाकारों को एक साथ लाएगा, जहाँ दर्शकों को विविध विचारों, कहानियों और दृष्टिकोणों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। यह फ़ेस्टिवल 26 से 28 अप्रैल 2026 तक द रिज पार्क, गंगटोक, सिक्किम में आयोजित होगा।
प्रमुख वक्ताओं में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखिका मामांग दाई; लेखिका और जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल की सह-संस्थापक व सह-निदेशक नमिता गोखले; कवि और सांस्कृतिक स्वर शंकर देव ढकाल; प्रख्यात कवि और आलोचक रंजीत होस्कोटे; भारतीय नेपाली भाषा के लेखक चुडेन काबिमो; प्रतिष्ठित कवि रॉबिन एस. न्गांगोम; और प्रसिद्ध इतिहासकार, लेखक व जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के सह-संस्थापक व सह-निदेशक विलियम डैलरिंपल शामिल हैं। इनके साथ ही लेखकों, कवियों और संस्कृतिकर्मियों का प्रतिष्ठित समूह भी इस फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनेगा, जिसमें अखिलेश उपाध्याय, अमृता त्रिपाठी, अनिर्बान भट्टाचार्य, अनुराधा शर्मा, अनुराग बस्नेत, अरुंधति नाथ, बरसाली भट्टाचार्य, बिष्णुप्रिया दत्त, भीम रावत, कैरिसा निमाह, चार्मी छेड़ा, चेतन राज श्रेष्ठ, दशो दोरजी ध्रादुल, ध्रुबा हजारिका, ईशा चटर्जी, गुरु टी. लद्दाखी, होइहनु हाउज़ेल, ईशान शनावास, कनिष्का गुप्ता, मोना छेत्री, मृदुला रमेश, नवराज पराजुली, नेहा सिन्हा, पंकज थापा, पेमा वांगचुक दोरजी, प्रबीन खालिंग, पुनीता रॉय, रचित तनेजा, रमन श्रेष्ठ, रोसी चामलिंग, सक्याजीत भट्टाचार्य, सत्यदीप एस. छेत्री, संदीप रॉय, सिधार्थ श्रीकुमार, सोनम ओंगमु लासोपा, सुबी ताबा, सुमन बिल्ला, सुमीत शेट्टी, ताशी चोपेल, उजान दत्ता, विवेक मेनेज़ेस और यिशे योंगदा जैसे सम्मानित नाम शामिल हैं।
फ़ेस्टिवल का कार्यक्रम सार्थक संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और बौद्धिक साझेदारी पर केंद्रित है। कार्यक्रम के प्रमुख सत्रों में द गोल्डन रोड शामिल है, जिसमें विलियम डैलरिंपल अपनी नई किताब पर चर्चा करेंगे, जो प्राचीन यूरेशिया में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाती है। द वाइल्ड पल्स सत्र में ईशान शनावास और नेहा सिन्हा, पेमा वांगचुक दोरजी के साथ जंगलों, जैव विविधता और संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। वहीं इकोज़ ऑफ वर्स सत्र में मामांग दाई, रंजीत होस्कोटे, रॉबिन एस. न्गांगोम और गुरु टी. लद्दाखी कविता, पहचान और अभिव्यक्ति पर विचार साझा करेंगे। अन्य सत्रों में कन्वर्सेशंस फ़ॉर द माइंड शामिल है, जो मानसिक स्वास्थ्य और उससे जुड़े सामाजिक दृष्टिकोण पर बात करेगा। द नेपाली इमैजिनेशन: बिटवीन माउंटेन्स एंड मेमोरी में नेपाली भाषा की कहानियों और उनके भौगोलिक संदर्भों पर चर्चा होगी। वहीं ए नैचुरल डिस्पोज़िशन: लाइफ़ इन स्टोरीज़ में ध्रुबा हजारिका, चेतन राज श्रेष्ठ और मामांग दाई, रोसी चामलिंग के साथ बातचीत में प्रकृति, स्मृति और जीवन के अनुभवों से जुड़ी अपनी कहानियाँ साझा करेंगे।
सिक्किम विधानसभा के सदस्य श्री आदित्य गोले ने कहा, “सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल हमारे राज्य की संवाद, रचनात्मकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह फ़ेस्टिवल भारत और दुनिया भर की आवाज़ों को एक साथ लाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। हमें इस पहल का समर्थन करने पर गर्व है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक बातचीत को भी प्रोत्साहित करता है।“
स्टूडेंट्स वेलफ़ेयर बोर्ड, शिक्षा विभाग, सिक्किम सरकार के अध्यक्ष, श्री सोनम चोपेल शेरपा ने कहा, “यह फ़ेस्टिवल युवा मनों को प्रेरित करने और उन्हें कक्षा के बाहर सीखने के अवसर देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। विविध पृष्ठभूमियों से आने वाले लेखकों, विचारकों और कलाकारों के साथ जुड़कर छात्र जिज्ञासा, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच विकसित कर सकते हैं। यह पहल सिक्किम के सांस्कृतिक वातावरण को मज़बूत करती है और नई पीढ़ी को साहित्य और विचारों से जोड़ती है।“
टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने कहा, “सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल विचारों, कल्पना और संवाद का उत्सव है, जो दुनिया के सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक स्थानों में से एक में आयोजित होता है। सिक्किम की समृद्ध परंपराएँ और उसकी रचनात्मक ऊर्जा ऐसे संवादों के लिए एक सशक्त मंच तैयार करती हैं, जो स्थानीय होने के साथ-साथ वैश्विक भी हैं। हम इस फ़ेस्टिवल के माध्यम से ऐसा मंच बनाना चाहते हैं, जहाँ कहानियाँ लोगों को जोड़ें और नई सोच को जन्म दें।“
