6
Advertisement

तब तुम समझोगी

सीमा ! कैसी हो तुम ?
अरे ओ पगली!
कुछ बोलती क्यों नहीं?
बताओ न कैसी हो तुम ?
कई बार पूछने पर उसने कहा
क्या तुम सचमुच जानना चाहती हो 
मेरा हाल 
अगर हां ,
तो
कभी जलती हुई सिगरेट को 
अपनी छाती पर रगड़कर बुझाना
इतनी जोर से रगड़ना कि
जलती हुई सिगरेट भेद जाए तुम्हारा सीना 
और तुम दर्द से छपपटाती रहो 
तब तुम समझ जाओगी कि कैसी हूं मैं ?

कभी बायफ्रेंड की बेवफाई पर 
तुम उसे जोर से तमाचा लगाओ
और वो तुम्हें जबरदस्ती खींच कर 
तुम्हारे होठों को अपने दांतों से दबाता रहे खून न निकल आने तक 
और तड़पती रहो तुम
तब तुम समझ जाओगी कि कैसी हूं मैं

इतिश्री सिंह
इतिश्री सिंह
कभी घर लेट आने पर 
तुम्हारे सारे कपड़े उतार कर 
तुम्हारा पति पहले बलात्कार करे 
फिर तुम्हें बेदर्दी से पीटे
शॉवर ऑन करके घंटों तक रोती रहो तुम
तो शायद समझ जाओगी कि कैसी हूं मैं?

कभी तुम सबके सामने कुछ कहो 
तुम्हारी बेबाकी पर 
रेप करने की धमकी दे जाए गली का मुन्ना बर्फ की तरह जमी रह जाओ तुम
तभी जान पाओगी  कि कैसी हूं मेैं

पांच साल की उम्र में कोई तुम्हारे अविकसित स्तनों को 
बेरहमी से दबाए और चिल्लाती रहो तुम
तो शायद समझ पाओगी कि कैसी हूं मैं

कभी ल़़ड़कियों के लिए बनाए गए 
कायदों से बगावत करो तुम और 
समाज के ठेकेदार तुम्हें 
चरित्रहीन वैश्या साबित कर दें 
और
अपना गुस्सा भी जाहिर न कर पाओ तुम
तो शायद महसूस कर पाओगी तुम
 कि कैसी हूं मैं 

फिर भी अगर मेरी हालात का अंदाज़ा
न लगा पाओ 
तो अपने से 
20 साल बड़े उम्र के एक आदमी से
शादी कर लेना 
और देखना किस तरह 
रोज रात को दम तोड़ती है विस्तर पर 
एक जवान लड़की की आत्मा 
तब शायद तुम कभी यह न पूछोगी मुझसे
कि कैसी हूं मैं

और अगर गलती से तुमने यह सवाल कर भी लिया
तो मैं फिर भी मुस्कुराती रहूंगी 
जख्मों को छिपाती रहूंगी 
हमेशा
उसी तरह 
जैसे आज मुस्कुरा रही हूँ मैं ।।



विडियो के रूप में देखें :- 






इतिश्री सिंह राठौर (श्री) जी, कथाकार व उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। वर्तमान में आप हिंदी दैनिक नवभारत के साथ जुड़ी हुई हैं. दैनिक हिंदी देशबंधु के लिए कईं लेख लिखे , इसके अलावा इतिश्री जी ने 50 भारतीय प्रख्यात व्यंग्य चित्रकर के तहत 50 कार्टूनिस्टों जीवनी पर लिखे लेखों का अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद किया. आप,अमीर खुसरों तथा मंटों की रचनाओं के काफी प्रभावित हैं.

एक टिप्पणी भेजें

  1. दर्द को बयाँ करती दर्दनाक रचना.

    अयंगर

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत बेहतरीन कविता , लेकिन एकपक्षीय दृष्टि से देखती हुई ,पुरुष वर्ग से पूर्वाग्रह से पीड़ित लेखिका ..
    @संदीप सिंह

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. कभी मौका मिला तोह दूसरे पक्ष को भी उजागर करने की कोशिश करुँगी

      हटाएं
  3. Well... good kahu k bad. Muje nahi pta. Par muje bhi yahi mahsus hota h.. humesha ye bs youngsters ko use krte h.. boy ho yaa girls. Boys ko use use karte h apna maksad k liye.. kyoki inki kandho me vo jor nahi hota inke khoon me vo ubaal nahi hota... itnka maksad humare kisi kaam ka nahi hota... lekin ye apna experience use kr k shadho ka jaal banate h aur uljate h baato me... apna maqsad hum par thopte h. 100 me se 90 baar inke saare maqsad youngsters k kisi kaam k nahi hote.... In girls case me bhi ye log yahi funda use karte h... Age is just number jese words ko wrongly use krte h... bold decision nd all.. jese baate karte h. Jesa tumne likha h sachai ka pta to room me hi chalta h... isme saara kasur ladki ka nahi hota. Aadmi ka kasur h... lekin sabse bade kasurwar vo padhi likhi women hoti h... jo aise sabhi article nd post jo bhi different websites par hote h... aur jinme kikha hota aisa ladka choose karo boyfriend banane k liye. Wesi ladki choose karo... type. Aur specialy wo post jo aged relationship ki sahi batane k liye.... likhe gye hote h. Mei aged relationship khilaf bhi nahi hu aur favour me bhi nahi.... lekin muje sabse ghatiya vo women lagti h jo is tarah k post ko upvote krti h aur like karti h... aur sath me comments bhi katri h.. yes its good. Ye sahi h.... ye freedom h.... nd all. Agar vo women itni hi samajhdar aur padhi likhi hoti h... to unhe comments me likhna chahiye... BETA WO KARO JO TUMHARA DIL BOL RHA H.. wo nahi jo upper post me likha... Agar confuse ho to koi decision na karna hi sahi h....

    उत्तर देंहटाएं
  4. Uppar bakwas likha h, comment ye hai...... Saari maar dadh Maje se Enjoy kar li :) :). Ab beth k baatein bna rhi ho [-( [-(

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top