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कठिनता


कठिनता है जोड़ना।
शब्द को आकार में,
व्योंम को धरा में।
कठिनता
संधि है जोड़ना।
शब्द को अर्थ में,
राग को संगीत में।
कठिनता है जोड़ना।
मन को अनंत में,
असत्य को सत्य में।
संधि है जोड़ना।
संवेदनाओं को दुःखो में,
स्मरण को भविष्य में।
कठिनता है जोड़ना।
डर को यथार्थ में,
अवगुण को गुण में।
संधि है जोड़ना।
नेत्र को लक्ष्य में,
अस्तित्व को व्यवहार में।
कठिनता है जोड़ना।
भेद को अभेद में,
अग्नि को जल में।
संधि है जोड़ना।
भूल को पश्चताप में,
बेरंग को रंग में।
कठिनता है जोड़ना।
शान्त को आवाज में,
शोर को आकाश में।



-राहुलदेव गौतम

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