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गुरु पर दोहे

(गुरुपूर्णिमा पर विशेष)

गुरु अमृत है जगत में ,बांकी सब विषबेल
सतगुरु संत अनंत हैं ,प्रभु से करदें मेल।

गीली मिट्टी अनगढ़ी ,हम को गुरुवर जान।
ज्ञान प्रकाशित कीजिये ,आप समर्थ बलवान।

गुरु बिन ज्ञान न होत है ,गुरु बिन दिशा अजान।
गुरु बिन इन्द्रिय न सधें ,गुरु बिन बढे न शान।

गुरु मन में बैठत सदा ,गुरु है भ्रम का काल।
गुरु अवगुण को मेटता,मिटें सभी भ्रम जाल।

शिष्य वही जो सीख ले ,गुरु का ज्ञान अगाध।
भक्ति भाव मन में रखे ,चलता चले अबाध।

गुरु ग्रंथन का सार है ,गुरु है प्रभु का नाम।
गुरु अध्यात्म की ज्योति है ,गुरु हैं चरों धाम।

अन्धकार से खींच कर मन में भरे प्रकाश।
ज्यों मैली चुनरी धुले ,सोहत तन के पास।

गुरु की कृपा हो शिष्य पर ,पूरन हों सब काम
गुरु की सेवा करत ही ,मिले ब्रम्ह का धाम।

गुरु अनंत तक जानिए ,गुरु की ओर न छोर।
गुरु प्रकाश का पुंज है ,निशा बाद का भोर।


यह रचना सुशील कुमार शर्मा जी द्वारा लिखी गयी है . आप व्यवहारिक भूगर्भ शास्त्र और अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक हैं। इसके साथ ही आपने बी.एड. की उपाध‍ि भी प्राप्त की है। आप वर्तमान में शासकीय आदर्श उच्च माध्य विद्यालय, गाडरवारा, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत हैं। आप एक उत्कृष्ट शिक्षा शास्त्री के आलावा सामाजिक एवं वैज्ञानिक मुद्दों पर चिंतन करने वाले लेखक के रूप में जाने जाते हैं| अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में शिक्षा से सम्बंधित आलेख प्रकाशित होते रहे हैं | अापकी रचनाएं समय-समय पर देशबंधु पत्र ,साईंटिफिक वर्ल्ड ,हिंदी वर्ल्ड, साहित्य शिल्पी ,रचना कार ,काव्यसागर, स्वर्गविभा एवं अन्य  वेबसाइटो पर एवं विभ‍िन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाश‍ित हो चुकी हैं।आपको विभिन्न सम्मानों से पुरुष्कृत किया जा चुका है जिनमे प्रमुख हैं :-
 1.विपिन जोशी रास्ट्रीय शिक्षक सम्मान "द्रोणाचार्य "सम्मान  2012
 2.उर्स कमेटी गाडरवारा द्वारा सद्भावना सम्मान 2007
 3.कुष्ट रोग उन्मूलन के लिए नरसिंहपुर जिला द्वारा सम्मान 2002
 4.नशामुक्ति अभियान के लिए सम्मानित 2009
इसके आलावा आप पर्यावरण ,विज्ञान, शिक्षा एवं समाज  के सरोकारों पर नियमित लेखन कर रहे हैं |

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