हिम्मत और ज़िन्दगी

SHARE:

हिम्मत और ज़िन्दगी .हिम्मत और साहस पर कविता रामधारी सिंह 'दिनकर' हिम्मत और ज़िन्दगी पर कविता हिम्मत और ज़िन्दगी निबंध हिम्मत और ज़िन्दगी शायरी साहस ही जीवन है हिम्मत और ज़िन्दगी kavita कोशिश कर हल निकलेगा साहस की कविता

हिम्मत और ज़िन्दगी

ज़िन्दगी के असली मज़े उनके लिए नही हैं जो फूलों की छाँव में सोते हैं. बल्कि फूलों की छाँव के नीचे अगर
हिम्मत और ज़िन्दगी
जीवन का कोई स्वाद छिपा है तो वह भी उन्ही के लिए है जो दूर रेगिस्तान से आ रहे हैं जिनका कंठ सूखा हुआ, होंठ फटे हुए और सारा बदन पसीने से तर है. पानी में जो अमृत वाला तत्व है, उसे वह जानता है जो धूप में खूब सूख चूका है, वह नही जो रेगिस्तान में कभी पड़ा ही नहीं है.

सुख देने वाली चीज़ें पहले भी थीं और अब भी हैं. फर्क यह है कि जो सुखों का मूल्य पहले चुकाते हैं और उनके मज़े बाद में लेते हैं उन्हें स्वाद अधिक मिलता है. जिन्हें आराम आसानी से मिल जाता है, उनके लिए आराम ही मौत है.
जो लोग पाँव भीगने के खौफ से पानी से बचते रहते हैं, समुन्द्र में डूब जाने का ख़तरा उन्ही के लिए है. लहरों में तैरने का जिन्हे अभ्यास है वो मोती ले कर बाहर आयेँगे.
चाँदनी की ताज़गी और शीतलता का आनंद वह मनुष्य लेता है जो दिनभर धूप में थक कर लौटा है, जिसके शरीर को अब तरलाई की ज़रुरत महसूस होती है और जिसका मन यह जानकार संतुष्ट है कि दिन भर का समय उसने किसी अच्छे काम में लगाया है.
इसके विपरीत वह आदमी भी है जो दिन भर खिड़कियाँ बंद करके पंखों के नीचे छिपा हुआ था और अब रात में उसकी सेज बाहर चाँदनी में लगायी गयी है. भ्रम तो शायद उसे भी होता होगा कि वह चाँदनी के मज़े ले रहा है, लेकिन सच पूछिये तो वह खुशबूदार फूलों के रस में रात दिन सड़ रहा है.

उपवास और संयम ये आत्महत्या के साधन नही हैं. भोजन का असली स्वाद उसी को मिलता है जो कुछ दिन बिना खाए भी रह सकता है. 'त्यक्तेन भुंजीथाः', जीवन का भोग त्याग से करो, ये केवल परमार्थ का उपदेश नही है, क्योंकि सयम से भोग करने पर जीवन से जो आनद प्राप्त होता है, वह नीरा भोगी बनकर भोगने से नही मिल पाता।

बड़ी चीज़ें बड़े संकटों में विकास पाती हैं, बड़ी हस्तियां बड़ी मुसीबतों में पलकर दुनिया पर कब्ज़ा करती हैं.
हिम्मत और ज़िन्दगी
अकबर ने तेरह साल की उम्र में अपने बाप के दुश्मन को परास्त कर दिया था जिसका एक मात्र कारण यह था कि अकबर का जन्म रेगिस्तान में हुआ था, और वह भी उस समय, जब उसके बाप के पास एक कस्तूरी को छोड़ के और कोई दौलत नही थी .
महाभारत में देश के प्रायः अधिकाँश वीर कौरवों के पक्ष में थे. मगर फिर भी जीत पांडवों की हुई; क्योंकि उन्होंने लाक्षागृह की मुसीबत झेली थी, क्योंकि उन्होंने वनवास के जोखिम को पार किया था.

