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हज़ार राहें

हज़ार राहें
नीरज का मुंह लटका था आज जी मैन का रिजल्ट आया था और वह क्वालीफाई नही कर सका था।
पिता ने उसकी मनोदशा समझ कर प्यार से कहा
सुनो बेटा तुम परीक्षा में असफल हो गए बस इतनी सी बात पर इतना दुख क्यों ?
"पापा मैंने कितनी मेहनत की और आपका कितना पैसा खर्च हो गया और ये रिजल्ट मैं बहुत शर्मिंदा हूँ पापा"लगभग सुबकते हुए नीरज ने कहा।
लेकिन मुझे बिल्कुल भी दुख नही है इन्फेक्ट में खुश हूं 
पापा ने लगभग मुस्कुराते हुए कहा
नीरज को बहुत आश्चर्य हो रहा था।
तुम्हे मालूम है नीरज आजकल देश मे बेरोजगार इंजीनियरों की संख्या करोड़ों में है।मुझे हमेशा डर लगता था कि उस संख्या में तुम भी शामिल न हो जाओ।
मेरा वह डर आज खत्म हो गया है।
इस परीक्षा से iit और nit और पैसे वाले इंजीनियर कालेज में दाखिला होता है।सोचो कितना खर्च कर तुम बेरोजगार होते तो मुझे कितना कष्ट होता। दाखले के बाद माँ बाप का खून पसीने का पैसा लगता है
और फिर बच्चा बेरोजगार होकर
3हज़ार की नौकरी के लिएदर दर भटकता है। 
पिता नीरज को बहुत गंभीरता से समझा रहे थे।और नीरज के सामने से जैसे एक एक कर सब पर्दे खुल रहे थे।
*अच्छा हुआ जो तुम्हारा उस परीक्षा में दाखिला नही हुआ।वरना तुम्हारी भी वही हालात होती जो आज करोड़ो बेरोजगार इंजीनियरों की हो रही है।*
अब मौका है कलेक्टर बनो पुलिस अधिकारी बनो बैंक अधिकारी बनो
अपना बिजिनेस करो।तुम्हारा भविष्य अब सुरक्षित है।हज़ारों राहें तुम्हे पुकार रहीं हैं।
उठो आगे बढ़ो ओर पूरे आसमान को अपनी बाहों में भर लो।
नीरज को लगा जैसे सारा आसमान उसकी और आ रहा है।
*पापा अब मैं आपको कुछ बनकर दिखाऊंगा*
कहकर नीरज पापा से लिपट गया।

यह रचना सुशील कुमार शर्मा जी द्वारा लिखी गयी है . आप व्यवहारिक भूगर्भ शास्त्र और अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक हैं। इसके साथ ही आपने बी.एड. की उपाध‍ि भी प्राप्त की है। आप वर्तमान में शासकीय आदर्श उच्च माध्य विद्यालय, गाडरवारा, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत हैं। आप एक उत्कृष्ट शिक्षा शास्त्री के आलावा सामाजिक एवं वैज्ञानिक मुद्दों पर चिंतन करने वाले लेखक के रूप में जाने जाते हैं| अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में शिक्षा से सम्बंधित आलेख प्रकाशित होते रहे हैं | अापकी रचनाएं समय-समय पर देशबंधु पत्र ,साईंटिफिक वर्ल्ड ,हिंदी वर्ल्ड, साहित्य शिल्पी ,रचना कार ,काव्यसागर, स्वर्गविभा एवं अन्य  वेबसाइटो पर एवं विभ‍िन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाश‍ित हो चुकी हैं।आपको विभिन्न सम्मानों से पुरुष्कृत किया जा चुका है जिनमे प्रमुख हैं :-
 1.विपिन जोशी रास्ट्रीय शिक्षक सम्मान "द्रोणाचार्य "सम्मान  2012
 2.उर्स कमेटी गाडरवारा द्वारा सद्भावना सम्मान 2007
 3.कुष्ट रोग उन्मूलन के लिए नरसिंहपुर जिला द्वारा सम्मान 2002
 4.नशामुक्ति अभियान के लिए सम्मानित 2009
इसके आलावा आप पर्यावरण ,विज्ञान, शिक्षा एवं समाज  के सरोकारों पर नियमित लेखन कर रहे हैं |

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