टीमवर्क आर्ट्स में फ़ेस्टिवल्स और स्पेशल प्रोजेक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट और फ़ेस्टिवल प्रोड्यूसर सैयद शम्स जावेद ने कहा, “सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 को एक ऐसे मंच के रूप में तैयार किया गया है, जहाँ अलग-अलग आवाज़ें और अनुभव एक साथ आकर संवाद करें। यह कार्यक्रम पूर्वी हिमालय की सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक विषयों दोनों को सामने लाता है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा साझा और प्रभावशाली मंच बनाना है, जो लोगों को जोड़े और सीमाओं के पार संवाद को आगे बढ़ाए।“
इन सत्रों के माध्यम से सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 साहित्य, कविता, जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी, पहचान, मानसिक स्वास्थ्य और सांस्कृतिक स्मृति जैसे विविध विषयों को सामने लाएगा। यह फ़ेस्टिवल दर्शकों को एक गहन और विचारोत्तेजक अनुभव प्रदान करेगा और सिक्किम को एक ऐसे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जहाँ स्थानीय आवाज़ें वैश्विक संवाद से जुड़ती हैं और पूर्वी हिमालय की कहानियाँ दुनिया भर में गूंजती हैं।
About Sikkim Art and Literature Festival 2026 (SALF)
A treasure trove of stories, lore, legend, art, and layered history nestled in the serene Eastern Himalayas, Sikkim boasts a rich blend of multiethnic culture and an unfaltering love for nature and literature. It is characterised by vibrant Buddhist monasteries, colourful mask dances, traditional music, a rich tradition of textile and bamboo crafts and a strong, peaceful harmony among its diverse communities.
An initiative of the Hon’ble Chief Minister Prem Singh Tamang, the 2nd edition of Sikkim Arts and Literature Festival (SALF) is presented by the Students’ Welfare Board, Education Department, Government of Sikkim, and producers of the iconic Jaipur Literature Festival, Teamwork Arts. A celebration of the ever-growing literary and cultural landscape of Sikkim, the Festival will take place at The Ridge Park, in the capital city of Gangtok, from 26th to 28th April 2026.
Sikkim is witnessing a renaissance of literature, poetry and art, with creative arts extending to the oral literature and heritage of its hallowed lands. The Sikkim Arts and Literature Festival 2026 is deeply ingrained in the local as well as cultural and literary mix, and brings together local, national and international writers, poets, thinkers, artistes, and performers with a focus on climate crises and the need for environmental awareness and positive action. In its 2026 edition, the Festival aims to address important local and global concerns, including climate change, wildlife conservation and biodiversity, history, culture and ethnicity, poetry, architecture, folklore, mental health, writings from the North East, fiction, YA literature and more.
About Teamwork Arts
Teamwork Arts, India’s pioneering arts company, crafting cultural experiences for over 30 years, has taken India to the world and brought the world to India, presenting and nurturing the finest of Indian performers, writers, change makers and visual artists to the forefront. Every year, we produce over 33 festivals in 45 cities and 19 countries in the fields of performing & visual arts, knowledge and literature. We produce the world’s largest literary gathering: the annual Jaipur Literature Festival; JLF international now travels to the US, UK, and Europe. Through its digital avatar, the Jaipur Literature Festival reached over 35 million viewers in January 2024. Some key offerings among our digital and hybrid endeavours are - Art Matters, which empowers artists across India to collaborate by commissioning them to create new works, and Be Inspired: Fast tracking the future, which changes the narrative of scientific possibility to innovation. Two new milestones were added to our festival repertoire in 2024 - the Jaigarh Heritage Festival in Jaipur, celebrating India’s regal past and rich legacy of art, culture and architecture, and Voices of Faith in London, exploring the philosophies of faith to find a way towards collective empathy and understanding, and in 2026, Avakai: Amaravati Festival of Cinema, Culture and Literature was inaugurated in Vijayawada, Andhra Pradesh. More information at: www.teamworkarts.com
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Teamwork Arts:
Manas Bhardwaj : 8130711101 l manas@teamworkarts.com
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