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प्रेरणा


शक्तिमान
मैं खाना खा रहा था।मेरा बेटा टेलीविजन पर "शक्तिमान "धारावाहिक देख रहा था।खाना खाने के बाद कुल्ला करने के लिए मैंने बेटे से जैसे ही पानी मांगा तो बेटे ने पानी देने से तुरन्त मना कर दिया।

मैं यह सुनकर स्तब्ध रह गया कि आज्ञाकारी पुत्र होते हुए भी आज ये कैसा जवाब मिला। मैंने कारण जानने के लिए बेटे से पूछा-बेटे क्या बात है, पानी देने से मना क्यों कर दिया ?

बेटे ने उत्तर दिया-पिता जी शक्तिमान ये कह रहा था अगर तुम अच्छे बच्चे हो तो किसी के कहने से कोई काम नहीं करना चाहिए।

मैंने बेटे को समझाते हुए कहा-बेटे शक्तिमान के ऐसा कहने का भाव यह है कि किसी के कहने से पहले ही वह काम कर देना चाहिए।कहने से नहीं। यदि कोई खाना खा रहा है तो पानी मांगने से पहले ही पानी दे देना चाहिए। 



- अशोक कुमार ढोरिया

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