0
Advertisement

कथा या सत्यकथा

अक्सर जिसमें एक राजा होता है एक रानी होती है 
और बात बड़ी पुरानी होती है, 
समय बिताने के लिए जो सुनानी होती है 
वो कहानी होती है ।
हरीश कुमार
हरीश कुमार

राजा बड़ा वीर होता है
प्रजा के प्रति गंभीर होता है 
शासन का ज्ञान होता है
उसे अपने कुल पर बहुत अभिमान होता है ।

काल का चक्र होता है 
राजा के लिए वक्र होता है 
सिंहासन  का ध्यान होता है 
उत्तराधिकारी का भान होता है ।

दान किये जाते हैं 
पुण्य किये जाते हैं
हवन किये जाते हैं 
भ्रमण किये जाते हैं ।

बात कुछ ख़ास होती है 
पुत्र की आस होती है
वंश का अंश पाने को 
समस्त प्रयास होती है ।

कहीं दूर लेकिन फिर 
बिजली सी चमकती है
कोई साधु द्धार पर आया
नयी विश्वास जगती है ।

बहुत सत्कार होता है
भली प्रकार होता है 
एक आशीर्वाद की खातिर 
बहुत हाहाकार होता है ।

एक विश्वास के कमण्डल से 
अब कोई फल निकलता है
पूरे ब्रह्माण्ड की समस्या का 
यही बस हल निकलता है ।

वर का बल परखने को
पुनः प्रयास होता है
रानी गर्भ से राजन
और नवम मॉस होता है ।

समय पर राज करने को
किसीने पुत्र पाया है
समस्त संकट समस्या का 
आज कुछ हुआ सफाया है ।

राजा का धर्म होता है
शासन का मर्म होता है 
बिना विधाता के भला हिला कोई पर्ण
कहानी में हो सकता है पिता से भिन्न पुत्र का वर्ण ।

पुत्र के सम्मान की खातिर कोई युद्ध जरूरी हो
या विशेष शक्ति युक्त कोई अस्त्र शस्त्र  जरूरी हो 
राजा तो महान होना ही चाहिए  
भले ही कोई रणक्षेत्र जरूरी हो ।

जिसमें समस्त समस्या का समाधान हो
विपत्ति का पहले से ही आभान हो
नायक को कहानी में कहाँ क्षति होती है
यह बात ही तो कहानी में अति होती है ।

नायक को जनम मरण से मुक्त होना चाहिए
सोलह कलाओं से युक्त होना चाहिए
प्रेम रस परिपूर्ण जिसकी जवानी हो 
कर्णप्रिय जो लगे ऐसी कहानी हो ।

हर संकट में नायक का योगदान हो
छंद छंद में जिसका सदा गुणगान हो 
मन में रहे बस हर्ष न कोई व्यथा 
श्रोता बने सब भक्त सुनते ही ऐसी कथा ।

तोलो न सत्य से की ये बस एक कहानी है 
हमें तुमको सुनानी थी तुम्हें सबको सुनानी है 
आनंद ही आनंद हो ऐसे सुनानी है 
रहे बस इतना याद की ये बस एक कहानी है।

Writer:
Harish Kumar
Himsagar Apartments, P4 
Greater Noida
harishexc@gmail.com
Mob:-7827734101

एक टिप्पणी भेजें

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top