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दहेज प्रथा को रोकने के उपाय के लिए पत्र 

Write a letter to the Editor for expressing your views on the evils of the dowry system. 



सेवा में ,
संपादक महोदय ,
दैनिक आज  ,
उदयपुर।

विषय - दहेज प्रथा को रोकने के उपाय के लिए पत्र।  


महोदय ,
आपके लोकप्रिय दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान दहेज़ प्रथा के उन्ळुलन के सम्बन्ध में आकृष्ट  करना चाहता हूँ।
भारत यदि किसी बात पर दुनिया के समक्ष गर्व कर सकता है तो वह है उसकी संस्कृति। विश्व में अन्य देशों के निवासी भारतीय संस्कृति को महान मानते हैं. भारतीय संस्कृति में हमेशा से महिलाओं को सम्मानजनक स्थान प्राप्त था।प्राचीन युग में भी महिलाओं को देवी का दर्जा प्राप्त था।किन्तु दहेज़ प्रथा के बदलते स्वरुप ने आज समाज के सम्मुख विकराल प्रश्न पैदा कर दिया है।  आज दहेज़ एक सामाजिक अनिवार्यता  बन चुका है।  आज यह प्रथा नारी के आश्वुत्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है।  विगत कुछ बर्षों से समाचार पत्रों में आये दिन या समाचार पढ़ने को मिलता है कि कहीं न कहीं दहेज़ के लिए नव विवाहिता को जलाया जा रहा है या उत्पीड़ित किया जा रहा है। सरकार ने दहेज़ प्रथा को रोकने के लिए दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम ,१९६१ जैसे कठोर क़ानून भी बनाये गए है किन्तु यह कानून भी दहेज़ प्रथा को पूर्ण रूप से रोकने में विफल रहा है।
वास्तव में किसी बुराई को रोकने के लिए केवल कानून ही प्रयाप्त  जब तक कि उसका कड़ाई से पालन न किया जाय।  मैं अधिकारियों का ध्यान इस पत्र के माध्यम से दहेज़ प्रथा की बुराई को रोकने को आकृष्ट करना चाहता हूँ।  अधिकारियों को दहेज़ प्रथा को रोकने के लिए कठोर कदम उठाना चाहिए तथा दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम, १९६१ जैसे क़ानूनों को कड़ाई से पालन करना चाहिए जिससे समाज में इस बुराई को जड़ से ख़त्म करने में बल प्राप्त हो सके।
कृपया इस पत्र को अपने लोकप्रिय समाचार पत्र में प्रकाशित कर कृतार्थ करें।

सधन्यवाद

भवदीय
रजनीश सिंह
उदयपुर
दिनांक - ०२/१२/२०१७

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