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दिल तोड़ के हंसती हो मेरा वफाएं मेरी याद करोगी



बिखरी-बिखरी ज़ुल्फ़ें तेरी
पसीना माथे पर है
सच तो ये है तुम गुस्से में
और भी प्यारे लगते हो
राहें तकना तारे गिनना
सादिक काम हमारा हैं
आज मगर क्या बात है
तुम भी जागे-जागे लगते हो

ओ दिल तोड़ के हँसती हो मेरा
वफायें मेरी याद करोगी
अताउल्लाह खान
अताउल्लाह खान 
ओ दिल तोड़ के...

कर याद वो ज़माना मेरे प्यार का
चैन लूट ना तू दिल के करार का
ओ जब दुनिया में मैं ना रहा
तो किसे बर्बाद करोगी
ओ दिल तोड़ के...

तेरा दिल कोई जब भी दुखायेगा
याद तुझको ये मेरा प्यार आएगा
ओ तेरे दिलवाले टूटे जब तार
तो रो के फरियाद करोगी
ओ दिल तोड़ के...

शुर्किया आपकी नवाजिसी का,
गम की दौलत मुझे अदा कर दी
तूने हंस-हंस के इब्तदा की थी,
मैंने रो-रो के इन्तहां कर दी

मेहंदी प्यार वाली हाथों पे लगाओगी
घर मेरे बाद ग़ैर का बसाओगी
हो मुझे मरने से पहले ही यकीन था
ये काम मेरे बाद करोगी
ओ दिल तोड़ के...

जब ताहिर की याद तुझे आएगी
तेरी आँखों से ये नींद रूठ जाएगी
हो मोती अश्कों के गिर जायेंगे
तो जब मुझे याद करोगी
ओ दिल तोड़ के...



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