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नया रास्ता उपन्यास 
Naya Raasta Novel 


नया रास्ता उपन्यास naya rasta novel नया रास्ता सुषमा अग्रवाल Naya Raasta in Hindi for Class 9 and 10 -नया रास्ता उपन्यास, सुषमा अग्रवाल जी द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध सामाजिक उपन्यास है .भारत की मध्यवर्गीय जनता दहेज़ के दुश्चक्र में फँसी हुई है .वह इससे बाहर निकल न पाकर और अधिक उलझ जाती है .अतः ऐसी स्थिति में लड़कियों की नवचेतना व जागृति ही काम आती है ,जिससे वह दहेज़ के दुश्चक्र से बाहर निकल सकती है .उपन्यास की कथा मीनू के जीवन पर आधारित है .वह मध्यमवर्गीय परिवार की एक साँवले और छोटे कद की लड़की है .उसने एम.ए . तक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की है .विवाह योग्य होने पर लड़के वाले उसे देखने आते हैं ,लेकिन कम दहेज़ और साँवले रंग के कारण हर बार अस्वीकृत होती है .

नया रास्ता उपन्यास का कथानक - 

नया रास्ता उपन्यास
नया रास्ता उपन्यास
उपन्यास के प्रारंभ में ही मीनू को देखने मेरठ के मायाराम जी और उनका बेटा अमित आता है .अमित को मीनू की पढ़ाई और कार्य कुशलता पसंद आ जाती है .किन्तु अमित को मीनू की पढ़ाई और कार्य कुशलता पसंद आ जाती है .किन्तु अमित की माँ को सेठ की धनीमल जी की बेटी सरिता पसंद आती है क्योंकि वह पाँच लाख दहेज़ दे सकते हैं .दहेज़ के कारण ही मायाराम जी मीनू को अस्वीकृत कर देते हैं .इससे मीनू और उसके परिवार को बहुत ठेस पहुँचती है .विवाह अस्वीकृत किये जाने पर परिणाम यह हुआ कि मीनू अब कभी विवाह नहीं करने का निश्चय किया .मीनू की बचपन से ही वकालत करने की इच्छा थी ,अतः माँ - बाप भी मीनू की इच्छा देखकर अनुमति दे दी .उसने मन लगाकर पढ़ाई की और वकालत की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की .वकालत पास करने के बाद वह मेरठ में ही वकालत करने लगी और अपनी मेहनत के बल पर वह प्रसिद्ध वकील बन गई. इधर अमित मीनू के विवाह न कर पाने का पश्चाताप करता रहा और उसने सेठ धनीमल जी के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.अमित का एक्सीडेंट होने पर मीनू उससे मिलने जाती है ,इससे अमित और मीनू के मन का मैल समाप्त हो जाता है .
अमित के पिता मायाराम को अपनी भूल का पश्चाताप होता है और वे मीनू के विवाह का प्रस्ताव रखते हैं ,जिसे मीनू अंततः स्वीकार कर लेती है .इस प्रकार मीनू अमित की आत्म -निर्भर बहु बन कर आती है .

नया रास्ता उपन्यास के चरित्र चित्रण - 

नया राम उपन्यास में बहुत सारे पात्र हैं ,जो की कथा के विकास को गति देते हैं .मुख्य पात्रों में दयाराम जी ,मायाराम जी ,अमित और मीनू आते हैं .सहयोगी पात्रों में रोहित ,आशा ,नीलिमा ,सुरेन्द्र ,धनीमल ,सरिता आदि आते हैं .
मीनू उपन्यास की नायिका है .साँवले रंग और कम दहेज़ के कारण वह बार - बार अस्वीकृत हो जाती है .अमित से अस्वीकृति के बाद उसके व्यक्तित्व में परिवर्तन आता है .वह वकालत की पढ़ाई पास करके वकील बन जाती है .अमित उपन्यास का नायक है .वह मीनू के गुणों से प्रभावित है ,लेकिन माँ - बाप के दहेज़ के लालच के कारण  वह विवाह मीनू से नहीं करता है .उपन्यास के अंत में अमित के पिता मायाराम जी को अपनी भूल का पश्चाताप होता है और वे मीनू का विवाह अमित से कर देते हैं .अन्य पात्रों में मायाराम,दयाराम ,मायाराम की पत्नी ,बेटी आशा ,रोहित आदि चरित्र चित्रण की दृष्टि से सार्थक बन पड़े हैं .

नया रास्ता उपन्यास का देश काल और वातावरण - 

नया रास्ता उपन्यास आधुनिक मध्यमवर्गीय परिवार पर चित्रित उपन्यास है ,जहाँ गुण पर दहेज़ और रूप को प्राथमिकता दी जाती है .इसका परिणाम यह होता है - परिवार को विघटन ,दहेज़ हत्या ,नारी जीवन के संघर्ष और असफल विवाह के रूप परिणति होती है .नया रास्ता उपन्यास इसी दृष्टि से सफल उपन्यास है और वह मध्यमवर्गीय पारिवारिक समस्याओं को दिखाने में सफल रहा है .

नया रास्ता उपन्यास की शीर्षक की शार्थकता - 

नया रास्ता उपन्यास सुषमा अग्रवाल जी द्वारा लिखा गया एक सामाजिक यथार्थ परक उपन्यास है .इस उपन्यास में मध्यमवर्गीय समस्याएं को दर्शाएँ हैं ,जिसमें विशेष कर स्त्री वर्ग को क्षति पहुँचती है .
मीनू एक साधारण लड़की से सफल वकील बनकर समाज में अपना स्थान बनाती है .वह उच्च शिक्षा ग्रहण कर आत्म निर्भर बनती है .उपन्यास की पूरी कथा ,उसके इर्द - गिर्द घूमती है .उसके आत्म विश्वास से वह जीवन में नया रास्ता बनाती है .अतः उपन्यास का शीर्षक सार्थक व उचित है .उपन्यास की कथा को अभिव्यक्त करने में सक्षम है .

नया रास्ता उपन्यास की भाषा - शैली -  

नया रास्ता उपन्यास घटना प्रधान वर्णात्मक उपन्यास है .इसमें उपन्यासकार ने कहानी का वर्णन किया है .उपन्यास का उद्देश्य एक पढ़ी - लिखी युवती मीनू के जीवन संघर्ष को दर्शाते हुए ,आत्म - निर्भर बंनने की कहानी है .उपन्यास की भाषा सरल और खड़ीबोली हिंदी हैं ,जिसमें कहीं - कहीं अंग्रेजी मिश्रित भाषा का प्रयोग किया गया है ,जो की आम मध्यमवर्गीय परिवारों में बोली जाती है .इस प्रकार उपन्यास नया रास्ता मीनू जैसी आत्म - निर्भर ,युवती की कहानी ,जो की कठिन परिस्थितियों से हारती नहीं ,बल्कि अपनी नवचेतना और जागृति के कारण अन्य युवतियो के आदर्श बनती है .


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