Deewano ki Hasti दीवानों की हस्ती

SHARE:

Deewano ki Hasti दीवानों की हस्ती deewano ki hasti saransh deewano ki hasti ka bhavarth deewano ki hasti bhavarth in hindi दीवानों की हस्ती की व्याख्या दीवानों की हस्ती प्रश्न उत्तर दीवानों की हस्ती कविता का सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती summary हम दीवानों की क्या हस्ती सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती का अर्थ हम दीवानों की क्या हस्ती का सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती कविता का भावार्थ deewano ki hasti explanation in hindi deewano ki hasti question answer deewano ki hasti extra questions deewano ki hasti ke question answers deewano ki hasti kavita ki vyakhya

Deewano ki Hasti दीवानों की हस्ती


Deewano ki Hasti दीवानों की हस्ती deewano ki hasti saransh deewano ki hasti ka bhavarth deewano ki hasti bhavarth in hindi दीवानों की हस्ती की व्याख्या दीवानों की हस्ती प्रश्न उत्तर दीवानों की हस्ती कविता का सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती summary हम दीवानों की क्या हस्ती सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती का अर्थ हम दीवानों की क्या हस्ती का सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती कविता का भावार्थ deewano ki hasti explanation in hindi deewano ki hasti question answer deewano ki hasti extra questions deewano ki hasti ke question answers deewano ki hasti kavita ki vyakhya


हम दीवानों की क्या हस्ती,
हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले,
मस्ती का आलम साथ चला,
हम धूल उड़ाते जहाँ चले।

आए बन कर उल्लास अभी,
आँसू बन कर बह चले अभी,
सब कहते ही रह गए, अरे,
तुम कैसे आए, कहाँ चले?

व्याख्या - प्रस्तुत पक्तियों में कवि भगवतीचरण वर्मा ने दीवानों के मस्तमौलापन का वर्णन किया है। दीवानों के जीवन में आनंद ही सब कुछ होता है। वे जहाँ जाते हैं ,अपने साथ आनंद और उल्लास साथ लेकर जाते हैं। जिस प्रकार हवा अपने साथ धुल उड़ाती चलती है ,उसी प्रकार दीवाने भी मस्ती का आलम उड़ाते चलते हैं। वे जहाँ भी जाते हैं ,उल्लास व खुशियाँ साथ लेकर जाते हैं। लोग भी उनके आने से आनंदमय हो जाते हैं। संसार की कठिनाइयों को दीवाने लोग धूल समझकर उठा देते हैं। लोग दीवानों से इतना घुलमिल जाते हैं कि उनके चले जाने पर रोते रह जाते हैं। दीवानों से बिछड़ कर लोग दुखी हो जाते हैं और पूछते है कि तुम इतनी जल्दी आये थे और इतनी जल्दी चले जा रहे हो।

किस ओर चले? यह मत पूछो,
चलना है, बस इसलिए चले,
जग से उसका कुछ लिए चले,
जग को अपना कुछ दिए चले,

दो बात कही, दो बात सुनी।
कुछ हँसे और फिर कुछ रोए।
छककर सुख-दुख के घूँटों को
हम एक भाव से पिए चले।

व्याख्या - कवि का कहना है कि दीवानों के आनंद का मार्ग क्या है ? यह वो बताना नहीं चाहते हैं। वे केवल आनंद के मार्ग पर चलना जानते हैं। उन्हें चलना है ,इसीलिए चलते हैं। गति ही जीवन है और जड़ता ही मृत्यु है। इस भाव को वे मानते हैं। संसार से जो कुछ भी ग्रहण करते हैं ,उसका वे समरूपी वापस कर देते हैं। जितना लिया ,उतना दिया वाला भाव दीवानों का मूल मन्त्र है। जीवन में दुःख -सुख ,रात दिन ,ख़ुशी -गमी लगी रहती है। मानव मात्र इसी में लिप्त होकर अपना जीवन बिताता है ,लेकिन दीवाने इससे अनासक्त रहते हैं। दीवाने दुःख और सुख को जीवन के एक ही सिक्के के दो पहलु मानते हैं। उनका मानना है कि हम दुःख और सुख को जीवन से अलग नहीं कर सकते हैं। इसीलिए उन्हें समभाव से स्वीकार करना चाहिए।

हम भिखमंगों की दुनिया में,
स्वच्छंद लुटाकर प्यार चले,
हम एक निसानी – सी उर पर,
ले असफलता का भार चले।

अब अपना और पराया क्या?
आबाद रहें रुकने वाले!
हम स्वयं बँधे थे और स्वयं
हम अपने बँधन तोड़ चले।

