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नशा है विनाश



तम्बाखू ने अपना रंग दिखाया
केंसर को उकसाया
पूरा गला कट गया
जीते जी
नशा
नशा
रामू को मरवाया।

सिगरेट के दो कश
एक में
खुमारी
एक में
टूटा अंतस।

खैनी को चबाया
ऊपर से
यमराज
मुस्कुराया।

सुलगी बीड़ी
टीबी से
तबाह
नई पीढ़ी।

अपराधी के तीन ठौर
चरस
गांजा
ड्रग्स सिरमौर।

उड़ता पंजाब
ड्रग्स का तेजाब
सुलगी सिगरेट
मौत को सरेट
तम्बाखू और खैनी
मौत बड़ी पैनी
चरस ओर गांजे
बीमारी के भांजे।

एक शराबी
लड़खड़ाते हुए आया
देसी ठर्रा का पेग लगाया
बोला साले
सब हरामखोर है।
अंदर से चोर है।
नशा बंदी की बात करते हैं।
रात को शराब के साथ
गोश्त चरते हैं।

नशा है विनाश
मौत आसपास
मन को कसो
नशे में मत फंसो।


- सुशील शर्मा

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  1. किसी भी चीज का नशा जीवन को बर्बाद कर देता हैं.

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