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अकबर बीरबल
जब अकबर लाखों सेना और करोडों रुपया खर्च करके महाराणा प्रताप को न पकड़ सका ,तो उसने अपमान करने के लिए प्रताप का चित्र पाखाने पर लगवा दिया ,जिससे आने जाने वाले उसे देखें और उनका खूब अपमान हो .
अकस्मात् उधर से बीरबल निकले . उन्होंने जब यह देखा तो उन्हें बड़ा क्रोध आया ,क्योंकि वह महाराणा प्रताप पर बड़ी श्रद्धा रखते थे . उन्होंने लौटकर तुरंत ही बादशाह से पूछा - जहाँपनाह ! ऐसा मालूम होता है कि आपको कब्ज की शिकायत है .''
बादशाह ने पूछा - क्यों ? नहीं तो .

बीरबल ने उत्तर दिया - आपने जो महाराणा प्रताप का चित्र अपने पाखाने पर लगवा दिया है ,उससे यह मालूम पड़ता है कि आपको कब्ज की शिकायत है ,क्योंकि जब आप प्रताप के चित्र को देखते होंगे तब अवश्य ही आपको पाखाने की हाजत हो उठती होगी . इसीलिए आपने उनका चित्र पाखाने पर लगाया है .
यह सुनकर बादशाह को काफी क्रोध आया और लज्जा भी . उन्होंने उसी समय महाराणा प्रताप का चित्र पाखाने से हटवा लिया .


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  1. बेनामीजून 25, 2012 9:17 pm

    hahha......mjedaar ...bhut dino me khul kar hasee

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  2. Sabhi jante Hai Akbar Birbal Ke Kisse Kitne Majedar Hote Hai
    Lekin Khud Padhne Ya Sunane Mai Jo Anand Ata Hai Uska Jawab Hi Kuch Hai

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  3. BIRBAL BAHUT BUDDHIMAN THE, AKBAR BEWAKOOF RAJA

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  4. akbar and birbal ki kahani ye sikh dete hai ki raja ko kis prakar apne mantriyon ki bat pakdani chahiye aur kab pakdani chahiye

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  5. Ishme ek chatur mantri ki bat kahi gayi hai

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