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मेरी भूमिका

(अक्सर लोग विकास के क्रम में स्त्री की भूमिका को नगण्य समझते हैं।स्त्री के मनोभावों को प्रदर्शित करती कविता।)

सृष्टि के प्रथम सोपान से
आज के अविरल विकास महान तक।
मेरी भूमिका का संदर्भ
अहो!प्रश्न चिन्ह कितना दुखद।

सनातन संस्कृति का आरंभ
स्त्री
सृष्टि के प्रथम बीज का रोपण
मेरी गर्भनाल से प्रारम्भ।
आदि मानव की संगनी से लेकर
व्यस्ततम प्रगति सोपानों तक
मेरी भूमिका का संदर्भ
अहो!प्रश्न चिन्ह कितना दुखद।

ऋग्वेद से लेकर बाज़ारीकरण तक
कितनी अकेली मेरी अंतस यात्रा
हर समय सिर्फ त्याग और बलिदान।
न जी सकी कभी अपना काल
सदा बनती रही पूर्ण विराम।
विकास के अविरल पथ पर
मेरी भूमिका का संदर्भ
अहो!प्रश्न चिन्ह कितना दुखद।

मैं दुर्गा गार्गी मैत्रयी से लेकर
वर्तमान की अत्याधुनिक वेषधारी
कितनी असहनीय अमानवीय यात्रओं को सहती।
मेरे तन ने अनेक रूप बदले
मन लेकिन वही सात्विक शुद्ध
मानवीय मूल्यों को समेटे
नित नए संकल्पों में विकल्प ढूंढती
मेरी भूमिका का संदर्भ
अहो!प्रश्न चिन्ह कितना दुखद।

क्षितिज के पार महाकाश दृश्य
शब्दों सी स्वयं प्रकाशित स्वयं सिद्ध
काल की सीमाओं से परे मेरा व्यक्तित्व।
देश नही विश्व निर्माण में मेरा अस्तित्व।
मेरी भूमिका का संदर्भ
अहो!प्रश्न चिन्ह कितना दुखद।

हर युग हर काल में मेरा रुदन
विरोधाभास और विडम्बनाएं गहन
अंतस में होता हमेशा मेरे नव सृजन
हर देश हर काल का विकास पथ
है मेरे इतर शून्यतम।
मेरी भूमिका का संदर्भ
अहो!प्रश्न चिन्ह कितना दुखद।


यह रचना सुशील कुमार शर्मा जी द्वारा लिखी गयी है . आप व्यवहारिक भूगर्भ शास्त्र और अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक हैं। इसके साथ ही आपने बी.एड. की उपाध‍ि भी प्राप्त की है। आप वर्तमान में शासकीय आदर्श उच्च माध्य विद्यालय, गाडरवारा, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत हैं। आप एक उत्कृष्ट शिक्षा शास्त्री के आलावा सामाजिक एवं वैज्ञानिक मुद्दों पर चिंतन करने वाले लेखक के रूप में जाने जाते हैं| अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में शिक्षा से सम्बंधित आलेख प्रकाशित होते रहे हैं | अापकी रचनाएं समय-समय पर देशबंधु पत्र ,साईंटिफिक वर्ल्ड ,हिंदी वर्ल्ड, साहित्य शिल्पी ,रचना कार ,काव्यसागर, स्वर्गविभा एवं अन्य  वेबसाइटो पर एवं विभ‍िन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाश‍ित हो चुकी हैं।आपको विभिन्न सम्मानों से पुरुष्कृत किया जा चुका है जिनमे प्रमुख हैं :-
 1.विपिन जोशी रास्ट्रीय शिक्षक सम्मान "द्रोणाचार्य "सम्मान  2012
 2.उर्स कमेटी गाडरवारा द्वारा सद्भावना सम्मान 2007
 3.कुष्ट रोग उन्मूलन के लिए नरसिंहपुर जिला द्वारा सम्मान 2002
 4.नशामुक्ति अभियान के लिए सम्मानित 2009
इसके आलावा आप पर्यावरण ,विज्ञान, शिक्षा एवं समाज  के सरोकारों पर नियमित लेखन कर रहे हैं |

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