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विद्यालय वार्षिकोत्सव के विषय में मित्र को पत्र
Letter to friend telling to friend about annual function in hindi



१२५,विकासनगर,
लखनऊ - ७५ 
दिनांकः २०/०५/२०१८ 

प्रिय राजेश ,
कैसे हो तुम ? तुम्हारा पत्र मुझे कल मिला .पत्र पढ़कर तुम्हारे कुशल समाचार से अवगत हुआ . मैं बड़ी व्यस्तता में पत्र लिख रहा हूँ .क्योंकि मैं विद्यालय के वार्षिकोत्सव annual function के आयोजन में अत्यंत व्यस्त था .अपने पत्र के माध्यम से मैं विद्यालय में संपन्न हुए annual function वार्षिकोत्सव का संक्षिप्त विवरण दे रहा हूँ . 
मेरे विद्यालय में प्रतिवर्ष अप्रैल मास में वार्षिकोत्सव annual function मनाया जाता है .इस वर्ष हमारे विद्यालय में यह उत्सव २४ जनवरी को संपन्न हुआ .समारोह की तैय्यारियाँ लगभग १ सप्ताह पूर्व से प्रारंभ हो गयी थी .मेरे ऊपर प्रधानाचार्य जी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम cultural programmes का भार डाल रखा था .प्रदेश के शिक्षा मंत्री को मुख्य अतिथि तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के उपकुलपति को अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया गया था .समरोह के दिन विद्यालय के प्रांगण को रंग विरंगे तम्बुओं और फूल मालाओं से सुसज्जित किया गया था .मंच की शोभा तो देखते ही बनती थी .
समारोह का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के प्रति स्वागत गान से हुआ .इस अवसर पर विद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया .अतिथि महोदय ने मेधावी छात्रों ,सर्वोत्तम खिलाडीयों तथा अनुशासित छात्रों को पुरस्कृत किया गया .
रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम cultural programmes  का आयोजन हुआ .विद्यालय के छात्रों ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया .लोक नृत्य की दर्शकों ने अतीव सराहना की .मुख्य अतिथि तथा अध्यक्ष महोदय ने भी भूरी - भूरी इनकी सराहना की .रात्रि में "दीपदान" नामक एकांकी को सफलता के साथ प्रस्तुत किया गया .यह नाटक विषय और प्रस्तुतिकरण दोनों ही दृष्टियों से सराहनीय रहा . 
कार्यक्रम ने अंत में मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम की प्रसंशा की नहीं की बल्कि विद्यालय की बहुमुखी प्रतिभा से प्रभावित होकर १ लाख रुपये की धनराशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की . 
मित्र , इस वर्ष मैं गर्मी की छुट्टीयों में शिमला में ही व्यतीत करूँगा .आशा है कि समय निकालकर तुम मेरे साथ शिमला साथ चलोगे .चाचाजी और चाचीजी को मेरा प्रणाम कहना और बहन प्रज्ञा को स्नेह - आशीर्वाद . 

तुम्हारा मित्र 
रजनीश कुमार


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