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तितली रानी

तितली रानी, तितली रानी 
कितनी प्यारी लगती हो तुम,

रंग बिरंगे जब पंख फैलाकर 
तितली रानी
फूल फूल पर मंडराती हो तुम,

इंद्रधनुष सा छटा बिखेर कर
उपवन में रंग भर जाती हो तुम,

बसंत आगमन की शुभ सूचना
जग वालों को दे जाती हो तुम,

उड़ती जाती हो जब बागियों में 
हम सब को खूब लुभाती हो तुम, 

पकड़ने जाते हैं बच्चे जब तुमको
झट से फिर उड़ जाती हो तुम,

जीवन है कितना रंग बिरंगा,
सब को सिखला जाती हो तुम,

संघर्ष से कभी न घबराना बच्चों,
सदा यह गीत गुनगुनाती हो तुम

-- शिवानी आर्या, हाथरस

काका हाथरस की धरती से संबंध रखने वाली शिवानी, वर्तमान में डीडी न्यूज़ की अंग्रेजी सेवा में कार्यरत हैं, परंतु मातृभाषा हिंदी से अगाध प्रेम है और इसी में कविता एवं कहानियां लिखती हैं .

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