4
Advertisement

लड़कपन 


मैं और मेरी पत्नी सीमा हमारी बेटी आर्या को  दाखिला दिलवाने के लिए हमारी कालोनी के नजदीक के स्कूल में। गए थे।  विद्यालय हमारी कालोनी से लगभग एक किलोमीटर दूर है.  दाखिला दिलवाने के बाद हम तीनो पैदल ही। घर की तरफ आ रहे थे।  हम कुछ दूर ही चले थे की अचानक बारिश शुरू हो गई।  हम दौडकर एक दूकान के
 बारिश
आगे बने टीन शेड के निचे आकर खड़े हो गए।  सीमा ने कहा - लो! अब बारिश को भी अभी आना था।  कुछ देर और रूक जाती तो क्या बिगड़ जाता इसका?

`` ओह! तो तुम क्या चाहती हो की इन्द्र्देव भी मेरी तरह तुम्हारे हर हुक्म को माने?``, मैंने सीमा से मजाक करते हुए कहा।  

`` मेरे कहने का मतलब ये बिल्कुल नहीं था।  अब मजबूरी में हमें थोड़ी सी दूर के लिए टेक्सी लेनी पड़ेगी और आप तो जानते ही हो ये टेक्सी वाले भी मौके का फायदा उठाते हैं।  `

 सीमा मुझसे बहस कर रही थी की अचानक आर्या ने मुझसे अपना हाथ छुड़ाया और सड़क पर बह रहे पानी में धम से जाकर कूद पड़ी व अठखेलियाँ करने लगी।  उसके चेहरे पर एक अजब की मुस्कुराहट थी।  सीमा ने डांटते हुए उससे  कहा - `` ये क्या किया आर्या तुम्ने? तुम्हारी स्कूल ड्रेस ख़राब हो गई बेटा। ``

मैंने सीमा को पीछे से धक्का देते हुए कहा - लो, जनाब आपकी भी साड़ी ख़राब हो गई।  

सीमा और मुझे पहले तो बारिश की बूंदे सता रही थी।  लेकिन बाद में हम तीनों की बारिश के साथ ऐसी जुगलबंदी हो गई की हम तीनो हंसते - मुस्कुराते घर की तरफ बढ़ने लगे।  सावन की बारिश की बूंदों ने हमें ऐसा नहलाया की फालतू की जो परम्परा हमने बना रखी थी कि ` बारिश में भीगने से कपड़े ख़राब हो जाते हैं।  ` वो धुल गई। 

घर पहुँचने के बाद हम तीनो ने कपड़े बदले।  मैंने सीमा की तरफ देखा तो पता चला आज फिर 8 साल बाद मेरे सामने वही कॉलेज की लड़की है, जो बारिश में भीगने  के लिए मौका ढूंढती थी।  लेकिल समय के चक्र ने हमें बड़ा बना दिया था। मैंने मन ही मन आर्या को हमारा लड़कपन जगाने के लिए धन्यवाद किया। 



-राजेन्द्र कुमार शास्त्री ( गुरु ) 
सम्पर्क सूत्र - rk399304@gmail.com 
मोबाइल - 9672272740

एक टिप्पणी भेजें

  1. इस कहानी को पढने के बाद मैंने निश्चय किया है की आज के बाद में जब भी बारिश होगी में उसका आनन्द लूँगा. लेखक साहब आपका धन्यवाद!
    निर्मल कुमार

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही खूबसूरत कहानी
    बचपन की बारिश याद दिला दी
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. RAJENDRA KUMAR SHASTRI (GURU)सितंबर 11, 2018 6:08 pm

      आपका जवाब पाकर ख़ुशी हुई.

      हटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top