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खुशियाँ लाया प्रभात


आया प्रभात ,आया प्रभात ,
जीवन में खुशियाँ लाया प्रभात .
प्रभात

निकला पूर्व से सूर्य लाल ,
जग में फैला नव प्रकाश ,
उठ गए युवक - वृद्ध - बाल ,
आया प्रभात ,आया प्रभात .

गूँज रहा पंक्षियों का स्वर ,
बहता शीतल स्वच्छ मंद पवन ,
खिल उठे फूल सुन्दर - सुन्दर
हो गया सुगन्धित घर आँगन .





- सोहललाल द्विवेदी 

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