158
मानव समाज सौन्दर्योपासक है ,उसकी इसी प्रवृत्ति ने अलंकारों को जन्म दिया है। शरीर की सुन्दरता को बढ़ाने के लिए जिस प्रकार मनुष्य ने भिन्न -भिन्न प्रकार के आभूषण का प्रयोग किया ,उसी प्रकार उसने भाषा को सुंदर बनाने के लिए अलंकारों का सृजन किया। काव्य की शोभा बढ़ाने वाले शब्दों को अलंकार कहते है। जिस प्रकार नारी के सौन्दर्य को बढ़ाने के लिए आभूषण होते है,उसी प्रकार भाषा के सौन्दर्य के उपकरणों को अलंकार कहते है। इसीलिए कहा गया है - 'भूषण बिना सोहई -कविता ,बनिता मित्त।'


अलंकार के भेद - इसके तीन भेद होते है -
१.शब्दालंकार २.अर्थालंकार ३.उभयालंकार

१.शब्दालंकार :- जिस अलंकार में शब्दों के प्रयोग के कारण कोई चमत्कार उपस्थित हो जाता है और उन शब्दों के स्थान पर समानार्थी दूसरे शब्दों के रख देने से वह चमत्कार समाप्त हो जाता है,वह पर शब्दालंकार माना जाता है। शब्दालंकार के प्रमुख भेद है - १.अनुप्रास २.यमक ३.शेष

१.अनुप्रास :- अनुप्रास शब्द 'अनु' तथा 'प्रास' शब्दों के योग से बना है । 'अनु' का अर्थ है :- बार- बार तथा 'प्रास' का अर्थ है - वर्ण । जहाँ स्वर की समानता के बिना भी वर्णों की बार -बार आवृत्ति होती है ,वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है । इस अलंकार में एक ही वर्ण का बार -बार प्रयोग किया जाता है । जैसे -
जन रंजन मंजन दनुज मनुज रूप सुर भूप
विश्व बदर इव धृत उदर जोवत सोवत सूप । ।


२.यमक अलंकार :- जहाँ एक ही शब्द अधिक बार प्रयुक्त हो ,लेकिन अर्थ हर बार भिन्न हो ,वहाँ यमक अलंकार होता है। उदाहरण -
कनक कनक ते सौगुनी ,मादकता अधिकाय
वा खाये बौराय नर ,वा पाये बौराय। ।
यहाँ कनक शब्द की दो बार आवृत्ति हुई है जिसमे एक कनक का अर्थ है - धतूरा और दूसरे का स्वर्ण है ।

३.श्लेष अलंकार :- जहाँ पर ऐसे शब्दों का प्रयोग हो ,जिनसे एक से अधिक अर्थ निलकते हो ,वहाँ पर श्लेष अलंकार होता है । जैसे -
चिरजीवो जोरी जुरे क्यों सनेह गंभीर
को घटि ये वृष भानुजा ,वे हलधर के बीर। ।
यहाँ वृषभानुजा के दो अर्थ है - १.वृषभानु की पुत्री राधा २.वृषभ की अनुजा गाय । इसी प्रकार हलधर के भी दो अर्थ है - १.बलराम २.हल को धारण करने वाला बैल

अर्थालंकार
जहाँ अर्थ के माध्यम से काव्य में चमत्कार उत्पन्न होता है ,वहाँ अर्थालंकार होता है । इसके प्रमुख भेद है - १.उपमा २.रूपक ३.उत्प्रेक्षा ४.दृष्टान्त ५.संदेह ६.अतिशयोक्ति

१.उपमा अलंकार :- जहाँ दो वस्तुओं में अन्तर रहते हुए भी आकृति एवं गुण की समता दिखाई जाय ,वहाँ उपमा अलंकार होता है । उदाहरण -
सागर -सा गंभीर ह्रदय हो ,
गिरी -सा ऊँचा हो जिसका मन
इसमे सागर तथा गिरी उपमान ,मन और ह्रदय उपमेय सा वाचक ,गंभीर एवं ऊँचा साधारण धर्म है।

२.रूपक अलंकार :- जहाँ उपमेय पर उपमान का आरोप किया जाय ,वहाँ रूपक अलंकार होता है , यानी उपमेय और उपमान में कोई अन्तर न दिखाई पड़े । उदाहरण -
बीती विभावरी जाग री
अम्बर -पनघट में डुबों रही ,तारा -घट उषा नागरी ।'
यहाँ अम्बर में पनघट ,तारा में घट तथा उषा में नागरी का अभेद कथन है।