व्याख्या - कवि के अनुसार दीवाने इस दुनिया को भिखमंगों की दुनिया मानते हैं। दुनिया को सिर्फ लेना आता है ,देना नहीं। इसके विपरीत दीवाने लगत में अपना स्नेह और प्यार निर्बाध गति से बिताते चलते हैं। दुनिया दीवानों को असफल व्यक्ति मानती है क्योंकि सांसारिक अर्थ में जिसे सफलता मानी जाती है ,दीवाने उसे नहीं पाते हैं। दुनिया उनके मस्तमौलापन को असफलता मानती है। दीवाने अपना और पराया का भेद नहीं मानते हैं। वे चलते रहते हैं क्योंकि चलायमान व्यक्ति ही जीवन है। जो व्यक्ति जड़ है ,उनके लिए भी दीवाने सफलता और आबाद रहने की कामना करते हैं। दीवाने संसार में रहने और जीवन यापन करने के लिए नियम स्वयं बनाते हैं और इसी अनुसार चलते हैं क्योंकि वे सांसारिक नियमों में व्यवस्थित नहीं हो पाते हैं। सबसे मज़े की बात है कि दीवाने इतने मस्तमौलापन में होते हैं कि वे अपने ही नियम तोड़कर जीवन में आगे बढ़ जाते हैं।



Deewano ki Hasti Summary saransh  कविता का सार / मूल भाव 

दीवानों की हस्ती
दीवानों की हस्ती
दीवानों की हस्ती भगवतीचरण वर्मा जी की प्रसिद्ध कविता है ,जिसमें कवि दीवानों के मस्तमौला जीवन पर प्रकाश डाला है। दीवानों को समाज भले ही नगण्य मानता हो म्लेकिन उनका कार्य प्रासंगिक रहता है। वे जहाँ भी जाते हैं ,जगत में आनंद और उल्लास का वातावरण अपने साथ लिए चलते हैं। वे मनुष्य जीवन की दुखों और परेशानियों को धूल की तरह उड़ाते चलते हैं। लोगों पर उनका इतना प्रभाव रहता है कि उनके आने की प्रतीक्षा करते रहते हैं और चले जाने पर आँसू बहाते हैं।

गति ही जीवन है और रुकना ही मृत्यु है। दीवानों के लिए सभी मनुष्य अपने होते हैं ,वे सभी को अपना प्रेम बाँटते हैं। वे दुनिया से जितना ग्रहण करते हैं ,उससे ही अधिक वे सूद समेत वापस करते हैं। सभी सुख दुःख के क्षण में वे समान भाव से रहते हैं। दुनिया ,दीवानों के अनुसार भिखमंगों की दुनिया है। जहाँ पर केवल लेना जानते हैं ,देना नहीं। इसके विपरीत दीवाने अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं। उनकी यही सरलता को दुनिया असफलता मानती है। दीवानों अपने पराये में भेद नहीं करते हैं। वे सभी की मंगलकामना करते हैं ,भले ही दुनिया उनके बारे में कैसे भी विचार रखती हो। दीवाने स्वछंद होते हैं ,वे अपने नियम स्वयं बनाते हैं और मज़े की बात है कि वे अपने नियमों से स्वयं भी बंधे नहीं होते हैं। वे अपने स्वयं के नियमों को तोड़कर जीवन में गतिमान रहते हैं।

Deewano ki Hasti Question Answers  प्रश्न - अभ्यास कविता से 


प्र.१. कवि ने अपने आने को ‘उल्लास’ और जाने को ‘आँसू बन कर बह जाना’ क्यों कहा है?

उ. कवि के अनुसार दीवानों का जीवन मस्तमौलापन लिए रहता है। वे संसार में सभी की भलाई के लिए कार्य करते रहते हैं। दूसरों की सुखी रखना उनका मूलमंत्र है। यही कारण है कि आम जनता बहुत दुखी हो जाते हैं। वे उनकी आने की प्रतीक्षा करते हैं और चले जाने पर दुखी हो जाते हैं। हालाँकि दीवाने एक जगह पर रुकते नहीं है ,उनका जीवन चलायमान है। सभी की सेवा करना दीवानों का धर्म है।

प्र.२. भिखमंगों की दुनिया में बेरोक प्यार लुटाने वाला कवि ऐसा क्यों कहता है कि वह अपने हृदय पर असफलता का एक निशान भार की तरह लेकर जा रहा है? क्या वह निराश है या प्रसन्न है?

उ.कवि दीवानों के अनुसार दुनिया को भिखमंगों की दुनिया मानता है। दीवानों जहाँ अपना प्रेम सभी को लुटाते चलते हैं। वे इतना सरल होते हैं कि अपना पराया में भेद नहीं करते हैं। सभी के प्रति करुणा भाव रखते हैं। उनकी यही सरलता को दुनिया असफलता मान लेती है। दुनियां जहाँ अपने पराये का भेद करते हैं। अपनी कुत्सित स्वार्थों की पूर्ति में लिप्त रहती है ,वहीँ दीवाने सभी के प्रति अनासक्त भाव रखते हैं। दुनिया भले ही इसे असफलता माने ,लेकिन दीवाने अपनी असफलता पर भी प्रसन्न है और वे संसार की भलाई में लीन रहते हैं।

प्र.३. कविता में ऐसी कौन-सी बात है जो आपको सब से अच्छी लगी?

