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भूख के दायरे

हरिद्वार
आज यूँ ही मैं हरिद्वार में कावंड यात्रियों के सैलाब को देखने निकला, हरिद्वार की अर्थव्यवस्था पर इनके आगमन का क्या प्रभाव पड़ा ये जानने के लिए कुछ दुकानदार भाइयों से बात भी की, मजेदार बात तो यह हुई कि एक दुकानदार सेल लगाकर बैठा था, मैं भी उत्सुकतावश वहाँ चला गया और देखा कि उसने भगवान की मूर्तियों की सेल लगा रखी है जिसमें सभी प्रकार के देवी देवता थे और एक के साथ एक फ्री बिक रहे थे, मैंने उससे कहा, “गुरु ये क्या कर रहे हो ?” तो उसने कहा, “भाई साहब कल शिवरात्री खत्म हो जाएगी और फिर ये यूँ ही बेकार पड़े रहेंगे, सारा इन्वेस्टमेंट बेकार हो जाएगा” . मैं सोचता हुआ बाहर निकल आया कि हर चीज महंगी हो रही है और भगवान एक के साथ एक फ्री, शायद भगवान भी भूख के दायरे से बाहर नहीं हैं .



यह रचना हरि प्रकाश दुबे जी द्वारा लिखी गयी है . आप वर्तमान में  महर्षि विद्या मंदिर स्कूल समूह के क्षेत्रीय कार्यालय हरिद्वार में “वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारी” के रूप में कार्यरत हैं . आप साहित्य की विभिन्न विधाओं में लेखनी चलाते हैं .
संपर्क सूत्र :-
मकान संख्या -337, MIG, विवेक विहार, रानीपुर मोड़, हरिद्वार , उत्तराखण्ड-249407
फ़ोन : 8126874444, 9413874444

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