ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाती बेटियां

SHARE:

ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाती बेटियां दुनिया भर में महिला दिवस के अवसर ढ़ेरों बातें की जाती हैं और हज़ारों संकल्प पत्र जारी किया जाता है, जिसमें महिलाओं की आज़ादी और उनके सशक्तिकरण पर ज़ोर देने की बात की जाती है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, लिंगानुपात के अंतर को कम करने, यौन शोषण को रोकने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाती है।

ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाती बेटियां


दुनिया भर में महिला दिवस के अवसर ढ़ेरों बातें की जाती हैं और हज़ारों संकल्प पत्र जारी किया जाता है, जिसमें महिलाओं की आज़ादी और उनके सशक्तिकरण पर ज़ोर देने की बात की जाती है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, लिंगानुपात के अंतर को कम करने, यौन शोषण को रोकने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाती है। भारत में भी महिला दिवस के मौके पर देश के सुनहरे इतिहास से लेकर वर्त्तमान तक में महिलाओं की स्थितियों पर खूब चर्चा की जाती है। महिलाओं विशेषकर लड़कियों को उसकी पसंद के अनुसार जीवन जीने और जीवन साथी के चुनाव की भरपूर हिमायत की जाती है।

लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि 21वीं सदी के इस दौर में आज भी भारत के कई राज्यों विशेषकर उत्तर भारत में लड़कियों को अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार नहीं है। उसे आज भी समाज में परिवार की इज़्ज़त के नाम पर अपने अरमानों की आहुति देनी पड़ती है। शादी से पहले माता-पिता, शादी के बाद पति और बुढ़ापे में बेटों के रहमोकरम पर जीना पड़ता है। विज्ञान ने चाहे जितनी भी तरक्की कर ली हो और यह साबित कर दिया है कि बेटा या बेटी के पैदा होने में माता नहीं बल्कि पिता का रोल होता है, इसके बावजूद बेटी पैदा करने का दंश और ताना महिला के हिस्से ही आता है। डायन प्रथा के नाम पर महिला उत्पीड़न आम बात है तो दूसरी ओर सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अन्य जाति के लड़के से प्रेम करने या शादी करने पर लड़कियों को मार देना जैसा घिनौना ऑनर किलिंग बदस्तूर जारी है।

ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज
ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज
हालांकि बदलते वक्त के साथ इस जघन्य अपराध के खिलाफ स्वयं लड़कियों के बीच से ही आवाज़ें उठने लगी हैं। इस के विरुद्ध अब बेटियों ने ही मोर्चा संभालना शुरू कर दिया है। पश्चिमी उप्र में जहां प्यार का मतलब ऑनर किलिंग है, वहां स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों ने मिलकर एक सेना बनाई है। इस सेना का ध्येय बेटियों की सुरक्षा है। ये लड़कियां कहती हैं कि बेटा बिगड़ता है तो कोई सजा नहीं, लेकिन बेटी बिगड़ जाए तो हत्या करना कहां का न्याय है? समाज में ऑनर किलिंग के नाम पर बेटियों के साथ जो अपराध हो रहा है उसके खिलाफ शहर की लड़कियों ने आवाज बुलंद कर इस आंदोलन की शुरूआत की है।

मेरठ के ही कंकरखेड़ा इलाक़े की निशा ने अपनी सहेलियों के साथ मिलकर वॉर अगेंस्ट ऑनर किलिंग नाम से एक समूह शुरू किया है। पढ़ाई के साथ जॉब कर रही निशा ने दोस्तों के साथ मिलकर इस अभियान को शुरू किया है। वह कहती है कि हमारे समाज में सारी बंदिशें केवल लड़कियों पर ही क्यों लागू हैं? बुराई लड़का और लड़की दोनों करते हैं तो फिर सज़ा केवल लड़की को क्यों दी जाती है? सवाल यह है कि अंतरजातीय विवाह का ज़िम्मेदार सिर्फ लड़कियों को ही क्यों माना जाता है? अगर लड़की ने अपनी पसंद के लड़के से शादी कर ली तो इससे समाज में परिवार का नाक कैसे कट जाता है? क्या अपनी पसंद के लड़के से शादी करना इतना बड़ा जुर्म है कि इसके लिए लड़की को जान से मार दिया जाये? वॉर अगेंस्ट ऑनर किलिंग कैंपेन शुरू करने का उद्देश्य बताते हुए निशा कहती है कि उसकी दो सहेलियों की उनके घरवालों ने हत्या कर दी थी। वो गलत थीं या नहीं, यह जानने की किसी ने भी कोशिश नहीं की। पुलिस ने पूछा तो कह दिया कि लड़की बिगड़ गई थी। वह बताती है कि अपनी सहेली टीना को न्याय दिलाने से हमने अभियान शुरू किया है। मेरी सहेलियों की तरह दूसरी लड़कियां भी बेवजह मारी न जाएं इसलिए जंग छेड़ी है। निशा कहती है कि वह हर उस लड़की के लिए न्याय की मांग करेगी, जिसे उसके घरवालों ने बिना किसी गुनाह के ही मार डाला।