उ. मुझे दीवानों की हस्ती कविता प्रेरणादायक लगी। कुछ सन्देश कवि ने पाठकों को दिया है ,जिनमें प्रमुख है कि हमें जीवन के सुख दुःख के प्रति समान भाव रखना चाहिए। सभी लोग भले ही सांसारिक पद प्रतिष्ठा को पाने में तल्लीन हो ,हमें दीवानों की तरह जगत की भलाई में ही लगे रहना चाहिए। भले ही दुनिया हमें असफल माने ,हमें केवल मानव जीवन को समृद्धशाली बनाने में लगे रहना चाहिए। 


COMMENTS

BLOGGER

Advertisements

आपको ये भी रोचक लगेगा

नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,58,अज्ञेय,27,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,6,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",4,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,2,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,9,आर्थिक लेख,5,आषाढ़ का एक दिन,10,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,177,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,1,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,31,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,10,कमलेश्वर,5,कविता,653,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,1,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,1,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,1,केदारनाथ अग्रवाल,1,केशवदास,1,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,34,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,83,गजानन माधव "मुक्तिबोध",10,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,8,गोरख पाण्डेय,2,गोरा,2,घनानंद,1,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,9,जयशंकर प्रसाद,18,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,12,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,1,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,5,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,1,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,2,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,16,नाटक,1,निराला,27,निर्मल वर्मा,1,निर्मला,26,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,130,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',3,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,63,प्रेमचंद,22,प्रेमचंद की कहानियाँ,89,प्रेरक कहानी,15,फणीश्वर नाथ रेणु,1,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,68,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,1,बैताल पचीसी,2,भक्ति साहित्य,101,भगवतीचरण वर्मा,5,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,59,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतीय शिक्षा का इतिहास,3,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,6,भीष्म साहनी,5,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,3,मलिक मुहम्मद जायसी,1,महादेवी वर्मा,12,महावीरप्रसाद द्विवेदी,1,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,8,मोहन राकेश,9,यशपाल,9,रंगराज अयंगर,42,रघुवीर सहाय,5,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,21,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,11,राजभाषा हिंदी,47,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,1,रामधारी सिंह दिनकर,17,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,1,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,70,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,19,विद्यापति,4,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,3,शमशेर बहादुर सिंह,5,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिवमंगल सिंह सुमन,5,शुभकामना,1,शैक्षणिक लेख,11,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संस्मरण,9,सआदत हसन मंटो,9,सतरंगी बातें,33,सन्देश,14,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,16,सारा आकाश,13,साहित्य सागर,21,साहित्यिक लेख,17,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,1,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",6,सुभद्राकुमारी चौहान,6,सुमित्रानंदन पन्त,16,सूरदास,4,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,9,हजारी प्रसाद द्विवेदी,1,हरिवंशराय बच्चन,26,हरिशंकर परसाई,21,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,158,हिंदी लेख,297,हिंदी समाचार,64,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,5,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,31,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,49,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,43,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,8,हिन्दी साहित्य का इतिहास,22,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,13,astrology,1,Attaullah Khan,1,baccho ke liye hindi kavita,55,Beauty Tips Hindi,3,English Grammar in Hindi,3,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,6,hindi essay,150,hindi grammar,50,Hindi Sahitya Ka Itihas,38,hindi stories,445,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,Kshitij Bhag 2,10,mb,72,motivational books,10,naya raasta icse,8,NCERT Vasant Bhag 3 For Class 8,11,Notifications,5,question paper,8,quizzes,8,Shayari In Hindi,12,sponsored news,2,Syllabus,7,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,15,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: Deewano ki Hasti दीवानों की हस्ती
Deewano ki Hasti दीवानों की हस्ती
Deewano ki Hasti दीवानों की हस्ती deewano ki hasti saransh deewano ki hasti ka bhavarth deewano ki hasti bhavarth in hindi दीवानों की हस्ती की व्याख्या दीवानों की हस्ती प्रश्न उत्तर दीवानों की हस्ती कविता का सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती summary हम दीवानों की क्या हस्ती सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती का अर्थ हम दीवानों की क्या हस्ती का सारांश हम दीवानों की क्या हस्ती कविता का भावार्थ deewano ki hasti explanation in hindi deewano ki hasti question answer deewano ki hasti extra questions deewano ki hasti ke question answers deewano ki hasti kavita ki vyakhya
https://1.bp.blogspot.com/-aS1jrVi3Qjc/XWN34pvIzUI/AAAAAAAAL7s/KPcSdiyeyUES_m9ctMmPL7lb_SxMJThAACLcBGAs/s320/hhvs104-page-001.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-aS1jrVi3Qjc/XWN34pvIzUI/AAAAAAAAL7s/KPcSdiyeyUES_m9ctMmPL7lb_SxMJThAACLcBGAs/s72-c/hhvs104-page-001.jpg
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2019/08/deewano-ki-hasti.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2019/08/deewano-ki-hasti.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All आपको ये भी रोचक लगेगा LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content