आरक्षण

SHARE:

लॉकर तिजोरी और तहखाने में छिपाकर रखते लोग अपनी बेजान संपत्ती फिर भी निश्चिंत न होते डर बना ही रहता जबकि वो यदि चोरी हो भी जाये तो दुबारा कमाई जा सकती ।

     'आरक्षण... 👹 !!!'
--------------------------------------


सुबह-सुबह...
भ्रमण को जा रहे थे हम
तभी सड़क किनारे से किसी के
कराहने का स्वर उभरा
नजर उठाई तो देखा 
कोई बेबस तोड़ रहा था दम

जाकर करीब उसके
मुंह पर पानी जो छिड़का 
डॉ इंदु सिंह ‘इन्दुश्री’
आँख खोल उसने हमको देखा
पूछा कि क्यों यहां इस तरह पड़ी हो ?
क्या नाम हैं तुम्हारा, 
किसने हैं तुमको मारा ?

मुश्किल से जोर लगा
उसने ये कहा कि
नाम हैं मेरा *'योग्यता'*और
*'आरक्षण'* नाम के गुंडे ने हैं
मुझको बेदर्दी से पीटा
लड़ते-लड़ते उससे 
आखिर मैं पिछड़ गयी
होकर के बेदम यहां पर हूँ पड़ी
अब तुम बताओ तुम कौन हो ?
जिसने हैं मुझको बचाया

मुस्कुरा मैं ये बोली
नाम हैं मेरा *'आशा'* जिस पर
ये धरती टिकी हुई हैं
भूखे पेट भी लोगों की 
हिम्मत बनी हुई हैं
फल की न इच्छा कर दुनिया
काम में जुटी हुई हैं
तुम तो हो इतनी काबिल
फिर क्यों निराश हो रही हो ?
क्यों दूसरे की ख़ातिर 
जान तुम अपनी दे रही हो ?

चलो उठो... खड़ी हो...
नई उम्मीदों के साथ कर्मरत हो
न यूँ होकर उदासीन 
जीवन से मुंह मोड़ो तुम 
मिलेगी तुम्हे सफलता 
न यूँ हारकर तकलीफों से
दुनिया को तुम छोड़ों

पाकर साथ *'आशा'* का
*'योग्यता'* फिर से जी उठी 
होकर खड़ी वो अपने पैरों पर 
हंसती-मुस्कुराती खिलखिलाती 
पूर्ण आत्मविश्वास के साथ 
*'आशा'* संग आगे बढ़ चली ।।

--------------------------------------
*सुश्री इंदु सिंह 'इंदुश्री'
नरसिंहपुर

०२.

'निशाने पर हर कोई...
गिद्ध दृष्टि से न बचा कोई... !!!'
--------------------------------------

बड़ी देर से
बड़ी दूर से
ताक रहा था जो
एक 'कुत्ता' था वो

बड़ी नादान
बड़ी अंजान
बेखबर इस बात से
खेल रही थी जो
एक 'गिलहरी' थी वो

आखिरकार...
एक लंबी प्रतीक्षा के बाद
हुई सफल साधना जिसकी
'कुत्ता' था वो
गंवा बैठी अपनी जान जो
'गिलहरी' थी वो

माना कि
छोटी सी, नन्ही सी
भोली-भाली और नासमझ
'गिलहरी' थी वो
तो बच न सकी घात से
मगर, जो बड़ी हैं
सब कुछ समझती हैं
क्या बच पाती वो ???

--------------------------------------
*सुश्री इंदु सिंह 'इंदुश्री'
नरसिंहपुर

०३.

यादों का चक्रव्यूह...
    बेध न सके अर्जुन... 🎯 !!!
--------------------------------------

चक्रव्यूह यादों का 
तोड़ना जिसे
आसान नहीं होता
कि कोई 'द्रोण' 
इसे सीखा नहीं सकता
और कोई हो
भले 'अर्जुन' सा दक्ष 
मगर, इसे बेध पाना तो
उसके वश का भी काम नहीं 
कि ये अपने भीतर ही
कैद कर लेता शिकारी को
उसे मौका ही नहीं देता
हथियार उठाने या हमला करने का
हर कोई पराजित इसके आगे
हो भी क्यों न ???
ये तो बना होता महीन
दिल को छूने वाली स्मृतियों से 
जिन्हें कोई कमबख्त
तोड़ना चाहता भी तो नहीं ।।

--------------------------------------
सुश्री इंदु सिंह 'इंदुश्री' 
नरसिंहपुर

०४.

