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वो बेवफा है



बैठे हैं सागर के किनारे ,लटके इंतज़ार में .
लूट गया मैं तो यारों ,उसे बेवफा के प्यार में ..

ऐ चलती हुई पुरवाई ये पैगाम तो ला दे .
कैसी है मेरे जानम ,आके हमको तो बता दे ..
बेवफा

फूलों की जगह हम काँटों पे सोया करते हैं .
तू खुश रहे मेरी जान यही सबसे दुवा करते हैं ..

ओ बेवफा देख ले तू भी आके .
धूम - धाम से उठी है मैयत तेरे यार की ..

इन कोमल अदाओं में ,छिपे हैं कितने नज़ारे .
पलट कर देख जानेमन हम भी तो हैं तुम्हारे ..

झुककर मेरी झुककर मेरी हैं सलाम किया .
फिर तूने हमें क्यों बदनाम किया ..

कर सितम तू हम पे ,ना दूर तुझसे मैं जाऊँगा .
बन का काजल आँखों के रस्ते ,दिल में तेरे छा जाऊँगा ..

प्यार किया था हमने तुमसे तू भी भी निकली बेवफा .
फिर भी है मेरी रब से दुवा ,कि तू खुश रहे सदा ..

पहली नज़र पे तू मुझ पर जादू चला गयी .
तू चली गयी इस शहर से मुझे दीवाना बना गयी ..

हर चमन में देखा हमने फूलों की रूहानी .
कसम खुदा की है तू मेरे सपनों की रानी ..

बड़ा दर्द है तेरी इन आँखों में .
तू लग जा गले मेरे मैं बसा लूं तुझे इन साँसों में ..

वो मिले या ना मिले हमें कोई गम नहीं .
वो बेवफा हैं तो क्या उनके लिए मोहब्बत कम नहीं ..

सभी को खुदा की जुदाई ने मारा .
मुझे जानम तेरी जुदाई ने मारा ..



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