३.उत्प्रेक्षा अलंकार :- जहाँ उपमेय को ही उपमान मान लिया जाता है यानी अप्रस्तुत को प्रस्तुत मानकर वर्णन किया जाता है। वहा उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। यहाँ भिन्नता में अभिन्नता दिखाई जाती है। उदाहरण -
सखि सोहत गोपाल के ,उर गुंजन की माल
बाहर सोहत मनु पिये,दावानल की ज्वाल । ।

यहाँ गूंजा की माला उपमेय में दावानल की ज्वाल उपमान के संभावना होने से उत्प्रेक्षा अलंकार है।

४.अतिशयोक्ति अलंकार :- जहाँ पर लोक -सीमा का अतिक्रमण करके किसी विषय का वर्णन होता है । वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होता है। उदाहरण -
हनुमान की पूंछ में लगन पायी आगि
सगरी लंका जल गई ,गये निसाचर भागि। ।
यहाँ हनुमान की पूंछ में आग लगते ही सम्पूर्ण लंका का जल जाना तथा राक्षसों का भाग जाना आदि बातें अतिशयोक्ति रूप में कहीं गई है।

५.संदेह अलंकार :- जहाँ प्रस्तुत में अप्रस्तुत का संशयपूर्ण वर्णन हो ,वहाँ संदेह अलंकार होता है। जैसे -
'सारी बिच नारी है कि नारी बिच सारी है
कि सारी हीकी नारी है कि नारी हीकी सारी है । '
इस अलंकार में नारी और सारी के विषय में संशय है अतः यहाँ संदेह अलंकार है ।


६.दृष्टान्त अलंकार :- जहाँ दो सामान्य या दोनों विशेष वाक्य में बिम्ब -प्रतिबिम्ब भाव होता है ,वहाँ पर दृष्टान्त अलंकार होता है। इस अलंकार में उपमेय रूप में कहीं गई बात से मिलती -जुलती बात उपमान रूप में दूसरे वाक्य में होती है। उदाहरण :-
'एक म्यान में दो तलवारें ,
कभी नही रह सकती है
किसी और पर प्रेम नारियाँ,
पति का क्या सह सकती है । । '
इस अलंकार में एक म्यान दो तलवारों का रहना वैसे ही असंभव है जैसा कि एक पति का दो नारियों पर अनुरक्त रहना । अतः यहाँ बिम्ब-प्रतिबिम्ब भाव दृष्टिगत हो रहा है।

उभयालंकार
जहाँ काव्य में शब्द और अर्थ दोनों का चमत्कार एक साथ उत्पन्न होता है ,वहाँ उभयालंकार होता है । उदाहरण - 'कजरारी अंखियन में कजरारी लखाय।'

इस अलंकार में शब्द और अर्थ दोनों है।


क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो 'हिन्दी कुंज ' के प्रशंसक बनिए ना !!

Post a Comment Blogger

  1. बहुत आभार भाई!!

    ReplyDelete
  2. उपयोगी जानकारी के लिये धन्यवाद

    ReplyDelete
    Replies
    1. Ap rupak alankar or utpreksha alankar ki paribhasa ek dusre se badle. Paribhasa galat likhi h

      Delete
    2. Dono paribhasaye ek dusre se badle

      Delete
  3. बहुत उपयोगी जानकारी है आपके ब्लाग को आब नियमित रूप से पढना पढेगा और पिछली पोस्टज़ भी बहुत उपयोगी हैं बहुत बहुत धन्यवाद्

    ReplyDelete
  4. BAHOOT HI UPYOGI ....... GYAANVARDHAK JAANKAARI UPLABDH KARATE HAIN AAP .....SHUKRIYA

    ReplyDelete
    Replies
    1. chup be paka mat ...

      Delete
  5. उपमा अलंक़ार क़े भेद
    kripa kar ke batay ki upma alankar ke bhed kitne hote hai aur kya hote hai???
    ya jitni bhi jankari ho sake bhejne ka kast kare
    thank you
    cinjul27@gmail.com

    ReplyDelete
  6. it is really a good site. thx for this sincere effort

    ReplyDelete
  7. upma alankar ke kitna bhed hote hai. Kripya batayen.

    ReplyDelete
  8. jankari aur bhi hoti to aur bhi jyad behtar hota saath hi vishtaarpurvak jankari honi chahiye thi.MUKESH

    ReplyDelete
  9. kya aap aur udharan hote to accha hota

    ReplyDelete
  10. manvikaron ke udharan toh he hi nahi.

