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दिल क्या करे

आरज़ू ए दिल से हारे क्या करें
 रितु कौशिक
 रितु कौशिक
खुद मरें या दिल को मारें,क्या करें

तू नहीं तो ज़िन्दगी में कुछ नहीं
ये हँसी दिलकश नज़ारे,क्या करें

हौसला लब खोलने का न हुआ
वो नहीं समझे इशारे,क्या करें

कट गई तूफ़ान में सारी हयात 
रास न आये किनारे,क्या करें

साथ तेरा है तो सब गुलज़ार है
वरना है ज़ाया बहारें,क्या करें
                                          



                                रितु कौशिक
                      मकान नम्बर-43स
                      प्रोफेसर कॉलोनी
                         आजा़द नगर,हिसार  
                                             

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