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भारत में छात्रों की भूमिका 
Role of Students in Modern India


भारत में छात्रों की भूमिका Role of Students in Modern India छात्र शक्ति राष्ट्र शक्ति - कहा जाता है कि किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों में अथवा उसके गणवेषधारी लोगों में अथवा उसकी शैन्य क्षमताओं में निहित नहीं होती है ,बल्कि उसके छात्रों की आबादी में निहित होती है .वे न केवल राष्ट्र के मेरुदंड होते हैं बल्कि ऐसे स्तम्भ होते हैं ,जिस पर राष्ट्र रूपी भवन बना हुआ होता है .वे राष्ट्र की वास्तविक संपत्ति हैं . 

राष्ट्र की प्रगति में योगदान - 

छात्र समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं .वे स्वतंत्रता ,न्याय ,समानता ,नैतिकता और सामाजिक समानता के
भारत में छात्रों की भूमिका
भारत में छात्रों की भूमिका 
अभिभावक और प्रहरी होते हैं .उनके ऊपर यह बड़ी जिम्मेदारी होती हैं कि वे देखें कि अन्याय ,असामनता ,दमन ,शोषण ,भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग जैसी बुराईयों को जड़ से उखाड़ फेंका जाए .साम्प्रदायिकता ,धार्मिक अनबन ,क्षेत्रवाद ,उग्रवाद ,राजनीति का अपराधीकरण ,समाज में अनुशासनहीनता आदि बीमारियाँ भारतीय समाज की जो विशेषताएँ सी बन गयी हैं और हमारी राष्ट्रीय प्रगति की दर को कम कर रही हैं ,उन्हें विभिन्न प्रकार के शांतिपूर्ण अभियानों और आंदोलनों के जरिये हमारे देश के छात्रों द्वारा समूल समाप्त किया जा सकता है .छात्र ऐसी शक्ति हैं जिनकी ताकत के समक्ष राजनैतिक दल ,राष्ट्रीय नेता और प्रशासन तंत्र तक घुटने टेक देते हैं .अतः हमारे छात्र हमारे समाज ,अर्थव्यवस्था और राष्ट्र की प्रगति को रोकने वाली विभिन्न बाधाओं और रुकावटों को हटाने में चमत्कारिक योगदान दे सकते हैं .

शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग - 

छात्र भारतीय समाज में प्रचलित जातिगत भेद भाव ,सामाजिक असमानता और आर्थिक गैर बराबरी के खिलाफ मुहीम छेदकर समाज के वंचित वर्ग की सहायता करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं .वे जन साक्षरता कार्यक्रमों ,जन जागरूकता योजनाओं और वृक्षारोपण परियोजनाओं में सहायता करके तथा गरीब एवं आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों के उत्थान के लिए सामाजिक कार्य करके अपनी बहुमूल्य सेवाएँ दे सकते हैं .इसीलिए सामाजिक कार्य और समुदाय सेवा हमारी आज की शिक्षा प्रणाली का अभिन्न भाग होना चाहिए . 

उल्लेखनीय सेवा - 

छात्रगण भूकंप ,बाढ़ ,सूखा एवं भीषण दुर्घटना जैसी प्रकृति आपदाओं के समय भी राष्ट्र को अपनी बहुमूल्य सेवाएँ दे सकते हैं .छात्रों को ऐसी राष्ट्रीय आपदाओं के समय त्वरित राहत कार्य शुरू कराने के लिए स्वयं अगुवाई करनी चाहिए .वस्तुतः भारत में कई स्थानों पर ऐसी विप्पत्तियो के समय सबसे पहले पहुँचने वाले और राहत कार्य शुरू करने वाले छात्र ही होते हैं .राष्ट्र के लिए जरूरत की घड़ी में N.C.C तथा स्काउट दल जैसी छात्र संस्थाओं ने उल्लेखनीय और प्रशंसनीय सेवाएँ दी हैं . 

राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय अखंडता के प्रहरी - 

आज हमारे देश की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है देश भक्ति और राष्ट्रीय भावनाओं में आ रही गिरावट .अलगाववादी,क्षेत्रवाद ,उग्रवाद और आतंकवाद देश के कुछ भागों में फलता फूलता जा रहा है ,जिससे हमारे राष्ट्र की एकता के समक्ष खतरा पैदा हो गया है .राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय अखंडता आज की सबसे बड़ी जरुरत है .इस सन्दर्भ में राष्ट्रवाद ,राष्ट्रीय जोश और सामान्य बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देने के मामले में छात्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं .

नकारात्मक असर - 

किन्तु हाल के दिनों में छात्रों के बारे में ऐसी कई बातें देखी गयी हैं जो हमें चिंतित कर देती हैं .आजकल छात्र आंदोलनों के नाम पर जो अशांति व्याप्त हो रही हैं उससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया  जा रहा है .छात्रगण महज राजनेताओं के प्रचार एजेंट बनते जा रहे हैं और वे धार्मिक विवादों में भी शामिल होते देखे जा रहे हैं .आये दिन बन्दों ,हडतालों और धरनों आदि का आहवान करने से देश और समाज पर गंभीर नकारात्मक असर असर पड़ रहा है . 

भविष्य के पथप्रदर्शक - 

इस प्रकार से इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि किसी भी देश का भविष्य उसके छात्रों में निहित होता है .वे आने वाले कल की आशा और हमारे राष्ट्र के भविष्य के पथप्रदर्शक हैं .उनमें राष्ट्र को बनाने या बिगाड़ने की अदम्य क्षमता है .यही कारण है कि दुनिया का हर देश छात्रों की भूमिका और उनके उचित विकास को पर्याप्त महत्व देता है .छात्र राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति हैं . 



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