0
Advertisement

मेरा प्रिय व्यक्ति
Essay on mera priya vyakti in hindi


मेरा प्रिय व्यक्ति mera priya vyakti मेरा प्रिय व्यक्ति इन हिंदी मेरा आदर्श व्यक्ति Essay on mera priya vyakti in hindi topic on mera priya vyakti in hindi essay on mera adarsh vyakti in hindi mere jeevan ka adarsh vyakti essay on mera adarsh vyaktitva in hindi मेरा आदर्श व्यक्तित्व मेरे आदर्श निबंध मेरे आदर्श मेरे पिता मेरे जीवन का आदर्श पर निबंध - जिस व्यक्ति को मैं सबसे अधिक पसंद करता हूँ वे हैं मेरे हिंदी के शिक्षक .मैं जितने भी लोगों से मिला हूँ ,उसमें वे मुझे सबसे अधिक सम्मानित एवं
मेरा प्रिय व्यक्ति
मेरा प्रिय व्यक्ति
प्रतिष्ठित व्यक्ति लगे .मैं उन्हें तीन वर्षों से जानता हूँ यानी उस समय से जब से मैं हिंदी के मागदर्शन के लिए उन्हें यहाँ जाना शुरू किया है .वे एक विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं .उन्होंने अपना समूचा जीवन हिंदी विषय पढ़ाने में बिताया .अपने शैक्षणिक जीवन के अंतिम वर्षों में वे विद्यालय के प्रधानाचार्य बनाए गए थे .वे हमेशा बेदाग़ धोती कुरता पहनते हैं ,उनकी आखों में चस्मा रहता है .उनके चेहरे पर शांत भाव होते हैं ,जिससे वे सहृदयता की प्रतिमूर्ति से जान पड़ते हैं .

हिंदी भाषा व साहित्य के विशेषज्ञ - 

गुरुजी ,  हिंदी भाषा व साहित्य के विशेषज्ञ हैं .वे हिंदी व्याकरण व साहित्य के किसी भी प्रश्न को आसानी से हल कर डेट हैं और उसे एकदम आसान और सहज बना देते हैं .वे एक कवि भी हैं और कवि सम्मेलनों में भाग लेते हैं .उनके कविता व साहित्य में अनेकों पुरस्कार भी प्राप्त किये हैं ,जिसके कारण वे हमारे विद्यालय के गौरव हैं .

सहृदय व्यक्ति - 

हिंदी मेरा प्रिय विषय हैं और मुझे इसमें हमेशा ही अच्छे अंक मिलते हैं .गुरु जी एकदम दयालु व्यक्ति हैं और मैंने उन्हें कभी भी क्रोध की स्थिति में नहीं देखा है .उनमें असीम धैर्य है और वे लगातार उत्साहित करते रहते हैं जिससे मैं सभी प्रश्न हल कर लेता हूँ . 

मित्र और पिता के समान - 

हम जब भी उनके पास जाते हैं वे बड़े गर्मजोशी से हमारा स्वागत करते हैं .वे अपने सभी छात्रों से बड़ी सौजन्यता से पेश आते हैं और हम सबका हालचाल और स्वास्थ्य आदि के बारे में पूछना कभी नहीं भूलते हैं .हम जब भी स्कूल में बढ़िया प्रदर्शन करते हैं तो अत्यंत प्रसन्न होते हैं .मुझे उनका उनकी जो विशेषता सबसे ज्यादा अच्छी लगती है वह है उनकी सहज विनोद - वृत्ति यानी Sense of humor  वे अपने चेहरे को गंभीर बनाये रखकर ऐसे जोरदार चुटकुले सुनाते हैं किसुनने वाले हँसते - हँसते लोटपोट हो जाते हैं .यद्यपि वे काफी बड़ी उम्र के हैं और बुजुगों की श्रेणी में रखे जा सकते हैं किन्तु मन और दिल से वे एकदम युवा है .वे अपने सभी छात्रों को अच्छी तरह तरह से समझाने हैं और उनके लिए मित्र और पिता के समान हैं वे एक बुद्धिमान व्यक्ति हैं जिन्होंने जीवन में अनेकों उतार चढ़ाव देखे हैं किन्तु इसके बावजूद वे इस संसार को और इनके लोगों से प्यार करते हैं . 


एक टिप्पणी भेजें

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top