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रवीन्द्रनाथ टैगोर

रवीन्द्रनाथ टैगोर
रवीन्द्रनाथ टैगोर
माँ भारती के वरद पुत्र ,कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म ७ मई ,१८६१ ई. में कलकत्ता के जोड़ासांकू में  प्रसिद्ध ठाकुर परिवार में हुआ था .इनके पिता का नाम देवेन्द्रनाथ ठाकुर एवं माता का नाम शारदा देवी था .ये अपने माता -पिता की चौदहवीं संतान थे . 

शिक्षा - 

बालक रविन्द्र की स्कूली शिक्षा ओरियंटल सेमिनरी ,नार्मल स्कूल ,बंगाल अकादमी तथा सेंट जेवियर्स में हुई .घर पर भी इनके लिए सुयोग्य शिक्षकों की व्यवस्था की गयी . १८७८ ने ये उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए . 

विवाह -

इनका विवाह ९ दिसंबर १८९३ ई. को मृणालिनी देवी के साथ हुआ . 

साहित्य सेवा - 

रवीन्द्रनाथ जन्म से प्रकृति के पुजारी एवं साहित्यकार थे .इनका झुकाव कविता की ओर था .इनकी पहली कविता 'अभिलाष' ,'तत्व बोधिनी' पत्रिका में छपी .ये बंगाल के शेली कहे जाते हैं . सन १९१३ ई. इनकी 'गीतांजलि' नमक काव्य पर नोबल पुरस्कार  मिला .इनकी प्रमुख रचना बलिदान ,चित्रंगदा ,सोनातरी ,चित्रा ,उर्वशी आदि है . 

देश भक्ति - 

रवीन्द्रनाथ एक सच्चे देश भक्त थे . गांधीजी के आन्दोलनों के साथ रवि बाबु का हार्दिक लगाव था . वे हिंदी मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक थे . जलियांवाला बाग़ हत्या से क्षुब्ध होकर इन्होने सर की उपधिका परित्याग कर दिया .इस प्रकार देश भक्ति इनका व्यसन नहीं स्वभाव था . 

मृत्यु  -

इनकी मृत्यु ७ अगस्त ,सन १९४१ ई. को कलकत्ता में हुई . 

उपसंहार - 

रवीन्द्रनाथ टैगोर मानवता के पुजारी थे . विश्व भारती एवं रविन्द्र भारती ,उनके आदर्शों का प्रतिक हैं . 

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