श्री विंस्टन चर्चिल ने कहा है कि ज़िन्दगी कि सबसे बड़ी सिफ़्फ़त हिम्मत है. आदमी के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं.
ज़िन्दगी की दो सूरते हैं. एक तो यह की आदमी बड़े से बड़े मकसद के लिए कोशिश करे, जगमगाती हुई जीतपर पंजा डालने के लिए हाथ बढ़ाये, और अगर असफलताएं कदम - कदम पर जोश की रौशनी के साथ अंधियाली का जाल बुन रही हों, तब भी वह पीछे को पाँव न हटाये।
दूसरी सूरत यह है कि उन गरीब आत्माओं का हमजोली बन जाए जो न तो बहुत अधिक सुख पाती हैं और न ही जिन्हे बहुत अधिक दुःख पाने का ही संयोग है, क्योंकि वे आत्माएं ऐसी गोधूलि में बसती हैं जहां न तो जीत हंसती है और न ही कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है. इस गोधूलि वाली दुनिया के लोग बंधे हुए घाट का पानी पीते हैं, वे ज़िन्दगी के साथ जुआ नही खेल सकते। और कौन कहता है कि पूरी ज़िन्दगी को दांव पे लगा देने में कोई आनंद नही है?
अगर रास्ता आगे ही आगे निकल रहा है तो फिर असली मज़ा तो पाँव बढ़ाते जाने में ही है.
साहस की ज़िन्दगी सबसे बड़ी ज़िन्दगी होती है. ऐसी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह बिलकुल निडर, बिलकुल बेख़ौफ़ होती है. साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नही करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं. जनमत की उपेक्षा करके जीने वाला आदमी दुनिया की असली ताकत होता है और मनुष्यता को प्रकाश भी उसी आदमी से मिलता है. अड़ोस - पड़ोस को देख कर चलना, यह साधारण जीव का काम है. क्रान्ति करने वाले लोग अपने उद्देश्य की तुलना न तो पडोसी के उद्देश्य से करते हैं और न ही अपनी चाल को ही पडोसी की चाल देखकर मद्धिम बनाते हैं.

 साहसी मनुष्य उन सपनोँ मेँ भी रस लेता है, जिन सपनो का कोई व्यावहारिक अर्थ नहीँ है.
 साहसी मनुष्य सपने उधार नहीँ लेता, वह अपने विचारोँ में रमा हुआ अपनी ही किताब पढ़ता है.
 झुण्ड मेँ चलना और झुण्ड मेँ चरना, यह भैंस और भेड़ का काम है. सिंह तो बिल्कुल अकेला होने पर भी मगन रहता है.
 अर्नाल्ड बेनेट ने एक जगह लिखा है की जो आदमी यह महसूस करता है कि किसी महान निश्चय के समय वह साहस से काम नहीं ले सका, ज़िन्दगी की चुनौती को कबूल नहीं कर सका, वह सुखी नही हो सकता। बड़े मौके पर साहस नहीं दिखाने वाला आदमी बराबर अपनी आत्मा के भीतर एक आवाज़ सुनता रहता है, एक ऐसी आवाज़ जिसे वही सुन सकता है और जिसे वह रोक भी नही सकता। यह आवाज़ उसे बराबर कचोटती रहती है, "तुम साहस नही दिखा सके, तुम कायर की तरह भाग खड़े हुए."
 सांसारिक अर्थ में जिसे हम सुख कहते हैं, उसका न मिलना, फिर भी, इससे कहीं श्रेष्ठ है कि मरने के समय हम अपनी आत्मा से यह धिक्कार सुनें कि तुम में हिम्मत की कमी थी, कि तुम में साहस का अभाव था, कि तुम ठीक वक्त पर ज़िन्दगी से भाग खड़े हुए.
 ज़िन्दगी को ठीक से जीना हमेशा ही जोखिम झेलना है और जो आदमी सकुशल जीने के लिए जोखिम का हर जगह पर एक घेरा डालता है, वह अंततः अपने ही घेरों के बीच कैद हो जाता है और ज़िन्दगी का कोई मज़ा उसे नहीं मिल पाता, क्योंकि जोखिम से बचने की कोशिश में, असल में, उसने ज़िन्दगी को ही आने में रोक रखा है.
 ज़िन्दगी से, अंत में, हम उतना ही पाते हैं जितनी कि उसमें पूंजी लगाते हैं. यह पूंजी लगाना ज़िन्दगी के संकटों का सामना करना है, उसके उस पन्ने को उलट कर पढ़ना है जिसके सभी अक्षर फूलों से ही नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हैं.
 ज़िन्दगी का भेद कुछ उसे ही मालुम है जो यह जानकार चलता है कि ज़िन्दगी कभी भी ख़त्म न होने वाली चीज़ है.
अरे! ओ जीवन के साधकों! अगर किनारे की मरी हुई सीपियों से ही तुम्हे संतोष हो जाये तो समुन्द्र के अंतराल में छिपे हुए मौक्तिक कोष को कौन बाहर लाएगा?
दुनिया में जितने भी मज़े बिखेरे गए हैं उनमें तुम्हारा भी हिस्सा है. वह चीज़ भी तुम्हारी हो सकती है जिसे तुम अपनी पहुँच के पार मान कर लौटे जा रहे हो.
कामना का आँचल छोटा मत करो, ज़िन्दगी के फल को दोनों हाथों से दबाकर निचोड़ो, रस की निर्झरी तुम्हारे बहाये भी बह सकती है.

