1
Advertisement

खाना

खाना
मैडम जी,खाना खाए जाऊ?
क्यूँ 6.30 बजे के बदले 7.30 में स्कूल आया है और अब खाना खाने जाएगा?
कि करू मैडम जी,माई दुसर लोगन के घरे से चउका-बरतन कक वापस लौटी तब न बसिया खाना लेके आई तबो न खाना मिली।
और मेरे सामने अपने बच्चों के ब्रेकफास्ट का तरह-तरह का खाना आ गया,साथ ही अपनी विवशता पर ऑसू !








यह रचना श्वेता सिंह चौहान जी द्वारा लिखी गयी है . आप अध्यापिका के रूप में कार्यरत है और स्वतंत्र रूप से लेखन कार्य में संलग्न हैं . 

एक टिप्पणी भेजें

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top