0
Advertisement

नई कविता 



नई कविता नई कहानी
नयी व्यंजना नयी सर्जना नई जुबानी।
भाषा की बुनियादी समस्याएं।
प्रश्नानुकूल साहित्यिक चिंताएं।
नई कविता
व्यक्तित्व की खोज ,अस्मिता की तलाश।
लक्षणाएँ और व्यंजनाएँ लगभग उदास।
बौद्धिकता, आत्म-सजगता के राग।
परम्परा-आधुनिकता और  मौलिकता, के भाग।
साहित्य में जटिल संवेदना की चुनौती।
गहन चेतना,और सर्जनात्मकता की मनौती।
नयी राहों और  सम्प्रेषण की खोज।
शब्द संस्कार और ध्वनियाँ का ओज।
नवीन कथ्य और भाषा-शिल्प समेटे।
अनिर्वचनीय सौन्दर्य की सिहरन लपेटे।
सर्वनामों से जीवन-विस्तार को नापते  कवि-बिम्ब।
आभिजात्य के दम्भ को पछाड़ते निरालम्ब।
सौन्दर्यवाद,प्रतीकवाद,अस्तित्ववाद
नये प्रयोग, नयी संवेदना और नए विवाद।
नई कविता ,नई कहानी में रीति अमान्य है।
छंद ,लय और भाषा के मानक सामान्य हैं।


- सुशील शर्मा 

एक टिप्पणी भेजें

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top