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श्री माड़भूषि रंगराज अयंगर जी

रंगराज अयंगर
रंगराज अयंगर
श्री माड़भूषि रंगराज अयंगर जी , हिंदीकुंज.कॉम जुड़े हुए प्रमुख स्तंभकार हैं .आपकी रचनाएँ हिंदीकुंज में कई वर्षों प्रकाशित होती आ रही है . आप जन्म से एक अहिंदी भाषी, मातृभाषा तेलुगु. बचपन से छत्तीसगढ़ बिलासपुर (एकीकृत मध्यप्रदेश) में अभियाँत्रिकी तक शिक्षित. 2015 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से सेवानिवृत्त हैं .

 लेखन कार्य -

 शुरुआत कविता से फिर कहानी व लेखों की तरफ अग्रसर. प्रथम प्रकाशन "दशा और दिशा" को पाठकों का साथ मिला.प्रकाशक गाथा लखनऊ से 2016 की बेस्ट सेलर घोषित.दूसरी पुस्तक “ मन दर्पण” प्रकाशकाधीन है. दिसंबर तक प्रकाशित होने की ऊम्मीद है.. 

 हिंदीकुंज में प्रकाशित आपकी रचनाओं की सूची इस प्रकार है -


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  1. आशुतोश जी,
    आभार,

    आपने मेरा काम आसान किया.
    अब मैं पाठकों को अपनी रचना तक पहुँचाने में ज्यादा सफल हो पाऊंगा. पाठक पूछने पर मुझे खोज - खोज कर देना पड़ता था. अब वह काम बहुत ही आसान कर दिया है आपने.

    सादर धन्यवाद.

    अयंगर.

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