         'दस्तक... 🚪!!!'
--------------------------------------

दी तो थी उसने
इनबॉक्स में दस्तक
लेकिन जाकर लगी सीधे
नाज़ुक दिल पर
फिर इनबॉक्स के जरिये
जो पट खुले तो
संदेशों में लिखे शब्दों से
वो भी समाते गये अंतर में कहीं
तकनीकी युग ने तो
आँखों से आँखों का वो
मिलना-झिझकना, सकुचाना
और हौले-हौले हृदय की
रगों में घुलते जाने का
वो कोमल अहसास ही मानो
छीन लिया हो जैसे
कि अब तो प्रेम कहानियाँ
इनबॉक्स में ही जनम लेती और
फिर वहीं दम तोड़ देती
कि नेटवर्क की तरंगें
सिर्फ शब्दों को ही
सुदूर प्रसारित कर पाती
पर, उनसे लिपटी भावनायें
वो किसी को भी छू नहीं पाती
तो जब भी देना दस्तक
ज़िंदगी के कपाट पर ही देना
इनबॉक्स तो बदलते रहते ।।

--------------------------------------
सुश्री इंदु सिंह 'इंदुश्री'
नरसिंहपुर

०५.

             'संपति... 👜 !!!'
--------------------------------------

एक तरफ...

लॉकर
तिजोरी और
तहखाने में छिपाकर
रखते लोग अपनी 
बेजान संपत्ती
फिर भी निश्चिंत न होते
डर बना ही रहता
जबकि वो यदि 
चोरी हो भी जाये तो
दुबारा कमाई जा सकती ।

तो दूसरी तरफ़...

मज़दूर
किसान और
निर्धन अपनी अनमोल
जीती-जागती संपत्ति को भी
यूँ ही खुलेआम रखते
फिर भी बेफिक्र रहते जबकि
वो यदि कभी चुरा ली जाये तो
फिर दुबारा उसे कमाना
मुमकिन नहीं होता ।

कोई भी संपत्ति
केवल कीमत से ही
मूल्यवान नहीं कहलाती
जो भी खोकर
फिर से न पाई जा सके
जिसकी कीमत किसी भी 
धन-दौलत से न आंकी जा सके
वो हर अहसास, हर रिश्ता
दुनिया में सबसे कीमती
अफ़सोस, कि हम 
चीजों की तो हिफाज़त करते
पर, इन बेशकीमती संवेदनाओं को
कहीं सुरक्षित नहीं रखते 
जो न तो बाज़ारों में बिकते और
न ही कहीं से खरीदे जाते 
शायद, तभी हम इनकी उतनी
कदर नहीं करते कि
मुफ़्त में मिलने वस्तुओं को
फ़िज़ूल समझ लेना
हमारी आदत में शुमार ।।

--------------------------------------
सुश्री इंदु सिंह 'इंदुश्री'
नरसिंहपुर
यह रचना डॉ इंदु सिंह ‘इन्दुश्री’ जी द्वारा लिखी गयी है .आप नरसिंहपुर (म.प्र.) से हैं . आप व्याख्याता (कंप्यूटर साइंस) के रूप में कार्यरत हैं . आपकी ‘सारांश समय का’(साँझा काव्य संग्रह), कविता अनवरत-3 (साँझा काव्य संग्रह), काव्यशाला(संयुक्त काव्य संकलन), साज़ सा रंग(साँझा काव्य संग्रह), सिर्फ तुम(साँझा कहानी संग्रह), भावों की हाला (सयुंक्त काव्य संकलन) विभिन पत्र-पत्रिकाओं और समाचार-पत्रों में कविता / कहानी / आलेख और रचनायें प्रकाशित तथा '100 कदम' एवं 'शब्दों का प्याला' शीघ्र प्रकाशित होने वाले साँझा काव्य-संग्रह आदि प्रकाशित हो चुके हैं . आपको निम्न सम्मान प्राप्त हो चुके हैं -
सम्मान :
------------
★ ‘विद्या वाचस्पति’ विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर (बिहार) द्वारा ।
★ ‘वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई साहित्य गौरव सम्मान अखंड भारत परिवार, नई दिल्ली द्वारा ।
★ ‘साहित्य गौरव’ वर्तिका साहित्य परिषद, जबलपुर द्वारा ।
★ 'साहित्य नवचेतना सम्मान' अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा ।
★ साहित्यिक सेवा हेतु माँ भारती मानव सेवा संस्था, नरसिंहपुर द्वारा सम्मानित ।
संपर्क सूत्र - ई-मेल : singh_indu2008@yahoo.com . लिंक : 
          FACEBOOK - https://www.facebook.com/induprofile  
          BLOG - http://www.antarveena.blogspot.in

COMMENTS

BLOGGER: 1
  1. इन्दु जी,
    बहुत बढ़िया रचना,
    आज कल सब तरफ आरक्षण की हवा काफी जोरोसे चाल रही हैं.