ऑनर किलिंग के खिलाफ निशा के इस जंग में आज 70 लोग शामिल हैं, इसमें 30 से अधिक लड़कियां हैं। इन लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए भी इस अभियान को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। हालांकि कई स्तर पर इस अभियान की आलोचना की गई तो कई लोगों ने अभियान को सराहा और इससे जुड़ते भी चले गए। आज उसके साथ इस अभियान में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग के विद्यार्थियों के साथ साथ नौकरीपेशा युवा जुड़ते जा रहे हैं। ऑनर किलिंग की शिकार को न्याय दिलाने के लिए जब दूसरी लड़कियां आवाज उठाती हैं तो सबसे पहला विरोध परिवार से ही उठता है। निशा के साथ भी यही हुआ। उसकी मुहिम के खिलाफ सबसे पहला विरोध घर से ही होने लगा। इस विरोध के पीछे सबसे बड़ा कारण समाज की संकीर्ण मानसिकता है, जिसके दबाब में निशा का परिवार भी है। ऐसे वातावरण में कोई नहीं चाहता कि उनकी बेटी सड़क पर उतरे और ऑनर किलिंग का विरोध करे। इस विषम परिस्थिती से केवल निशा को ही नहीं बल्कि इस मुहिम में उसका साथ देने वाली उसकी दोस्त गरिमा, प्रियंका और समूह से जुड़ी अन्य लड़कियों को भी गुज़रना पड़ा है। बकौल निशा परिवार ने हमें रोका, तुम फंस जाओगी लेकिन हमने उनकी बात नहीं मानी। हमने परिवार को समझाया कि लड़कियों पर अत्याचार होता रहेगा, किसी को इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी। आख़िरकार उनके हौसले के सामने परिवार को झुकना पड़ा। 

एक आंकड़े के अनुसार पिछले साल अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऑनर किलिंग की 16 घटनाएं दर्ज की गई हैं। जिसमें अकेले मेरठ में पांच, मुज़फ्फरनगर में चार और शामली, सहारनपुर तथा बागपत में दो-दो तथा बिजनौर में ऑनर किलिंग का एक मामला दर्ज किया गया है। यह वह आंकड़े हैं जो थानों में दर्ज किये गए हैं। कई बार ऐसा देखने और पढ़ने को मिलता है कि ऑनर किलिंग में न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की मौन स्वीकृति होती है। ऐसे मामले पुलिस थानों में दर्ज तक नहीं होते हैं। बहरहाल ऑनर किलिंग न केवल एक जघन्य अपराध है बल्कि सभ्य समाज पर भी एक बदनुमा दाग़ है। जिसके खिलाफ बेटियों की बुलंद होती आवाज़ में आवाज़ मिलाने की ज़रूरत है। (यह आलेख संजोय घोष मीडिया अवार्ड 2019 के अंतर्गत लिखा गया है)



