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UP PCS J Syllabus 2018
उत्तर प्रदेश सिविल जज एग्जाम सिलेबस
SYLLABUS OF UTTAR PRADESH CIVIL JUDGE EXAM


UP PCS J Syllabus UP Civil Judge Syllabus 2018 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सिविल जज परीक्षा पाठ्यक्रम यह परीक्षा निम्नानुसार तीन चरणों में संपन्न होगी -

क. प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ )
ख. मुख्य परीक्षा (लिखित )
ग. साक्षात्कार


प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम

१. प्रारंभिक परीक्षा
इसमें दो प्रश्न - पत्र होंगे।
इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार का प्रश्न पत्र  होगा जिसमें १५० प्रश्न पूछे जाएंगे ,जो कुल १५० अंकों का होगा। इस प्रश्नपत्र की अवधि  दो घंटे होगी।प्रत्येक प्रश्न के चार वैकल्पिक उत्तर होंगे।जिसमें से एक ही सही उत्तर का चयन करना होगा।विस्तृत पाठ्यक्रम निम्नानुसार है :-

१. भारत का इतिहास और भारतीय संस्कृति
२. भारत का भूगोल।
३. भारतीय राजनीति
४. वर्त्तमान राष्ट्रीय मामले और सामाजिक सुसंगति के विषय
५. भारत और विश्व
६. भारतीय अर्थशात्र
७. अंतर्राष्ट्रीय मामले और संस्थाएँ  और
८. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में विकास पर आधारित प्रश्न सम्मलित होंगे सकते हैं।


२. द्वितीय प्रश्न पत्र - विधि

इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार का प्रश्न पत्र होगा जिसमें १२० प्रश्न पूछे जाएँगे ,जो कुल ३०० अंकों का होगा।इस प्रश्न पत्र की अवधि दो घण्टे होगी।
इस प्रश्न पत्र में भारत में तथा विश्व में विशेष रूप से विधिक क्षेत्र में हो रही प्रतिदिन की घटनाएँ ,अधिनियम एवं विधियों पर आधारित प्रश्न सम्मिलित हो सकते हैं :

क. विधिशास्त्र
ख. अन्तर्राष्ट्रीय संगठन
ग. वर्त्तमान अन्तर्राष्ट्रीय प्रकरण
घ. भारतीय संविधान
ड़.  संपत्ति अंतरण अधिनियम
च. भारतीय साक्ष्य अधिनियम
छ. भारतीय दंड संहिता
ज. सिविल प्रक्रिया संहिता
झ. आपराधिक प्रक्रिया संहिता
ञ. संविदा अधिनियम


मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा ) का पाठ्यक्रम

इस परीक्षा में पाँच प्रश्न पात्र होंगे।
प्रश्न पत्र संख्या - १.
सामान्य ज्ञान

यह प्रश्न पत्र २०० अंकों का होगा।इस प्रश्न पत्र में
१.  इतिहास और भारत संस्कृति
२. भारत का भूगोल
३. भारतीय राजनीति
४. वर्तमान राष्ट्रीय मामले और सामाजिक सुसंगति के विषय
५. भारत और विश्व
६. भारतीय अर्थशास्त्र
७. अन्तराष्र्टीय मामले और संस्थाएँ
८. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  एवं दूर संसार ,अंतरिक्ष के क्षेत्र में विकास पर आधारित प्रश्न सम्मलित हो सकते हैं।

इस प्रश्न पत्र में प्रश्नों की प्रकृति और स्तर ऐसा होगा कि एक सुशिक्षित व्यक्ति बिना किसी विशिष्ट अध्ययन के उनेक उत्तर दे सकने में सक्षम होगा.