    ReplyDelete
  11. aap kripya manvikaran ke udharan bata ne kaa kast kare.
    thank you

    ReplyDelete
  12. it wassss relly helpfull sweetuy.......who so evr made it.....thnxxxx a lotttttttttttttttt...........keep it uppp....n thnxxxxxx again......
    love yaa.....tc .....

    ReplyDelete
  13. इस जानकारी कॆ लिए आपका शुक्रिया।

    ReplyDelete
  14. कृपया करके मानवीकरण के उदहारण दीजिए|

    ReplyDelete
  15. KIVITA ME MANVIKARAN

    ReplyDelete
  16. pankaj hamara raya ya hai ki aapka laikhanch bhauth shahi hai

    ReplyDelete
  17. hey what about manvikaran?????????????????pls give information about it........i beagg u...........wil u do that????????????????

    ReplyDelete
  18. very helpful in exam pls give examples

    ReplyDelete
  19. where iss anyokti alankar

    ReplyDelete
  20. jankari k liye thx sabhi alankaro ki jankari vishleshan sahit uplabdh krayen siromprakash@gmail.com

    ReplyDelete
  21. jaankari k liye dhanyavaad....

    ReplyDelete
  22. a grt jaankari

    ReplyDelete
  23. kripya mujhe Bhashan ke mukhya bhag ke barein me batane ka kast karein.

    Dhanyavad
    Nitin Chadda from Delhi

    ReplyDelete
  24. chalo ho gays

    ReplyDelete
  25. simply awesome to find this. thanks

    ReplyDelete
  26. bahut achcha
    mujhe bahut madat mili

    thanks !!!!!!!!!

    ReplyDelete
  27. muje internet kee maded se mary school ke sary kam ho jaty he thanks (179)

    ReplyDelete
  28. THANKS internet aaj net ke maded sy me apny kan karta ho

    ReplyDelete
  29. quite nice one....

    ReplyDelete
  30. उपयोगी जानकारी के लिये धन्यवाद

    कृपया करके और अलंकार दीजिए

    .

    ReplyDelete
  31. yery nice information

    ReplyDelete
  32. teri maa ki..................

    ReplyDelete
  33. good one thanks for information

    ReplyDelete
  34. bahut acchi jaankari hai.... bahut hi upyogi aur atyant saral bhasha.

    Thanks

    ReplyDelete
  35. figure of speech

    ReplyDelete
  36. anyokti alankar kya hai?????

    ReplyDelete
  37. anyokti alankar kya hai?????

    ReplyDelete
  38. it really helps me to understand alankar

    ReplyDelete
  39. Thankyou so much

    ReplyDelete
  40. isme baaki k alankar b add karo

    ReplyDelete
  41. It's a great job!This article really helped me a lot..Thank you very much...plz explain ubhayalankar and utpreksha alankar with some more examples.....

    ReplyDelete
  42. it is really helpful. the knowledge is receivable in compact and short form.

    ReplyDelete
  43. thank u soooo much fr dis valueable help

    ReplyDelete
  44. apne jp gyan batan hai uska mujhe bhut phle se intjaar tha. apko tahe dil se dhanybad. agar hindi grammer ki koi online quiz ka site ho yo pls bataye mujhe. my email id-deepak070573@gmail.com

    ReplyDelete
  45. बेहद उपयोगी लेख है... साधुवाद !!!

    ReplyDelete
  46. गुरजीत सिंह बदोहल7 April 2012 at 05:25

    अलंकार प्रस्तुत करने और समझाने का आपका बहुत बहुत धन्यवाद ! कृपया, समास की भी जानकारी देने का कष्ट करें!!

    ReplyDelete
  47. अन्योक्ति और मानवीकरण
    ye konse अलंकार hai

    ReplyDelete
  48. Its not good
    ..
    ..
    ..
    ..
    ..
    ..
    ..
    ..
    ......
    But the best of the bests

    ReplyDelete
  49. i m happy i m indian and hindi our language bez only hidni is one of the greatest language that give us these type of goodness

    ReplyDelete
  50. Hindi hai NADEE KI DHARA

    RUKNA USKA KAAM NAHI.

    HINDI HINDUSTAN KI HI NAHI

    VARAN SARE SANSAR KI BHASHA BAN GAI H.

    KIRAN
    PANIPAT
    HARAYANA

    ReplyDelete
  51. kripa krke alankaron ki kuch or udharane shamil ki jaye. poonam sharma

    ReplyDelete
  52. YE SARAL BASHA ME HONE KE KARAN SAMAJENA AASAN HAI.THANKS TO HINDIKUNJ.........................

