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चुप क्यूँ हो दो जवाब

हर सवाल का हो जवाब , ये जरूरी तो नहीं है ,
डॉ प्रमोद कुमार पुरी "मनमौजी "
डॉ प्रमोद कुमार पुरी "मनमौजी "
चुप क्यूँ हो दो जवाब ,कोई मजबूरी तो नहीं है !

आइना दिखाता फिरे , सबको चौक चौराहों पर  ,
ख़ुद पर बीते मुँह छुपाएं ,दम निकालें आहों पर ,
मिल न सके पास  होकर ,दिल में दूरी तो नहीं है !
चुप क्यूँ हो दो जवाब ....

तोहमतें लगाते रहे  ,जिंदगी भर तुम  औरों को ,
अपनों को भूलकर , बनाते अपना तुम गैरों को ,
सीधे मुँह ना  करते बात , मगरूरी  तो नहीं है !
चुप क्यूँ हो दो जवाब ....

चले गए सब छोड़ तुम्हें ,रह गए हो तुम अकेला ,
साथ यहाँ कौन तुम्हारे ,इस ढलती उम्र की बेला ,
आओ थामों हाथ मेरा , कोई मजबूरी तो नहीं है !
चुप क्यूँ हो दो जवाब ....

हर सवाल का हो जवाब ये जरूरी तो नहीं है !
चुप क्यूँ हो दो जवाब कोई मजबूरी तो नहीं है !!


डॉ प्रमोद कुमार पुरी "मनमौजी "
पैतृक निवास :- नसीरा मठिया ,कोहड़ा बाजार ,
छपरा ( बिहार )
वर्तमान निवास :- बिजवासन , नई दिल्ली -६१ ।

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