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अनुशासन

गाँव में रहें या शहर में अनुशासन का विशेष महत्व होता है | यह हमारे जीवन को नया बनाने का कार्य करता है | नई उर्जा से भर देता है | एक सुंदर छवि बनाने का काम करता है जहाँ ऐसी छवि मिलती है वहाँ एक सुंदर व्यक्तित्व का निर्माण होता है जहाँ अनुशासन नहीं होता है वहाँ एक अच्छे व्यक्तित्व की कल्पना करना मूर्खता है | सुंदर जीवन का सपना साकार नहीं हो सकता है | सुंदर सपने बनाने के लिये अनुशासन का विशेष महत्व है | कठोर परिश्रम से अनुशासन बनाया जा सकता है,जो भी नियम कानून हो उस पर सहीं ढंग से अमल कर अनुशासन पैदा किया जा सकता है | अनुशासनहीनता किसी नियम कानून कायदे को तोड़ने से आता है | हम एक अच्छे नागरिक तभी कहे जा सकते हैं जब हमारे अंदर अनुशासन की भावना हो |
      
अनुशासन से कोई देश तरक्की कर जाता है | विकास को नई गति मिलती है | नयी सोंच को नया भाव मिलता है, तब एक महान व कल्याणकारी सोंच स्वमेव विकसित होने लगता है | जिस देश में ऐसे नागरिक नियम कानून के
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दायरे में रहते हैं वहाँ शालीनता का आगमन होता है, शिष्टाचार की भावना विकसित होती है, दया व नवीनता की भावना प्रखर हो जाती है जब कोई देश इस तरह की राह पर निकलता है तो विश्व बिरादरी में उसकी अलग पहचान बनती है | वह एक गौरवशाली देश की प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है तब ऐसे देश के प्रत्येक युवा की अपनी पहचान होती है तो ऐसे प्रत्येक युवा की भागीदारी देश के लिये फायदेमंद साबित होता है वहां का प्रत्येक नागरिक कौशलयुक्त शिक्षा को प्राप्त करता है | एक अनुशासन बध्द जीवन से एक देश अनुशासन से परिपूर्ण हो जाता है |
      
अनुशासन का महत्व सब जगह होता है | घर परिवार,स्कूल कॉलेज,नाते रिश्ते, समाज सभा कहीं भी रहते हैं | इस अनुशासन को अंदेखा नहीं किया जा सकता है जहाँ लापरवाही आयी वहीं से लापरवाह लोगों की उत्पत्ति शुरू हो जाती है | हम कहीं भी रहेे अनुशासन हमारे जीवन में एक सकारात्मकता पैदा करता है |
हमें सहीं बातों का अनुशरण करना चाहिये | अनुशासन से युक्त एक व्यक्ति में योग्य भावना का जन्म होता है तब हम ऐसे अनुशासनयुक्त जीवन से अपने घर परिवार का नाम रौशन करते हैं | एक नई ऊँचाई तक ले जाने में समर्थ रहते हैं | एक विशाल कीर्तिमान स्थापित करते हैं, यदि हमारा जीवन सदैव अराजकता का रहा है,नियमों को तोड़ने में मजा आता है,हर तरह का खुराफात करते रहते हैं,एक अबैध कार्य में रूचि उत्पन्न होती है तो इससे वास्तविक विकास या लक्ष्य को नहीं प्राप्त किया जा सकता है जो आगे चलकर खतरनाक हो सकता है |
         
अतः हम तो यही कहेगें कि वास्तविक जीवन का आनन्द तभी उठाया जा सकता है जब हम नियम कानूनों पर अमल करेगें | उस पर भरोसा जतायेंगें | कहीं भी गलत कार्य की प्रवृत्ति को रोकने का प्रयास किया जाता है तो वहाँ एक सभ्य जीवन की भावना का जन्म होता है | सभ्य आदमीयता की उत्पत्ति होती है | जीवन में वास्तविक मूल्य पैदा करने के लिये जीवन में अनुशासन एक अनिवार्य तत्व है जिसने इस अनिवार्य तत्व से नाता रखा वहाँ एक विशालता का भाव पनपता है जिसके जीवन में लापरवाही भरी रही,गलत कार्यों के प्रति आकर्षण बना रहता है तो वहाँ एक सुंदर जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं | वहाँ सहीं सौन्दर्य की विद्यामानता खत्म है | सौन्दर्यहीन जीवन में कोई रस नहीं होता है अतः अनुशासन से एक सुंदर जीवन बनाया जा सकता है |

                                            जयचन्द प्रजापति 'कक्कू'
                                           जैतापुर,सियाडीह,हंडिया
                                           इलाहाबाद मो.7054868439

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  1. शानदार पोस्ट ... बहुत ही बढ़िया लगा पढ़कर .... Thanks for sharing such a nice article!! :) :)

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