    ReplyDelete
  53. prayash accha hai. hindi ke baare me samajhne me madad milegi .
    world education day

    ReplyDelete
  54. agar hindi ko suru se vistrit roop me samjhaya jaye to behatar hoga

    ReplyDelete
  55. aapne sahi se spast nahi kiya

    ReplyDelete
  56. aapne sahi se nahi samjaya

    ReplyDelete
  57. आपने बहोत अच्छे काम किया,

    उपयोगी जानकारी के लिये धन्यवाद

    कृपया करके और अलंकार दीजिए

    ReplyDelete
  58. mai hindi se bahut pyar karta hu , lakin pata nahi kyon hum log aajkal english ko mehatwa dene lage hai
    hume hindi ko or bhi sakriya karna hoga

    ReplyDelete
  59. In sabhi mitra gano ne apke forum ki badai me ATISHYOKTI alankar ka prayog kiya hai....just kidding hehe...Pankaj Nayal.

    ReplyDelete
  60. thanks plz ....or alankar bataiye.....

    ReplyDelete
  61. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  62. hindi is best literature for second year of ctu sylabush

    ReplyDelete
  63. hindi is best literature for second year of ctu sylabush

    ReplyDelete
  64. वाह भाई कमाल कर दिया हिन्दी एक वैज्ञानिक भाषा है

    ReplyDelete
  65. apke dwara di gaie jankari bahut opyogi hai.................... acchi kosis ke liye dhanyawad.....

    ReplyDelete
  66. koi meri chut maro

    ReplyDelete
  67. maine socha nahi tha ki ukt jankari net se mil ta hai, bahut hi madadgar hai

    ReplyDelete
  68. gud information :)

    ReplyDelete
  69. very good but i don't know why you don't give more examples so that we can understand more plz give more examples of alankar.

    but very very very very very very very very very very very very very very very very very very very
    thaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaankkk uuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuuu.

    ReplyDelete
  70. किताबी ज्ञान से हटकर समझायेंगे और बेहत्तर होगा ःधन्यवाद

    ReplyDelete
  71. किताबी ज्ञान से हटकर समझायेंगे और बेहत्तर होगा ःधन्यवाद

    ReplyDelete
  72. dhanyabad aap ka karya santosh janak hai.

    ReplyDelete
  73. Aap aalankaro k udaharan aur likhe.
    Thanks
    s

    ReplyDelete
  74. अबे एक दम मस्त

    ReplyDelete
  75. Just come to know about your web,It's really helpful .

    ReplyDelete
  76. Your notes are very helpful to me.thx a lot

    ReplyDelete
  77. i like it very much.

    ReplyDelete
  78. charan bando hari rai me kon sa alankaar he.....

    ReplyDelete
  79. thanx, for ur so good help!!!

    ReplyDelete
  80. BAHUT HI VISTAAR SE JAANKARI DI HUI HAI..... AAPKA BAHUT BAHUT DHANYAWAAD...... AISE HI JAANKARIYAAN UPDATE KARTE RAHIYE AUR HUM JAISE BACHCHON KO AAPKE LEKHAN KA LAABH UTHANE DIJIYE....
    Rashmi Bhat

    ReplyDelete
  81. thanks for this page
    meri jankari clear ho gayi
    thanks again
    king.............

    ReplyDelete
  82. thanks for this page
    alankar clear ho gaye
    thoda aur detail me hona tha
    but enough for me
    king.....

    ReplyDelete
  83. can i get more examples of each alankar
    tanisha joshi
    ... joshi9081@rediffmail.com

    ReplyDelete
  84. charan dharat sanka karat,shravan na chahat shor\ suvaran ko dhundhat phire kavi kami aru chor

    ReplyDelete
  85. धन्यवाद यह अलंकरण हिंदी की शिक्षक तैयारी करने वालो के लिए सर्वोत्तम हैं

    ReplyDelete
  86. mahesh prajapat Toltex sanganer tonk road jaipur

    hindi kung is a very good for hindi teaching students and teacher

    very very thank you


    mahesh M.A HINDI subject

    ReplyDelete
  87. hindi kung La-javb hai
    mahesh M.A hindi

    ReplyDelete
  88. सब गुरुजन को बुरा बतावै ,अपनी खिचड़ी अलग पकावे
    उपरोक्त पंकित में कौन सा अलंकार है कृपया बताने का कष्ट करें ?

    ReplyDelete
  89. इन शबदो के ईसतीरिलिगं बताओ 1 मुगली 2 भगवान

    ReplyDelete
  90. chand ke baare me bhi jankari dene ki krapa kare.

