विश्व हिंदी दिवस 2026 पर भाषण Vishwa Hindi Diwas 2026 Speech हिंदी हमारा गौरव है, हिंदी हमारी पहचान है, हिंदी हमारा आत्मसम्मान है। जब तक हमारी साँस
विश्व हिंदी दिवस 2026 पर भाषण | Vishwa Hindi Diwas 2026 Speech
आदरणीय अतिथिगण, सम्माननीय शिक्षकगण, प्रिय साथियों और मेरे प्यारे छोटे-बड़े हिंदी प्रेमियों,नमस्कार! आज, 10 जनवरी 2026 को, जब हम सब यहाँ एक साथ एकत्र हुए हैं, हमारे हृदय में एक विशेष गर्व और उत्साह है। क्योंकि आज का दिन कोई साधारण तारीख नहीं है—यह विश्व हिंदी दिवस है। वह दिन जब पूरी दुनिया हिंदी की बात करती है, हिंदी में सोचती है, हिंदी में हँसती-रोती है और हिंदी के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ती है।हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, यह एक भावना है, एक संस्कृति है, एक जीवन दर्शन है। यह वह मधुर धारा है जो सदियों से भारतीय उपमहाद्वीप की धमनियों में बहती आई है और आज विश्व के कोने-कोने तक अपनी मिठास लिए पहुँच चुकी है। जब हम हिंदी बोलते हैं तो केवल शब्द नहीं निकलते, हमारे साथ हमारे पूर्वजों की यादें, उनकी पीड़ा, उनका संघर्ष, उनकी आशाएँ और उनका प्रेम भी बोलने लगता है।
सोचिए, 1975 में जब नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन हुआ था, तब शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि एक दिन हिंदी अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, अफ्रीका, यूरोप—हर महाद्वीप में गूँजेगी। आज हमारे पास फिजी से लेकर सूरीनाम तक हिंदी बोलने वाले लाखों लोग हैं। दुबई की चमचमाती इमारतों से लेकर न्यूयॉर्क की सड़कों तक, हिंदी के गीत सुनाई देते हैं, हिंदी की कविताएँ पढ़ी जाती हैं और हिंदी में बातें होती हैं। यह छोटी-सी बात नहीं है। यह एक भाषा की महान यात्रा है।इस वर्ष हमारा विशेष विषय है—"हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक"। यह विषय केवल एक नारा नहीं है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी का संकेत है। एक ओर हमारे पास वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, कबीर, तुलसी, सूर, निराला, प्रेमचंद जैसा अपार पारंपरिक ज्ञान का खजाना है, तो दूसरी ओर आज की डिजिटल दुनिया में हम हिंदी को AI, मशीन लर्निंग, वॉइस असिस्टेंट, चैटबॉट्स और तकनीकी शिक्षा तक ले जा रहे हैं।क्या यह अद्भुत नहीं है कि आज आप अपने फोन में "हाय गुड मॉर्निंग" कहने की बजाय "सुप्रभात" कहकर भी अपना दिन शुरू कर सकते हैं? कि अब हिंदी में पूछने पर भी आपको मौसम, समाचार, नुस्खे और ज्ञान सब कुछ हिंदी में मिल जाता है? यह दौर हिंदी के लिए स्वर्णिम है।
हमारी भाषा अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रही, वह स्क्रीन पर, क्लाउड पर, रोबोट्स की आवाज में और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कोड में साँस ले रही है।लेकिन दोस्तों, यह यात्रा अभी अधूरी है। हमें अभी बहुत कुछ करना है। हमें हिंदी को और अधिक वैज्ञानिक, और अधिक तकनीकी, और अधिक समावेशी बनाना है। हमें अपने बच्चों को बताना है कि हिंदी कोई बोझ नहीं, बल्कि सबसे सुंदर उपहार है जो हमने उन्हें दिया है। हमें दुनिया को दिखाना है कि हिंदी में गणित भी हो सकता है, विज्ञान भी, प्रोग्रामिंग भी और सबसे बढ़कर—हृदय की सबसे गहरी भावनाएँ भी।आज जब हम विश्व हिंदी दिवस मना रहे हैं, तो आइए एक संकल्प लें। हम संकल्प लें कि हम हिंदी को केवल बोलेंगे नहीं, बल्कि जीएंगे। हम संकल्प लें कि हमारी अगली पीढ़ी हिंदी में सपने देखेगी, हिंदी में सोचेगी और हिंदी में दुनिया को जीतने का विश्वास रखेगी।
हम संकल्प लें कि हिंदी को हम न केवल घर में, बल्कि स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों, सोशल मीडिया और तकनीक के हर क्षेत्र में मजबूती से स्थापित करेंगे। अंत में, मैं बस यही कहना चाहूँगा—
"हिंदी हमारा गौरव है,
हिंदी हमारी पहचान है,
हिंदी हमारा आत्मसम्मान है।
जब तक हमारी साँसें हैं, हिंदी हमारी धड़कन बनी रहेगी।"
जय हिंदी! जय हिंद!
धन्यवाद।
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