यह अरण्य झुरमुट जो काटे अपनी राह बना ले,
क्रीतदास यह नहीं किसी का जो चाहे अपना ले.
जीवन उनका नहीं युधिष्ठिर! जो उससे डरते हैं.
वह उनका जो चरण रोप निर्भय होकर लड़ते हैं.

— रामधारी सिंह 'दिनकर'




वीडियो के रूप में देखिये - 


COMMENTS

LEAVE A REPLY: 4
  1. रामधरि जी का ये निबंध वास्तव में बहुत प्रेरणा दयाक है, मैं जब कभी भी अपने आपको केAमजोर महसूस करता हु तो ये पढ़ता हु, काफी अच्छा महसूस होता है।

    जवाब देंहटाएं
  2. Bahut hi acchi or jivan me hamesha aage badne or apne sapno Ko sakar karne ki baat kahi hai or unko pura karne ke liye hamesha aage badte rahne k liye kha gya h

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत ही प्रेरणा दायक

    जवाब देंहटाएं
  4. Man me Josh aur aage badkar lakshya prapti ko agrasar Karne ke liye DInkar sir ko dhanyabad

    जवाब देंहटाएं
आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

Advertisements

आपको ये भी रोचक लगेगा $hide=404

नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,62,अज्ञेय,27,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,6,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",4,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,3,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,11,आर्थिक लेख,6,आषाढ़ का एक दिन,12,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,177,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,1,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,31,कक्षा 10 हिन्दी स्पर्श भाग 2,17,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,10,कमलेश्वर,5,कविता,939,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,4,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,1,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,2,केदारनाथ अग्रवाल,1,केशवदास,1,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,39,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,91,गजानन माधव "मुक्तिबोध",10,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,8,गोरख पाण्डेय,3,गोरा,2,घनानंद,1,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चाणक्य नीति,5,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,9,जयशंकर प्रसाद,22,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,26,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,2,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,5,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,1,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,2,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,16,नाटक,1,निराला,27,निर्मल वर्मा,1,निर्मला,26,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,150,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',3,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,80,प्रेमचंद,23,प्रेमचंद की कहानियाँ,89,प्रेरक कहानी,15,फणीश्वर नाथ रेणु,1,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,84,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,1,बैताल पचीसी,2,भक्ति साहित्य,123,भगवतीचरण वर्मा,5,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,60,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतीय शिक्षा का इतिहास,3,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,7,भीष्म साहनी,5,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,3,मलिक मुहम्मद जायसी,2,महादेवी वर्मा,12,महावीरप्रसाद द्विवेदी,1,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,8,मैला आँचल,3,मोहन राकेश,9,यशपाल,9,रंगराज अयंगर,42,रघुवीर सहाय,5,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,21,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,14,राजभाषा हिंदी,49,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,1,रामधारी