    ReplyDelete
  91. very very very useful

    ReplyDelete
  92. yg.cse.iitk.ac.in/Hinduism13 November 2013 at 06:42

    Bil Vichaari Ke Pravishan Lagyo, Vyaal Sund` Men Vyaal
    Taaoo Kari Ari Lakhhi, Liyo Uth`aaee Utaal

    Is Padya Men` BhraantiMaan Alankaar Hai Jo AapNe Naheen` Likhaa Hai, Kri`payaa IsKo Bhee Sammlit KarNe Kaa Kash`t` Karen`.

    बिल विचारि के प्रविशन लग्यो, व्याल सुण्ड मेन व्याल
    ताऊ करि अरि लख्हि, लियो उठाई उताल
    इस पद्य में भ्रान्तिमान अलङ्कार है जो आपने नहीं लिखा है, कृपया इसको भी सम्म्लित करने का कष्ट करें.

    ReplyDelete
  93. yg.cse.iitk.ac.in/Hinduism13 November 2013 at 06:45

    बिल विचारि के प्रविशन लग्यो, व्याल सुण्ड में व्याल
    ताऊ करि अरि लखि, लियो उठाई उताल

    इस पद्य में भ्रान्तिमान अलङ्कार है जो आपने नहीं लिखा है, कृपया इसको भी सम्म्लित करने का कष्ट करें.

    ReplyDelete
  94. Replies
    1. Thankyou hindi kunji.

      Delete
  95. यह एक बहुत ही सदुपयोगी वैबसाइट है

    ReplyDelete
  96. बहुत ही अच्छा एवं सार्थक

    ReplyDelete
  97. बहुत ही अच्छा एवं सार्थक

    ReplyDelete
  98. बहुत ही अच्छा एवं सार्थक

    ReplyDelete
  99. What is lakshna alankar?

    ReplyDelete
  100. manvikaran alankaar kaha hai bhai

    ReplyDelete
  101. Thanks for help me in hindi

    ReplyDelete
  102. Thanks for help me in hindi

    ReplyDelete
  103. Thanx ye samjhane k liye but kya apki koe aur b site h jisme aur achhe se smjhaya gya ho kyoki muje smj ni aate ache se kbi bi

    ReplyDelete
  104. dhanyavad I hame alankar samjhane ke liye I

    ReplyDelete
  105. KIS BAAT KI SVIKRITI

    ReplyDelete
  106. एक अच्छी व्याख्या

    ReplyDelete
  107. उपयोगी व्याख्या

    ReplyDelete
  108. VERY GOOD................THX.

    ReplyDelete
  109. shobharam sinha17 April 2014 at 17:59

    aaj 44 ke umar me hindi sahitya me M A kare ke saunkh jag ge.
    bada nik lagis tor alankar ke giyan gaa.
    abhari rabo tor au karbo dhiyan gaa.

    ReplyDelete
  110. very good thxx

    ReplyDelete
  111. baht he achha gyan diya hai apne. thank you

    ReplyDelete
  112. Brijesh kumar6 May 2014 at 01:59

    very good (ye jankari competition k liye upyogi)

    ReplyDelete
  113. THANKS A LOTS FOR PRECIOUS KNOWLEDGE ABOUT ALANKAR AND RAS FOR HELP OF STUDENT OF HINDI LITERATURE

    ReplyDelete
  114. pratibha sharma8 June 2014 at 15:55

    bahut hi mulayavan aur systemetic tarike se samjaya hai

    ReplyDelete
  115. pratibha sharma8 June 2014 at 15:57

    bahut hi mulayavan aur systematic tarika se samjaya hai

    ReplyDelete
  116. vakrokti or vyaj stuti alankar ki jankari de

    ReplyDelete
  117. ANURAG PRIYADARSHI30 July 2014 at 12:26

    A GOOD & USEFUL DESCRIPTION

    ReplyDelete
  118. Outstanding ; excellent

    ReplyDelete
  119. bhartiya kavya chintan ki prampra m ras sidhant k mhatav ko spast kare ? plz iska ans bta do or samja b do

    ReplyDelete
  120. महोदय,
    यदि उदहारण का अर्थ लिख कर फिर अलंकार समझते तो ज्यादा अच्छे से समझ में आता.
    धन्यवाद

    ReplyDelete
  121. बहुत ही अच्छी तरह से प्रस्तुत किया गया हैँ ।

    ReplyDelete
  122. rawansir saroj banchari chali raghuveer silimukhdhari

    ReplyDelete
  123. rawansir saroj banchari chali raghuveer silimukhdhari
    isme kaun sa alankar hai explain karke bataiye

    ReplyDelete

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top