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आदमी की यात्रा 

संसद
एक दिन अचानक 17 शताब्दी का एक व्यक्ति जीवित हो गया ।
उसने सोचा चलो यात्रा पर चलते हैं, भारत देखते है !
किसी से पूछा - सबसे ज्यादा मजेदार जगह कौन सी है ? जिसे देखकर हंसी आये ।
उतर मिला -- जगह है संसद ,विधान सभा ! 
आदमी अपनी यात्रा के पहले पड़ाव  संसद पहुंचा ...
कुछ दृश्य उसने देखे ...।उसके समय में राजाओं के दरबार  होते थे -जहां बस राजा की वाह वाह होती थी । कोई बोला तो सर धड़ से अलग ! अब  के राजा कैसे होते हैं ? वो ये देखना चाहता था ।
संसद पहुंचा देखा ---भांति भांति के दलों के भांति के लोग ।
एक नेता ...तू भरष्ट है!!
दूसरा ..चल तूने भी तो " पुल निर्माण " में पैसा खाया !
हमारा "भरष्टाचार "हजारों का था ! तेरा करोड़ों का है !!!
दूसरा नेता ....तुम साम्प्रदायिक हो !
तीसरा ...तुम जातिवादी हो !
डॉ संगीता गांधी
डॉ संगीता गांधी 
बीच बीच में आवाज़ आ रही थी ..."कृपया बैठ जाइये "
बैठ कोई नहीं रहा था .....सब चिल्ला रहे थे .......
आदमी देख रहा था ! सोच रहा था ....."इंसान बंदर से विकसित हुआ था ! दुबारा बन्दर कैसे बन गया !!"
..उसका खूब मनोरंजन हुआ ! वो सोच रहा था कि स्वर्ग में सब कहते थे 17 शताब्दी से 21वीं शताब्दी आ गयी है ।धरती पर बड़ा विकास हुआ है ।
हिन्दुस्तान विश्व का सबसे बड़ा "लोकतंत्र " बन गया है । ये "विकास है "?  कल भी राजा लड़ते थे ,तब लड़ाई मैदानों में होती थी ।आज तो  "लोकतंत्र के मंदिर " में हो रही है । "गालियों से " ? 
आदमी यात्रा पर आगे बढ़ा ---रात हो चुकी है ।"संसद " अब बन्द है ।आदमी ने नया दृश्य देखा -------
...रात हो चुकी है .......सुबह जो नेता एक दूसरे को गालियां दे रहे थे ,लड़ रहे थे .......एक साथ बैठे है ! " 
आदमी ---देख कर हैरान है "...सब मस्त है ...खा पी रहे है ......जोर जोर से हंस रहे हैं .....
'किस पर' ?? हाहाहाहा ----देश की जनता पर ---- जो इन नेताओं के कारण लड़ती है ! इनकी बातों को " सिद्धान्त" की लड़ाई मानती है ......नेता हंस रहे है ....हाहाहाहा ..कहते है ...." हम सब मस्त है !ऐशपरस्त हैं  और जनता  जबरदस्त  'कम्बख्त ' है !! हाहाहा 
आदमी अपनी यात्रा छोड़ वापिस स्वर्ग लौट गया -- वो सोच रहा है क्या "अब हिंदुस्तान 'कम्बख़्त  है ?" 



डॉ संगीता गांधी 
एम् फिल ,पी एचडी
अध्यपिका और सामाजिक कार्यकर्ता ।

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