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सबसे अच्छा कौन ?


राजा कृष्ण चंद्र दरबार में पधारे .सभासद भी उपस्थित थे .इसी समय राजा के मन में पाँच प्रश्न आये ,जिनको उन्होंने सभी सभासदों से पूछा .उस समय गोपाल भांड किसी काम से कहीं बाहर गए हुए थे . राजा ने पूछा - 

  1. फूल कौन सा अच्छा ?
  2. दूध किसका अच्छा ?
  3. मिठास किसकी अच्छी ?
  4. पत्ता किसका अच्छा ?
  5. राजा कौन अच्छा ?
दरबार
दरबार
राजा के प्रश्नों को सुनकर सभासदों में मतभेद पैदा हो गया .किसी ने गुलाब का तो किसी ने कमल का इसी तरह फूल - फलों का नाम गिनाकर अच्छा बताते गए .
इसी तरह दूध के लिए भी हुआ .किसी ने गाय का दूध तो किसी ने भैस व बकरी आदि के दूध को श्रेष्ठ बताया .मिठास तो किसी ने गन्ने को ,किसी ने अन्य मिठाईयां को बताया .
पत्ते में किसी ने केले का तो किसी ने नीम आदि के पत्ते को गुणकारी बताकर अपनी योग्यता का परिचय दिया .
राजा कौन अच्छा है किसी एक चापलूस सभासद ने कहा - राजा कृष्णचन्द्र अच्छे .बस फिर क्या था ? उसका सभी ने एक स्वर में समर्थन किया .राजा को इन लोगों की स्वामी भक्ति पर प्रसन्नता तो जरुर हुई किन्तु अपने प्रश्नों का यथोचित उत्तर नहीं पाने से संतोष नहीं हुआ था .वे गोपाल के प्रतीक्षा में थे क्योंकि वे जानते थे कि उनके प्रश्नों का सही उत्तर दे सकने में गोपाल ही समर्थ हो सकेगा .
राजा यह विचार कर ही रहे थे कि गोपाल का पहुँचा और राजा की बगल में अपने स्थान पर अदब से बैठ गया .राजा तो यही चाहते थे .उन्होंने गोपाल को संबोधित कर पाँच प्रश्न पूछ डाले .गोपाल ने क्रमशः जो उत्तर दिए थे वे इस प्रकार हैं - 
  1. फूल कपास का अच्छा होता है ,जिससे सारी दुनियाँ का पर्दा रहता है क्योंकि उसी फूल से कपड़े बनते हैं . 
  2. दूध अपनी माँ का सबसे अच्छा होता है .क्योंकि इसी से हर प्राणी के शरीर की वृद्धि होती है . 
  3. मिठास जिह्वा की होती है . 
  4. पत्ता पान का अच्छा होता है .नौकर को या किसी और को भी उसका बीड़ा दिया जाएगा तो वह अपनी प्रतिज्ञा का जरुर ख्याल रखेगा . 
  5. राजाओं में इंद्र सर्वश्रेष्ठ हैं क्योंकि इन्ही की आज्ञा से पानी बरसता है ,जिससे संसार में कृषि कर्म होता है और दुनियाँ को धन - धान्य व शाकादी मिलता है ,जिससे तमाम प्राणियों का पालन - पोषण होता है . 

राजा कृष्ण चंद्र और उसके दरबारी ,गोपाल भांड के सटीक उत्तरों को सुनकर बड़े प्रसन्न हुए . 



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