    उत्तर देंहटाएं
आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

Advertisement

इन्हें भी पढ़ें -

नाम

अंग्रेज़ी हिन्दी शब्दकोश,3,अकबर इलाहाबादी,11,अकबर बीरबल के किस्से,58,अज्ञेय,27,अटल बिहारी वाजपेयी,1,अदम गोंडवी,3,अनंतमूर्ति,3,अनौपचारिक पत्र,16,अन्तोन चेख़व,2,अमीर खुसरो,6,अमृत राय,1,अमृतलाल नागर,1,अमृता प्रीतम,5,अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध",4,अली सरदार जाफ़री,3,अष्टछाप,2,असगर वज़ाहत,11,आनंदमठ,4,आरती,9,आर्थिक लेख,5,आषाढ़ का एक दिन,10,इक़बाल,2,इब्ने इंशा,27,इस्मत चुगताई,3,उपेन्द्रनाथ अश्क,1,उर्दू साहित्‍य,176,उर्दू हिंदी शब्दकोश,1,उषा प्रियंवदा,1,एकांकी संचय,7,औपचारिक पत्र,31,कबीर के दोहे,19,कबीर के पद,1,कबीरदास,10,कमलेश्वर,4,कविता,622,कहानी सुनो,2,काका हाथरसी,4,कामायनी,5,काव्य मंजरी,11,काव्यशास्त्र,1,काशीनाथ सिंह,1,कुंज वीथि,12,कुँवर नारायण,1,कुबेरनाथ राय,1,कुर्रतुल-ऐन-हैदर,1,कृष्णा सोबती,1,केदारनाथ अग्रवाल,1,केशवदास,1,कैफ़ी आज़मी,4,क्षेत्रपाल शर्मा,32,खलील जिब्रान,3,ग़ज़ल,80,गजानन माधव "मुक्तिबोध",10,गीतांजलि,1,गोदान,6,गोपाल सिंह नेपाली,1,गोपालदास नीरज,8,गोरा,2,घनानंद,1,चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,2,चित्र शृंखला,1,चुटकुले जोक्स,15,छायावाद,6,जगदीश्वर चतुर्वेदी,8,जयशंकर प्रसाद,18,जातक कथाएँ,10,जीवन परिचय,11,ज़ेन कहानियाँ,2,जैनेन्द्र कुमार,1,जोश मलीहाबादी,2,ज़ौक़,4,तुलसीदास,5,तेलानीराम के किस्से,7,त्रिलोचन,1,दाग़ देहलवी,5,दादी माँ की कहानियाँ,1,दुष्यंत कुमार,7,देव,1,देवी नागरानी,23,धर्मवीर भारती,2,नज़ीर अकबराबादी,3,नव कहानी,2,नवगीत,1,नागार्जुन,15,नाटक,1,निराला,27,निर्मल वर्मा,1,निर्मला,26,नेत्रा देशपाण्डेय,3,पंचतंत्र की कहानियां,42,पत्र लेखन,124,परशुराम की प्रतीक्षा,3,पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र',3,पाण्डेय बेचन शर्मा,1,पुस्तक समीक्षा,60,प्रेमचंद,22,प्रेमचंद की कहानियाँ,89,प्रेरक कहानी,15,फणीश्वर नाथ रेणु,1,फ़िराक़ गोरखपुरी,9,फ़ैज़ अहमद फ़ैज़,24,बच्चों की कहानियां,68,बदीउज़्ज़माँ,1,बहादुर शाह ज़फ़र,6,बाल कहानियाँ,14,बाल दिवस,3,बालकृष्ण शर्मा 'नवीन',1,बिहारी,1,बैताल पचीसी,2,भक्ति साहित्य,96,भगवतीचरण वर्मा,5,भवानीप्रसाद मिश्र,3,भारतीय कहानियाँ,59,भारतीय व्यंग्य चित्रकार,7,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,6,भीष्म साहनी,5,भैरव प्रसाद गुप्त,2,मंगल ज्ञानानुभाव,22,मजरूह सुल्तानपुरी,1,मधुशाला,7,मनोज सिंह,16,मन्नू भंडारी,3,मलिक मुहम्मद जायसी,1,महादेवी वर्मा,12,महावीरप्रसाद द्विवेदी,1,महीप सिंह,1,महेंद्र भटनागर,73,माखनलाल चतुर्वेदी,3,मिर्ज़ा गालिब,39,मीर तक़ी 'मीर',20,मीरा बाई के पद,22,मुल्ला नसरुद्दीन,6,मुहावरे,4,मैथिलीशरण गुप्त,8,मोहन राकेश,9,यशपाल,9,रंगराज अयंगर,40,रघुवीर सहाय,5,रणजीत