सिंह दिनकर,18,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,1,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,85,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,24,विद्यापति,4,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,5,शमशेर बहादुर सिंह,5,शमोएल अहमद,4,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिवमंगल सिंह सुमन,5,शुभकामना,1,शेख चिल्ली की कहानी,1,शैक्षणिक लेख,21,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संयुक्त राष्ट्र संघ,1,संस्मरण,10,सआदत हसन मंटो,9,सतरंगी बातें,33,सन्देश,24,समसामयिक हिंदी लेख,17,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,16,सारा आकाश,13,साहित्य सागर,21,साहित्यिक लेख,18,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,1,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",6,सुभद्राकुमारी चौहान,6,सुमित्रानंदन पन्त,17,सूरदास,5,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,10,हजारी प्रसाद द्विवेदी,1,हरिवंशराय बच्चन,26,हरिशंकर परसाई,21,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,188,हिंदी लेख,421,हिंदी समाचार,92,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,7,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,32,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,57,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,43,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,9,हिन्दी साहित्य का इतिहास,22,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,13,astrology,1,Attaullah Khan,1,baccho ke liye hindi kavita,61,Beauty Tips Hindi,3,Class 10 Hindi Kritika कृतिका Bhag 2,5,Class 9 Hindi Kshitij क्षितिज भाग 1,17,English Grammar in Hindi,3,Godan by Premchand,6,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,9,hindi essay,180,hindi grammar,50,Hindi Sahitya Ka Itihas,61,hindi stories,516,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,Kshitij Bhag 2,10,mb,72,motivational books,10,naya raasta icse,8,NCERT Class 10 Hindi Sanchayan संचयन Bhag 2,3,NCERT Class 11 Hindi Aroh आरोह भाग-1,20,ncert class 6 hindi vasant bhag 1,14,NCERT Class 9 Hindi Kritika कृतिका Bhag 1,5,NCERT Hindi Rimjhim Class 2,13,NCERT Rimjhim Class 4,14,ncert rimjhim class 5,19,NCERT Solutions for Class 11 Hindi Vitan वितान भाग 1,3,NCERT Vasant Bhag 3 For Class 8,12,NCERT/CBSE Class 9 Hindi book Sanchayan,6,Notifications,5,question paper,10,quizzes,8,Rimjhim Class 3,14,Shayari In Hindi,13,sponsored news,2,Syllabus,7,UP Board Class 10 Hindi,3,Vasant Bhag - 2 Textbook In Hindi For Class - 7,11,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,19,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: हिम्मत और ज़िन्दगी
हिम्मत और ज़िन्दगी
हिम्मत और ज़िन्दगी .हिम्मत और साहस पर कविता रामधारी सिंह 'दिनकर' हिम्मत और ज़िन्दगी पर कविता हिम्मत और ज़िन्दगी निबंध हिम्मत और ज़िन्दगी शायरी साहस ही जीवन है हिम्मत और ज़िन्दगी kavita कोशिश कर हल निकलेगा साहस की कविता
https://4.bp.blogspot.com/-JyjiNRi5GQ4/WZv3hDpuPoI/AAAAAAAAHao/E7oKSvpfcAkQPSNhoyYOk7BEe11eNBLrQCLcBGAs/s320/shutterstock_238707229-1000x641.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-JyjiNRi5GQ4/WZv3hDpuPoI/AAAAAAAAHao/E7oKSvpfcAkQPSNhoyYOk7BEe11eNBLrQCLcBGAs/s72-c/shutterstock_238707229-1000x641.jpg
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2017/08/himmat-aur-zindagi.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2017/08/himmat-aur-zindagi.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All आपको ये भी रोचक लगेगा Categories ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy विषय-तालिका