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 हमारे नेतागण

                          
मैं समझ नहीं पाता,
क्यूं चुनाव आते ही नेता को हिन्दू मुस्लिम याद आता!
नेतागण

इंसान तो इंसान है न कोई उसकी पहचान,
फिर हिन्दू हो चाहे मुसलमान!

ये नेता हमको मूर्ख बनाते हैं,
हिन्दू मुस्लिम पर लोगों को बटवातें है!

लोगों को मूर्ख बनाकर,
बन्दर की भाँति रोटी साफ कर जाते है!

एक नेता को एक नेता जान सकता है,
आम आदमी नही पहचान सकता है!

सब चाहते मेरा देश हो सबसे महान,
फिर हिन्दू हो चाहे मुसलमान!

(२)नेता और धारा

हमारी राजनीति थोड़ी अलग तरह की है,
न हमने अनुच्छेद और न धारा पढ़ी है!
बस दुनिया से उलझते-उलझते एक दो रटी है,
फिर भी राजनेता है हम ही नंबर वन,
पूजा
पूजा 
नहीं तो दुनिया में मूर्खो की कमी नही है!

देखो जनता हम पर विशवास करती है,
क्योंकि उसने भी धारा नही पढ़ी है!
तभी तो सेवक नही ,
स्वामी की भाँति जी रहे है!
जनता के दिमाग में,
गुलामी अभी भी अटी पड़ी है!

तभी तो चाहे जो,
उनसे करवा सकते है हम!
और एक बार जो चुनाव जीते,
तो जीवनभर राज कर सकते हम!


नाम - पूजा 
रुचि-हिन्दी और बांग्ला साहित्य पढ़ना,लेखन कार्य
पता-बेहट,सहारनपुर(उत्तर प्रदेश)
शैक्षिक योग्यता- शिक्षा स्नातक और परास्नातक

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