कुमार,29,रवीन्द्रनाथ ठाकुर,21,रसखान,11,रांगेय राघव,2,राजकमल चौधरी,1,राजनीतिक लेख,11,राजभाषा हिंदी,46,राजिन्दर सिंह बेदी,1,राजीव कुमार थेपड़ा,4,रामचंद्र शुक्ल,1,रामधारी सिंह दिनकर,17,रामप्रसाद 'बिस्मिल',1,रामविलास शर्मा,8,राही मासूम रजा,8,राहुल सांकृत्यायन,1,रीतिकाल,3,रैदास,2,लघु कथा,64,लोकगीत,1,वरदान,11,विचार मंथन,60,विज्ञान,1,विदेशी कहानियाँ,16,विद्यापति,4,विविध जानकारी,1,विष्णु प्रभाकर,1,वृंदावनलाल वर्मा,1,वैज्ञानिक लेख,3,शमशेर बहादुर सिंह,5,शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,1,शरद जोशी,3,शिवमंगल सिंह सुमन,5,शुभकामना,1,शैक्षणिक लेख,9,शैलेश मटियानी,2,श्यामसुन्दर दास,1,श्रीकांत वर्मा,1,श्रीलाल शुक्ल,1,संस्मरण,9,सआदत हसन मंटो,9,सतरंगी बातें,33,सन्देश,11,समीक्षा,1,सर्वेश्वरदयाल सक्सेना,16,सारा आकाश,12,साहित्य सागर,21,साहित्यिक लेख,17,साहिर लुधियानवी,5,सिंह और सियार,1,सुदर्शन,1,सुदामा पाण्डेय "धूमिल",6,सुभद्राकुमारी चौहान,6,सुमित्रानंदन पन्त,16,सूरदास,4,सूरदास के पद,21,स्त्री विमर्श,9,हजारी प्रसाद द्विवेदी,1,हरिवंशराय बच्चन,26,हरिशंकर परसाई,21,हिंदी कथाकार,12,हिंदी निबंध,138,हिंदी लेख,277,हिंदी समाचार,62,हिंदीकुंज सहयोग,1,हिन्दी,5,हिन्दी टूल,4,हिन्दी आलोचक,7,हिन्दी कहानी,31,हिन्दी गद्यकार,4,हिन्दी दिवस,38,हिन्दी वर्णमाला,3,हिन्दी व्याकरण,42,हिन्दी संख्याएँ,1,हिन्दी साहित्य,8,हिन्दी साहित्य का इतिहास,22,हिन्दीकुंज विडियो,11,aaroh bhag 2,13,astrology,1,Attaullah Khan,1,baccho ke liye hindi kavita,55,Beauty Tips Hindi,3,English Grammar in Hindi,3,hindi ebooks,5,Hindi Ekanki,6,hindi essay,130,hindi grammar,49,Hindi Sahitya Ka Itihas,37,hindi stories,436,ICSE Hindi Gadya Sankalan,11,Kshitij Bhag 2,10,mb,72,motivational books,7,naya raasta icse,8,Notifications,5,question paper,8,quizzes,8,Shayari In Hindi,11,sponsored news,2,Syllabus,7,VITAN BHAG-2,5,vocabulary,15,
ltr
item
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: आरक्षण
आरक्षण
लॉकर तिजोरी और तहखाने में छिपाकर रखते लोग अपनी बेजान संपत्ती फिर भी निश्चिंत न होते डर बना ही रहता जबकि वो यदि चोरी हो भी जाये तो दुबारा कमाई जा सकती ।
https://2.bp.blogspot.com/-TaLmkLpA-dM/V-KUf61rPpI/AAAAAAAACPo/m-Tdn-I-Mg4hjiESUa7FjlI07Bx4pLJtQCLcB/s200/0.jpg
https://2.bp.blogspot.com/-TaLmkLpA-dM/V-KUf61rPpI/AAAAAAAACPo/m-Tdn-I-Mg4hjiESUa7FjlI07Bx4pLJtQCLcB/s72-c/0.jpg
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
https://www.hindikunj.com/2016/09/reservation.html
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/
https://www.hindikunj.com/2016/09/reservation.html
true
6755820785026826471
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy