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धूप से बचने के उपाय...

इस मार्च में भी जितनी गर्मी हो रही है बर्दाश्त  के लायक नहीं । इस समय गर्मी कम करने के लिए कुछ  इनोवेटिव आइडिया दे रहा हूं , फ्री में । इसे मानना न मानना आपकी मर्जी है । 
- उत्तर में कुल्लू व शिमला, दक्षिण में ऊटी, पूर्व में दार्जिलिंग अथवा शिलांग । आप अगर धार्मिक व्यक्ति हैं तो केदारनाथ, बद्रीनाथ जा सकते हैं । वहां ठंड तो रहेगी ही साथ में पूण्य भी कमा लेंगे । टू इन वन । एक गोली में  दो शिकार ।
अगर आप मन्त्री अथवा नौकरशाह हैं तो सरकारी काम का बहाना बनाकर सरकारी खर्च पर स्विट्जरलैंड  जा
मृणाल चटर्जी
सकते हैं । इस दौरान अपने इलाके में गरीबी कैसे कम होगा उसपर स्वीडन में एक सम्मेलन का आयोजन कर सकते हैं । अपने देश के गायों और यूरोपीय देश के गायों में क्या फर्क है यह स्टड़ी करने के लिए भी आप यूरोप भ्रमण में जा सकते हैं ।  एेसे और भी तरीके हैं , जिनके बारे में जानने के लिए आप अकेले में मुझसे संपर्क कर सकते हैं ।
- आफिस मत जाइए । घर में ही रहिए । घर में रहने से आंशुघात नहीं होगा । सरकार का उद्देश्य पूरा कीजिए ।
अगर गैरसरकारी आफिस में काम करते हों तो नये-नये बहाने बनाकर छुट्टी ले जाइए । अगर आप बहाना बनाना नहीं जानते तो अकेले में मुझसे संपर्क करें, मैं बहाने बनाने के सैकड़ों तरीके बता दूंगा । इस क्षेत्र में मैं बहुत ही अनुभवी हूं ।
अगर आपके आफिस में एसी लगा है और घर में एसी नहीं तो आफिस जाइए । रविवार को भी । घर में पत्नी से कहिए कि आपको बहुत काम करना है । आफिस में लेकिन बिलकुल भी काम मत कीजिए । क्योंकि काम करने से गर्मी लगती है । आप एसी के पास ही बैठिए । दिखावे के लिए मोटी सी फाइल खोलकर सामने रख दीजिए । उसे बिलकुल भी मत पढ़िए । फाइल पढ़ने से दिमाग गर्म होगा । हो सके तो फाइल के अदंर एक पत्रिका छिपाकर उसे पढ़िए । 
-एक एयर कंडीशनर खरीद लीजिए । पैसे न हों, तो बैंक से लोन ले लीजिए । वैसे ही आजकल बैंक से लोन लेना आसान है । उन्हें आपकी सेवा करने का मौका दीजिए । बिजली के बिल की चिंता मत कीजिए । चिंता करने से टेंशन  बढ़ता है । यह जिंदगी ज्यादा दिनों की नहीं ! अब आराम नहीं करेंगे तो कब करेंगे ? पैसे क्या स्वर्ग लेकर जाएंगे ? बिंदास खर्च कीजिए । फिर भी अगर खर्च के बारे में सुनकर टेंशन में हैं तो प्राणायम कीजिए । रामदेव बाबा सुबह-शाम टीवी पर यही सिखा रहे हैं । अगर उसे भी टीवी पर नहीं देख पा रहें तो चिंता मत कीजिए । आजकल उसी तरह बाबाओं की कमी नहीं । सभी आपको टेंशन फ्री बनाना चाहते हैं । कोई परेशानी नहीं ।
- जिनके घर में एसी नहीं वह पंखा लगा कर आराम करें और बिजली न होने पर पंखे को देखते-देखते सो जाएं । एसी कार में घूमें । एसी कार न होने पर उसकी फोटो देख लें, दिल को ठंडक पंहुचेगी । 
- घर में लुंगी पहनें । इससे हवा की सप्लाई होती रहेगी और ठंडक भी बनी रहेगी । 
- इस दौरान राजनीति के संबंध में बिलकुल भी चर्चा न कीजिए । क्योंकि इससे आपका दिमाग गर्म होगा । 
- किसी बड़े होटल के लाबी में जाकर बैठ जाइए । आपका ठाठ एेसा हो कि कोई देखे तो उसे लगे कि आप किसी वीआईपी का इंतेजार कर रहे हैं । बिलकुल भी चिंता मत कीजिए शरीर ठंडा होने तक आराम से बैठे रहिए । वहां बैठने वाले ज्यादातर लोग उसी किसम के हैं । 
- पुरी समंदर के कीनारे गोलगप्पे खाइए । इससे आपकी गर्मी नहीं जाएगी लेकिन पेट जरूर खराब होगा । पेट में गड़बड़ी होने से आप ज्यादा समय संडास में बिताएंगे और पानी के साथ आपका कारोबार चलता रहेगा । आपको कम गर्मी लगेगी ।
- अच्छी-अच्छी बातें सोचिए । पाजिटिव थिंकिग । बारिश के बारे में सोचिए । अच्छे-अच्छे लेख पढ़िए । जैसा कि मेरा यह स्तम्भ । गर्मी कम लगेगी ।

मृणाल चटर्जी ओडिशा के जानेमाने लेखक और प्रसिद्ध व्यंग्यकार हैं। मृणाल ने अपने स्तम्भ 'जगते थिबा जेते दिन' ( संसार में रहने तक) से ओड़िया व्यंग्य लेखन क्षेत्र को एक मोड़ दिया।इनका उपन्यास 'यमराज नम्बर 5003' का अंग्रेजी अनुवाद हाल ही में प्रकाशित हुआ है । इसका प्रकाशन पहले ओडिया फिर असमिया में हुआ । उपन्यास की लोकप्रियता को देखते हुए अंग्रेजी में इसका अनुवाद हुआ है ।

- मृणाल चटर्जी
ओड़िया से अनुवाद -इतिश्री सिंह राठौर

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