प्रश्न पत्र संख्या - २

भाषा

यह प्रश्न पत्र २०० अंकों का होगा।  इसमें नीचे विनिदिष्ट प्रकार के चार प्रश्न समाविष्ट होंगे-
१. अंग्रेजी में लिखित एक निबंध - ६० अंक
२. अंग्रेजी में सारलेख - ६० अंक
३. हिंदी से अंग्रेजी में परिक्षेद का अनुवाद - ४० अंक
४. अंग्रेजी से हिंदी में परिच्छेद का अनुवाद - ४० अंक

प्रश्न पत्र संख्या - ३


विधि - १ (मौलिक विधि )

यह प्रश्न पत्र २०० अंको का होगा। दिए गए प्रश्न निम्नलिखित द्वारा आच्छादित क्षेत्र तक ही सिमित होंगे :-
१. संविदा विधि
२. साझेदारी विधि
३. सुखाधिकार और अपकृत्यों सम्बन्धी विधि
४. संपत्ति के अंतरण से सम्बंधित विधि जिसमें विशेषकर उस पर लागू साम्य के सिद्धांत सम्मिलित होंगे।
५. न्याय एवं विनिर्दिष्ट अनुतोष का विधि के विशेष सन्दर्भ में साम्या के सिद्धांत
६. हिन्दू विधि
७. मुस्लिम विधि
८. संवैधानिक विधि

५० अंकों के प्रश्न केवल संवैधानिक विधि के सम्बन्ध में होंगे।


प्रश्न पत्र संख्या - ४


विधि - २ (प्रक्रिया एवं साक्ष्य )

यह प्रश्न - पत्र २०० अंकों का होगा।  दिए गए प्रश्न निम्नलिखित द्वारा आच्छादित क्षेत्र तक ही सिमित होंगे :-
१. साक्ष्य विधि
२. दंड प्रक्रिया संहिता
३. सिविल प्रक्रिया संहिता (अभिवचन के सिद्धांतों को सम्मिलित करते हुए )

दिए गए प्रश्न मुख्यता व्वहारिक मामलों से सम्बंधित होंगे ,जैसे कि सामान्य : आरोपों और वाद बिंदुओं की विरचना।गवाहों की साथ व्यवार की विधियाँ ,निर्णयों का लेखन और वादों का संचालन ,किन्तु उन्ही तक सिमित नहीं होंगे।


प्रश्न पत्र संख्या - ५


विधि - ३ (दाण्डिक - राजस्व और स्थानीय विधियाँ )

यह प्रश्न पत्र २०० अंकों का होगा।  दिए गए प्रश्न निम्नलिखित द्वारा आच्छादित क्षेत्र तक ही सिमित होंगे :-
१. भारतीय दंड संहिता
२. उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि व्यवस्था ,१९५१
३. उत्तर प्रदेश शहरी भवन (किराये पर देने , किराये तथा बेदखली का विनियमन ) अधियम ,१९७२
४. उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम
५. उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम १९५३
६. उत्तर प्रदेश नगर (योजना और विकास )अधिनियम ,१९७३

उक्त अधिनियमों  के अधीन बनाये गए नियमों के साथ।
नोट - १. स्थानीय विधियों के प्रश्नों के उत्तर अनिवार्य होंगे।
२. दाण्डिक विधियों से सम्बंधित प्रश्न ५० अनिवार्य होंगे जबकि राजवस्व और स्थानीय विधियों के प्रश्न १५० अंकों के होंगे।

नोट : अभ्यर्थी के लिए सामान्य ज्ञान और विधि प्रश्न पत्रों के उत्तर हिंदी या अंग्रेजी में देने का विकल्प होगा।


साक्षात्कार

साक्षात्कार  १०० अंकों का होगा।
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में नियोजन के लिए अब्यर्थी को उपयुक्तता का परीक्षण ,उसकी क्षमता ,चरित्र ,व्यक्तिव और प्रतिभा  पर सम्यक ध्यान देते हुए उसकी श्रेष्ठ के सदर्भ में किया जाएगा।
टिपण्णी -
१. साक्षात्कार में प्राप्त किये गए अंकों को लिखित प्रश्न पत्रों में प्राप्त किये गए अंकों में जोड़ा जाएगा और अभ्यर्थी का स्थान दोनों के कुल योग पर निर्भर करेगा।
२. आयोग किसी अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाने से इंकार करने का अधिकार सुरक्षित रखेगा ,जिसका विधि प्रश्न पत्रों में इतने अंक प्राप्त किये हों ,जो उसके द्वारा ऐसे इंकार को न्यायोचित ठहराए।
३. साक्षात्कार में प्राप्त अंकों को लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों से जोड़ा जाएगा एवं अभ्यर्थी का स्थान दोनों के कुल योग पर निर्भर होगा।




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