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निवास प्रमाण पत्र

residence certificate
"आओ नारद जी क्या खबर लाये पृथ्वी लोक से हमें हमारा रहने का निवास प्रमाण पत्र कब मिल रहा है?" नारद को आता देख भगवान राम चन्द्र जी ने कहा।
नारद जी बोले " महाराज आपका केस पृथ्वी लोक की सर्वोचय अदालत में था उसका फैसला है की आपका जन्मस्थान उसी टूटी जगह पर था या नही उसका फैसला दोनों विभिन्न धर्म के लोग मिल बेठकर बातचीत से करें।"
भगवान रामचन्द्र जी चिंतित स्वर में बोले " ये लोग मिलजुलकर बात करेंगे नही और इसका मतलब है की हमे अब ऐसे ही इधर उधर रहना पड़ेगा।"
"नहीं भगवन उस गाँव में अब एक नया सरपंच आया है और वो जरुर आपके रहने के स्थान के बारे में फैसला करेगा।" नारद जी बोले
"अच्छा फिर तो हमे जल्द अपना घर और उसका निवास प्रमाण पत्र जरुर मिल जायेगा" रामचंद्र जी खुश होकर बोले।
"जी महाराज" इतना कह नारद जी मुड़े और नारायण नारायण कहते हुए चल दिए। लेकिन वो मन ही मन बडबडा रहे थे " ये पृथ्वी वासी भगवान के घर को घर नही मान रहे तो आम मनुष्य का तो ये जीना हराम कर देते होंगे।"

नोट: उपरोक्त लेख का राम मन्दिर से कोई लेना देना नही है।

- राजेश मेहरा

09810933690

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  1. समझ आया कि आपका भाजपा, आर एस एस या विश्व हिदू परिषद से कोई नाता नहीं है.

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