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रामनवमी 2018

रामनवमी 2018 में २५ मार्च २०१८ रविवार  को पड़ रही है।रामनवमी का त्यौहार चैत्र शुक्ल की नवमी मनाया जाता है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी के  दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था।राम नवमी के  दिन को सभी हिन्दू परिवारों में मनाया जाता है।अयोध्या के बड़े-बड़े मदिरों जैसे कनक भवन ,दसरथ मंदिर,हनुमान गढ़ी,राम जानकी मंदिर ,कालेराम मंदिर आदि में  रामलला के जन्मदिन का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन पवित्र नदियों जिनमें सरयू प्रमुख है  में स्नान का भी बहुत लाभ होता है।लाखो श्रद्धालु इस अवसर पर अयोध्या स्नान व मंदिर दर्शन करने आते हैं.भगवान रामचन्द्रजी का जन्मोत्सव रामनवमी हर साल चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।

इस वर्ष 2018 राम नवमी का शुभ मुहूर्त - 11:14 बजे से 13:40 तक का है। 

श्री रामचरितमानस के बालकाण्ड में गोस्वामी तुलसीदास जी ने भगवान राम के जन्म का बड़ा की मनोहारी वर्णन किया है -


भये प्रगट कृपाला दीनदयाला

भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥१॥

लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।
भूषन बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी॥२॥
भये प्रगट कृपाला
कौशल्या माता श्रीराम के साथ 

कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता।
माया गुन ग्यानातीत अमाना बेद पुरान भनंता॥३॥

करुना सुखसागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता।
सो मम हित लागी जन अनुरागी भयउ प्रगट श्रीकंता॥४॥

ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै।
मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै॥५॥

उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै।
कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै॥६॥

माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा।
कीजै सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा॥७॥

सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होइ बालक सुरभूपा।
यह चरित जे गावहिं हरिपद पावहिं ते न परहिं भवकूपा॥८॥

विडियो के रूप में देखें - 




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  1. गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्री रामचरितमानस के बालकाण्ड में मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम का बहुत ही सुंदर वर्णन किया.

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