- शालू अग्रवाल
मेरठ, उप्र 

COMMENTS

LEAVE A REPLY

Advertisements

आपको ये भी रोचक लगेगा $hide=404

नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,62,अज्ञेय,27,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,6,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",4,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,3,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,11,आर्थिक लेख,5,आषाढ़ का एक दिन,12,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,177,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,1,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,31,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,10,कमलेश्वर,5,कविता,855,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,4,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,1,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,2,केदारनाथ अग्रवाल,1,केशवदास,1,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,35,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,88,गजानन माधव "मुक्तिबोध",10,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,8,गोरख पाण्डेय,3,गोरा,2,घनानंद,1,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चाणक्य नीति,5,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,9,जयशंकर प्रसाद,22,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,26,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,2,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,5,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,1,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,2,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,16,नाटक,1,निराला,27,निर्मल वर्मा,1,निर्मला,26,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,144,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',3,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,72,प्रेमचंद,23,प्रेमचंद की कहानियाँ,89,प्रेरक कहानी,15,फणीश्वर नाथ रेणु,1,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,84,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,1,बैताल पचीसी,2,भक्ति साहित्य,123,भगवतीचरण वर्मा,5,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,60,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतीय शिक्षा का इतिहास,3,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,7,भीष्म साहनी,5,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,3,मलिक मुहम्मद जायसी,2,महादेवी वर्मा,12,महावीरप्रसाद द्विवेदी,1,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,8,मैला आँचल,3,मोहन राकेश,9,यशपाल,9,रंगराज अयंगर,42,रघुवीर सहाय,5,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,21,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,13,राजभाषा हिंदी,48,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,1,रामधारी सिंह दिनकर,18,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,1,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,78,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,24,विद्यापति,4,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,5,शमशेर बहादुर सिंह,5,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिवमंगल सिंह सुमन,5,शुभकामना,1,शेख चिल्ली की कहानी,1,शैक्षणिक लेख,19,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संयुक्त राष्ट्र संघ,1,संस्मरण,10,सआदत हसन मंटो,9,सतरंगी बातें,33,सन्देश,24,समसामयिक हिंदी लेख,6,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,16,सारा आकाश,13,साहित्य सागर,21,साहित्यिक लेख,17,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,1,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",6,सुभद्राकुमारी चौहान,6,सुमित्रानंदन पन्त,17,सूरदास,5,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,10,हजारी प्रसाद द्विवेदी,1,हरिवंशराय बच्चन,26,हरिशंकर परसाई,21,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,188,हिंदी लेख,407,हिंदी समाचार,91,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,7,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,32,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,57,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,43,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,9,हिन्दी साहित्य का इतिहास,22,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,13,astrology,1,Attaullah Khan,1,baccho ke liye hindi kavita,58,Beauty Tips Hindi,3,Class 10 Hindi Kritika कृतिका Bhag 2,5,Class 9 Hindi Kshitij क्षितिज भाग 1,17,English Grammar in Hindi,3,Godan by Premchand,6,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,9,hindi essay,180,hindi grammar,50,Hindi Sahitya Ka Itihas,60,hindi stories,503,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,Kshitij Bhag 2,10,mb,72,motivational books,10,naya raasta icse,8,NCERT Class 10 Hindi Sanchayan संचयन Bhag 2,2,NCERT Class 11 Hindi Aroh आरोह भाग-1,20,ncert class 6 hindi vasant bhag 1,14,NCERT Class 9 Hindi Kritika कृतिका Bhag 1,5,NCERT Hindi Rimjhim Class 2,13,NCERT Rimjhim Class 4,14,ncert rimjhim class 5,19,NCERT Solutions for Class 11 Hindi Vitan वितान भाग 1,3,NCERT Vasant Bhag 3 For Class 8,12,Notifications,5,question paper,10,quizzes,8,Rimjhim Class 3,14,Shayari In Hindi,13,sponsored news,2,Syllabus,7,UP Board Class 10 Hindi,3,Vasant Bhag - 2 Textbook In Hindi For Class - 7,11,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,19,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाती बेटियां
ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाती बेटियां
ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाती बेटियां दुनिया भर में महिला दिवस के अवसर ढ़ेरों बातें की जाती हैं और हज़ारों संकल्प पत्र जारी किया जाता है, जिसमें महिलाओं की आज़ादी और उनके सशक्तिकरण पर ज़ोर देने की बात की जाती है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, लिंगानुपात के अंतर को कम करने, यौन शोषण को रोकने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
https://1.bp.blogspot.com/-prcS2BOTd3M/XmNL_gI8n0I/AAAAAAAANDw/_tOAc8mJzR8n7PmRH2XLEnzlHgy0bEQ8QCNcBGAsYHQ/s320/Shalu%2Bpic%2B1.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-prcS2BOTd3M/XmNL_gI8n0I/AAAAAAAANDw/_tOAc8mJzR8n7PmRH2XLEnzlHgy0bEQ8QCNcBGAsYHQ/s72-c/Shalu%2Bpic%2B1.jpg
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2020/03/honour-killing-articles.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2020/03/honour-killing-articles.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All आपको ये भी रोचक लगेगा Categories ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy विषय-तालिका