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खाली बैठे हों तो कैसे करें टाइमपास


समय बिताना कई बार एक बड़ी समस्या हो जाती है । आप सही समय पर रेलवे स्टेशन में पहुंच चुके हैं लेकिन ट्रेन दो घंटे लेट है । हवाई अड्डे में चेक इन कर चुके हैं लेकिन आपको पता चला कि हवाई जहाज चार घंटे लेट है
टाइमपास
टाइमपास
। हवाई अड्डे में चेक इन कर चुके हैं । आपको पता चला कि हवाई जहाज चार घंटे बाद आएगी । आफिस में अपॉइंटमेंट लिया है । आप बाहर इंतजार कर रहे हैं लेकिन वह आपको अंदर बुला नहीं रहे । कईं घंटों से प्रतीक्षा कर रहे हैं । आपने चपरासी से भी पूछा है । उसने कहा, इंतजार  कीजिए दो-तीन घंंटे । वह बड़े अधिकारी हैं उनका काम कम है क्या ! उनका जब वक्त होगा वह आपको बुलाएंगे । प्रेमिका ने कहा था कि चार बजे पार्क आएगी । जो प्रेमिकाएं सही वक्त पर आतीं हैं वह साधारण प्रेमिकाएं हैं । एक्सट्रा आर्डिनेरी प्रेमिकाएं हमेशा देरी से ही आती हैं । प्रेमी उनके इंतजार में रहते हैं ।
समय काटना  एक बड़ी समस्या है । कभी-कभी लगता है कि समय पत्थर बनकर सिर पर बोझ बन रहा है । घड़ी रुकी पड़ी  है । इस समय समय कैसे कटाएं , उसके लिए दस टिप्स ।
1. किताब पढ़िए । आजकल के व्यस्त जीवन में किताब पढ़ने का समय कितने लोगों के पास होता है !  किताब पढ़िए, पढ़ना नहीं आता हो या पढ़ने का मन न हो तो पढ़ने का नाटक कीजिए । लोग आपको सज्जन समझेंगे । आपकी छवि बेहतर होगी । अभी भी साधारण लोग किताबों में डूबे रहने वाले लोगों को अच्छी नजरों से देखते हैं । 
2. अपना कलम चलाइए । कुछ लीखिए अथवा लिखने का नाटक कीजिए । उद्देश्य एक ही है ।
3. अगर आप एेसी जगह पर बैठ कर प्रतीक्षा कर रहे हैं, जहां पंखा लगा हो तो पंखे के ब्लेड को देखते रहें । गरदन दुखने लगे तो नीचे चल रही चींटियों को देखें। फिर से पंखे की ब्लेड को देखें । एक बार ब्लेड-एक बार चींटी, फिर ब्लेड फिर चींटी, ब्लेड-चींटी, ब्लेड-चींटी इससे बड़ा टाइमपास और क्या हो सकता है ?
4. अपरिचित लोगों के साथ एेसी बातचीत करें जैसे आप उन्हें सदियों से जानते हों। अपनी बहुत प्रशंसा करें । आप कहें कि आप बहुत ही महान हैं । यह मूर्ख समाज आपकी प्रतिभा को पहचान नहीं पा रहा । अपना ढोल खुद बजाने का इससे बड़ा मौका आपको नहीं मिलेगा ।
5- अपनी पत्नी/सास/ससुर तथा घरवालों की खुब निंदा करें । याद रखें, अपरिचित लोगों के सामने हीं यह आप कर पाएंगे । कहीं और यह करने पर बहुत खतरा है । 
6. पास में अखबार हो तो उसे पांच बार पढ़ें । पुराना अखबार हो तब भी चलेगा । अखबार तो अखबार होता है । इसमें भी नयापुराना क्या ! खबर तो एक ही है । हत्या, दुर्घटनास, लूट, डकैती । चेहरे भले ही बदल जाते हों लेकिन विषय तो समान ही है ।
7. अखबारों में छपे वैवाहिक विज्ञापनों को ध्यान लगाकर पढ़ें । वैवाहिक विज्ञापन एक समाज का आइना है । समाज क्या चाहता है-इसमें से ही पता चलता है । आप देखेंग ज्यादातर लकड़ों को गोरी लड़कियों की तलाश होती है । इसीलिए काली लड़कियां गोरा बना देने वाली क्रीम नहीं लगाएंगी तो और करेंगी क्या ? दूसरी ओर हर लड़की को सरकारी अफसर से शादी करनी है- इससे आप समझ सकते होंगे कि सरकारी नौकरी की इतनी डिमांड क्यों है ! आप अगर गौर करें तो समझ आएगा कि लोग दहेज के बारे में सीधे-सीधे बात नहीं करते । न लड़की वाले न लड़के वाले । लेकिन पक्का इशारा  किया जाता है । फेमिली स्टेटस, लड़के का बाप सरकारी अधिकारी है...आदि बातों का यह मतलब है कि हमारा स्टेटस देखो और उसी हिसाब से लेनदेन की बात करो । 
8. सुडोकु अथवा शब्द पहेली (क्रॉसवर्ड  पजल ) खेल सकते हैं। पाकिट में एक रूबिक्स क्यूब लेकर घूमें । उसे खेलते-खेलते समय का पहिया इस तरह से घूमेगा आपको पता ही नहीं चलेगा । 
9. धूप के बदलते रंगों को देख कर टाइमपास कर सकते गैं । सुबह की धूप का रंग और दोपहर की धूप का रंग पूरी तरह से अलग होता है । कुदरत की यह छोटी-छोटी खूबसूरती को देखने का मौका आपको नहीं मिलता होगा । 
10. थोड़ी सी झपकी ले सकते हैं । कुर्सी में बैठे-बैठे सोने का अभ्यास करें । यह कैसे किया जाता है यह बात वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से जान सकतें हैं । वह एेसा करने में धूरंधर हैं .

- मृणाल चटर्जी
अनुवाद- इतिश्री सिंह राठौर



मृणाल चटर्जी ओडिशा के जानेमाने लेखक और प्रसिद्ध व्यंग्यकार हैं । मृणाल ने अपने स्तम्भ 'जगते थिबा जेते दिन' ( संसार में रहने तक) से ओड़िया व्यंग्य लेखन क्षेत्र को एक मोड़ दिया ।   इनका उपन्यास 'यमराज नम्बर 5003' का अंग्रेजी अनुवाद हाल ही में प्रकाशित हुआ है । इसका प्रकाशन पहले ओडिया फिर असमिया में हुआ । उपन्यास की लोकप्रियता को देखते हुए अंग्रेजी में इसका अनुवाद हुआ है। 

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